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शराब के लिए बवाल करने वाले एसएन के जूनियर डॉक्टरों पर बड़ी कार्रवाई, भेजे गए जेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Mon, 17 Sep 2018 07:38 AM IST
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15 जूनियर डॉक्टर भेजे गए जेल
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के 15 जूनियर डॉक्टरों को रविवार को बलवे के आरोप में 14 दिन के लिए जेल भेज दिया गया। शांति भंग की आशंका में 10 अन्य की गिरफ्तारी की गई। हालांकि, इन 10 को मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
एसएन के डॉक्टरों पर मारपीट, बलवा, पुलिस से भिड़ंत जैसे आरोप पहले भी लगे हैं। केस भी दर्ज किए गए लेकिन गिरफ्तारी की हिम्मत पुलिस ने पहली बार दिखाई है। इतना ही नहीं। एफआईआर में धाराएं भी इतनी संगीन लगाई हैं कि जेल गए डॉक्टरों को जमानत मिलना भी आसान नहीं होगा।
रिपोर्ट में लगी धाराओं में 147 और 149 बलवे की हैं। 323 मारपीट की है। 504 अपशब्द कहने की है। संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धारा 427 है। इमारत में घुसने की 452 और सरकारी काम में बाधा की 332 और 353 हैं। बलवे के मामले में लगाया जाने वाला सेवन क्रिमिनल लॉ एक्ट भी लगाया गया है।
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एसएन के डॉक्टरों पर मारपीट, बलवा, पुलिस से भिड़ंत जैसे आरोप पहले भी लगे हैं। केस भी दर्ज किए गए लेकिन गिरफ्तारी की हिम्मत पुलिस ने पहली बार दिखाई है। इतना ही नहीं। एफआईआर में धाराएं भी इतनी संगीन लगाई हैं कि जेल गए डॉक्टरों को जमानत मिलना भी आसान नहीं होगा।
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रिपोर्ट में लगी धाराओं में 147 और 149 बलवे की हैं। 323 मारपीट की है। 504 अपशब्द कहने की है। संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धारा 427 है। इमारत में घुसने की 452 और सरकारी काम में बाधा की 332 और 353 हैं। बलवे के मामले में लगाया जाने वाला सेवन क्रिमिनल लॉ एक्ट भी लगाया गया है।
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शराब के लिए किया बवाल
जूनियर डॉक्टरों ने शनिवार रात देहली गेट स्थित अशोका बार एंड रेस्टोरेंट में तोड़फोड़ की। पुलिसकर्मी पहुंची तो उन्हें भी बेरहमी से पीटा। जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ हरीपर्वत थाने में एफआईआर अशोका बार एंड रेस्टोरेंट के मैनेजर शिवाजी ओझा की ओर से दर्ज कराई गई है।
आरोप है कि बार बंद होने का समय (शनिवार रात 11:30 बजे) हो जाने के बाद जूनियर डॉक्टरों ने तंदूरी चिकन और शराब के पैग का ऑर्डर दिया। वेटर ने मना किया तो उसे पीटा, रेस्तरां में तोड़फोड़ की। मैनेजर ने पुलिस को बुलाया तो डॉक्टरों ने अपने साथी बुला लिए।
जूनियर डॉक्टरों ने एसआई योगेश कुमार और सिपाही अतुल को पीटा। रेस्तरां पर पथराव किया। एफआईआर में नौ जूनियर डॉक्टर नामजद और 30-40 अज्ञात में हैं। अज्ञात में से छह की पहचान कर ली गई। 15 जूनियर डॉक्टरों को गिरफ्तार कोर्ट में पेश किया गया। रिपोर्ट बलवा, मारपीट, सरकारी काम में बाधा की धाराएं और सेवन क्रिमिनल लॉ एक्ट में है।
आरोप है कि बार बंद होने का समय (शनिवार रात 11:30 बजे) हो जाने के बाद जूनियर डॉक्टरों ने तंदूरी चिकन और शराब के पैग का ऑर्डर दिया। वेटर ने मना किया तो उसे पीटा, रेस्तरां में तोड़फोड़ की। मैनेजर ने पुलिस को बुलाया तो डॉक्टरों ने अपने साथी बुला लिए।
जूनियर डॉक्टरों ने एसआई योगेश कुमार और सिपाही अतुल को पीटा। रेस्तरां पर पथराव किया। एफआईआर में नौ जूनियर डॉक्टर नामजद और 30-40 अज्ञात में हैं। अज्ञात में से छह की पहचान कर ली गई। 15 जूनियर डॉक्टरों को गिरफ्तार कोर्ट में पेश किया गया। रिपोर्ट बलवा, मारपीट, सरकारी काम में बाधा की धाराएं और सेवन क्रिमिनल लॉ एक्ट में है।
ये भेजे गए जेल
आरोपी जूनियर डॉक्टर
- फोटो : अमर उजाला
एसएन मेडिकल कॉलेज के जूनियर डाक्टरों पर मारपीट के आरोप तो कई बार लगे हैं लेकिन जेल पहली बार भेजे गए हैं। जेल भेजे गए जूनियर डॉक्टर वरुन (एसएन मेडिकल कॉलेज), जैतूल (राजवल, बिजनौर), सचिन (इजर, मुजफ्फरनगर), सुदांशू (चांदपुर, बिजनौर), सुनील (मरपत गेट, इलाहाबाद), कुलकेश कुमार (बसंतपुर, संबल), कृष्णकांत (फिरोजाबाद), आयुष कुमार और तुषार (मोतीकटरा, आगरा), अभीजीत, प्रत्यूष मिश्रा, अमित गौड़, श्यामेंद्र पाठक, रीतेश, पवन कुमार हैं।
वहीं अर्जुन उप्पल, रिषभ नायक, विकास मिश्रा, शैलेष वैश्य, विशाल कपूर, राजेंद्र सिंह, हितेश चौधरी, शुभम शर्मा, रोहित कुमार और दीपक दुबे इन पर शांति भंग की कार्रवाई की गई। जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ पुलिस ने कई साक्ष्य भी जुटाए हैं।
वहीं अर्जुन उप्पल, रिषभ नायक, विकास मिश्रा, शैलेष वैश्य, विशाल कपूर, राजेंद्र सिंह, हितेश चौधरी, शुभम शर्मा, रोहित कुमार और दीपक दुबे इन पर शांति भंग की कार्रवाई की गई। जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ पुलिस ने कई साक्ष्य भी जुटाए हैं।
इसलिए की गई कार्रवाई
इस संबंध में एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि जूनियर डॉक्टरों का रवैया ठीक नहीं रहा। उन्होंने शराब न मिलने पर पहले झगड़ा किया। इसके बाद तोड़फोड़ की। फिर पुलिसकर्मियों से मारपीट। यह पहला मौका नहीं है।
इससे पहले भी कई बार मारपीट कर चुके हैं। उन्होंने अपनी गलती नहीं मानी, उलटा धमकी देने लगे। ऐसे में कार्रवाई करना जरूरी था। अगर उनका ऐसा ही रवैया रहा तो पुलिस इसी तरह आगे भी कार्रवाई करेगी।
इससे पहले भी कई बार मारपीट कर चुके हैं। उन्होंने अपनी गलती नहीं मानी, उलटा धमकी देने लगे। ऐसे में कार्रवाई करना जरूरी था। अगर उनका ऐसा ही रवैया रहा तो पुलिस इसी तरह आगे भी कार्रवाई करेगी।