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शिकंजा: आगरा जोन में पुलिस ने तीन महीने में बरामद की 1.30 लाख लीटर अवैध शराब
Mon, 24 Jan 2022 02:39 PM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 24 Jan 2022 02:39 PM IST
सार
पुलिस ने तीन महीने में अलीगढ़ जिले में सबसे ज्यादा 44 हजार लीटर अवैध शराब पकड़ी है तो हाथरस में सबसे कम 2031 लीटर शराब बरामद हुई है।
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अवैध शराब (फाइल)
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
आगरा जोन में तीन महीने में 1.30 लाख लीटर शराब पुलिस पकड़ चुकी है। ये अवैध शराब विधानसभा चुनाव में खपाने की तैयारी थी। तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। मगर, अब भी तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं। अलीगढ़ में सबसे ज्यादा 44 हजार तो हाथरस में सबसे कम 2031 लीटर अवैध शराब पकड़ी जा चुकी है।
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पुलिस चुनाव से पहले से ही अवैध शराब पकड़ने को अभियान चला रही है। जिले की सीमाओं पर चेकिंग की जा रही है। इसी दौरान शराब तस्करी करने वाले पकड़े गए। एडीजी जोन राजीव कृष्ण ने बताया कि शराब की तस्करी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
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माफियाओं को चिह्नित करके गैंगस्टर एक्ट लगाया जा रहा है। यही वजह है कि अलीगढ़, एटा, फिरोजाबाद और मथुरा में सबसे ज्यादा शराब पकड़ी गई। इन जिलों के मुकाबले आगरा में कम शराब पकड़ी। 21 अक्तूबर 2021 से चले अभियान में 1.30 लाख लीटर शराब पकड़ी जा चुकी है।
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कार, कंटेनर और ट्रकों से तस्करी
तस्कर शराब की तस्करी कार, ट्रक और कंटेनर में करते हैं। हरियाणा से सस्ती शराब लेकर आते हैं। शराब की बोतलों पर यूपी का लेबल और बार कोड लगा दिया जाता है। इसके बाद ठेकों पर सप्लाई कर दी जाती है। कई बार गांव में खुले में बेच दी जाती है। सस्ती मिलने की वजह से लोग खरीद लेते हैं। शराब की तस्करी रोकने के लिए पुलिस अन्य राज्यों की पुलिस के साथ बैठक भी कर चुकी है।
इसके बावजूद तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं। मोटे मुनाफे के लालच में लोग यह काम कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि पुलिस ने तीन महीने में जितनी शराब पकड़ी है, उससे 130 घरों में लगीं एक-एक हजार लीटर की पानी की टंकी फुल हो जातीं।
यह हुई कार्रवाई
आगरा : 8007
मथुरा : 21106
फिरोजाबाद : 3238
मैनपुरी : 8429
अलीगढ़ : 44161
एटा : 39323
हाथरस : 2031
कासगंज : 4248
कुल : 130543 लीटर शराब
तस्कर शराब की तस्करी कार, ट्रक और कंटेनर में करते हैं। हरियाणा से सस्ती शराब लेकर आते हैं। शराब की बोतलों पर यूपी का लेबल और बार कोड लगा दिया जाता है। इसके बाद ठेकों पर सप्लाई कर दी जाती है। कई बार गांव में खुले में बेच दी जाती है। सस्ती मिलने की वजह से लोग खरीद लेते हैं। शराब की तस्करी रोकने के लिए पुलिस अन्य राज्यों की पुलिस के साथ बैठक भी कर चुकी है।
इसके बावजूद तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं। मोटे मुनाफे के लालच में लोग यह काम कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि पुलिस ने तीन महीने में जितनी शराब पकड़ी है, उससे 130 घरों में लगीं एक-एक हजार लीटर की पानी की टंकी फुल हो जातीं।
यह हुई कार्रवाई
आगरा : 8007
मथुरा : 21106
फिरोजाबाद : 3238
मैनपुरी : 8429
अलीगढ़ : 44161
एटा : 39323
हाथरस : 2031
कासगंज : 4248
कुल : 130543 लीटर शराब