{"_id":"5d302e748ebc3e6c990bc042","slug":"police-sent-to-acmo-kannoj-on-court-orders-in-mathura","type":"story","status":"publish","title_hn":"गवाही न देना कन्नौज के एसीएमओ को पड़ा महंगा, अदालत ने भेजा जेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गवाही न देना कन्नौज के एसीएमओ को पड़ा महंगा, अदालत ने भेजा जेल
Thu, 18 Jul 2019 02:06 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 18 Jul 2019 02:06 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कन्नौज के एसीएमओ को अदालत में गवाही न देना भारी पड़ गया। अदालत के आदेश पर मथुरा पुलिस ने बुधवार को एसीएमओ को जेल भेज दिया। दरअसल, हाईकोर्ट के निर्देश पर जानलेवा हमले के मामले की सुनवाई कोर्ट में चल रही है। पुलिस बहुत मुश्किल से चिकित्सक को गवाही के लिए कोर्ट तक लाई थी।
मामला 2014 का सींगू पट्टी, थाना मगोर्रा में जानलेवा हमले का था। इस मामले में तत्कालीन सरकारी चिकित्सक डॉ. ब्रह्मदेव ने गवाही दी थी। यह मामला हाईकोर्ट तक गया। हाईकोर्ट ने निर्देश दिए कि इस मामले की शीघ्र सुनवाई की जाए। अब एडीजे चतुर्थ अमर पाल सिंह की अदालत में सुनवाई चल रही थी।
केस सिर्फ चिकित्सक की गवाही पर ही अटका हुआ था। गवाह बने चिकित्सक की वर्तमान में कन्नौज में एसीएमओ के पद पर तैनाती बताई जाती है लेकिन चिकित्सक द्वारा कोर्ट के तमाम आदेशों को चकमा दिया जाता रहा। यहां तक कि पता भी बदल लिया। आखिर कार कोर्ट ने एसएसपी को निर्देश दिए कि चिकित्सक को गवाही के लिए पेश किया जाए।
विज्ञापन
पुलिस ने चिकित्सक को मोबाइल नंबर ट्रेस कर बुधवार को जब कोर्ट के समक्ष पेश किया तो उन्होंने गवाही देने से साफ मना कर दिया। आखिरकार न्यायालय ने चिकित्सक को जेल भेज दिया। अधिवक्ता श्याम बाबू गौतम ने बताया कि अदालत ने सरकारी चिकित्सक को जेल भेजा है।
विज्ञापन
मामला 2014 का सींगू पट्टी, थाना मगोर्रा में जानलेवा हमले का था। इस मामले में तत्कालीन सरकारी चिकित्सक डॉ. ब्रह्मदेव ने गवाही दी थी। यह मामला हाईकोर्ट तक गया। हाईकोर्ट ने निर्देश दिए कि इस मामले की शीघ्र सुनवाई की जाए। अब एडीजे चतुर्थ अमर पाल सिंह की अदालत में सुनवाई चल रही थी।
विज्ञापन
केस सिर्फ चिकित्सक की गवाही पर ही अटका हुआ था। गवाह बने चिकित्सक की वर्तमान में कन्नौज में एसीएमओ के पद पर तैनाती बताई जाती है लेकिन चिकित्सक द्वारा कोर्ट के तमाम आदेशों को चकमा दिया जाता रहा। यहां तक कि पता भी बदल लिया। आखिर कार कोर्ट ने एसएसपी को निर्देश दिए कि चिकित्सक को गवाही के लिए पेश किया जाए।
विज्ञापन
पुलिस ने चिकित्सक को मोबाइल नंबर ट्रेस कर बुधवार को जब कोर्ट के समक्ष पेश किया तो उन्होंने गवाही देने से साफ मना कर दिया। आखिरकार न्यायालय ने चिकित्सक को जेल भेज दिया। अधिवक्ता श्याम बाबू गौतम ने बताया कि अदालत ने सरकारी चिकित्सक को जेल भेजा है।