Agra: पुलिस की जांच झटपट... पीड़ित को ही बताया हमलावर, आरोपियों को दे दी क्लीन चिट
आगरा में पुलिस की झटपट अपनी जांच पूरी कर ली। इसके बाद पीड़ित को ही हमलावर बताया और आरोपियों को क्लीन चिट दे दी।
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उत्तर प्रदेश के आगरा में ऑटो पार्ट्स कारोबारी विजय अग्रवाल के घर में घुसकर किरायेदार बंधुओं के मारपीट प्रकरण में सिटीजन चार्टर की दुहाई देने वाली पुलिस ने रविवार को श्वेत पत्र जारी कर दिया। पुलिस ने दावा किया कि केमिस्ट बंधुओं के साथ मारपीट व्यापारी के परिजन ने की थी। जबकि, व्यापारी के घर की महिलाओं को चोट मारपीट में नहीं, बल्कि घर में गिरने से लगी है। 48 घंटे की जांच में ही आरोपी केमिस्ट बंधुओं को क्लीन चिट दे दी गई।
मामला हरीपर्वत थाना क्षेत्र के नेहरू नगर का है। यहां पुलिस ने अपने पत्र में कहा कि दो फरवरी की रात करीब 10 बजे विजय गोयल ने दो महिला और घर के दो अन्य पुरुषों के साथ थाना हरीपर्वत आकर सूचना दी कि सौरभ वर्मा, जोकि उनका किरायेदार है, उसने अपने 5-6 साथियों के साथ घर में घुसकर मारपीट की।
सौरभ विजय के मकान में कोने में बनी एक दुकान किराये पर लेकर मेडिकल स्टोर चलाते हैं। उस दुकान को खाली कराने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद है। इस विवाद को देखते हुए आसपास के सीसीटीवी फुटेज देखे गए। घटना के संबंध में लोगों से जानकारी की गई।
पीड़ित व्यापारी का मुकदमा लिखने के लिए 24 घंटे तक टहलाने वाली पुलिस ने 48 घंटे में किरायेदार व उसके 5-6 साथियों के साथ घर में घुसकर मारपीट के आरोपों को निराधार और असत्य बता दिया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से दावा किया कि विजय अग्रवाल व उनके परिजन ने मिलकर सौरभ को दुकान के सामने से सड़क से खींचकर अपने घर में ले जाकर मारपीट की। वहीं, महिलाओं को चोट गिरने से आई हैं।
सौरभ वर्मा की ओर से भी मारपीट और बंधक बनाने के संबंध में सूचना दी है। घटना की जांच थाना हरीपर्वत पर तैनात निरीक्षक अपराध रवींद्र कुमार राठी ने की। इसके बाद दोनों ओर से दी गई शिकायत पर एफआईआर दर्ज कराई गई। सिटीजन चार्टर के दृष्टिगत पुलिस की ओर से सार्थक प्रयास यह किया गया कि किसी के खिलाफ कोई गलत मुकदमा न लिखाया जाए। इस कारण से किरायेदारी के विवाद की पृष्ठभूमि की जांच करते हुए विधिक कार्रवाई की गई। साक्ष्य संकलन कर अग्रिम कार्रवाई होगी।
जवाब मांगते सवाल
- जब किरायेदार के साथ व्यापारी व उसके परिजन ने मारपीट की तो उस वक्त चौकी पुलिस मौके पर थी। वायरल वीडियो में स्पष्ट है कि घर के अंदर मारपीट हो रही है। इस दौरान महिलाएं भी हैं। यह तथ्य पुलिस को जांच में नजर आया या नहीं?
- पुलिस ने व्यापारी के घर की महिलाओं की चोटों को गिरने से आईं बताया है। यह कैसे स्पष्ट हुआ कि महिलाओं को गिरने से चोट लगी?
- पुलिस ने पूरे विवाद को दुकान मालिक व किरायेदार का विवाद बताकर जांच कर रही है, जबकि यह कोर्ट केस करीब 8 माह से चल रहा है?
- सीसीटीवी फुटेज के आधार पर केमिस्ट को खींचकर ले जाना बताया गया, जबकि फुटेज साफ नजर नहीं हैं। घर के अंदर का कोई फुटेज ऐसा नहीं है, जिसमें यह पता चल जाए कि मारपीट किसने की?