फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Police Raid On Fake Mobil Oil Factory Send Jail Accused Crime News

काला कारोबार: दो साल में बेचा ढाई करोड़ का नकली मोबिल ऑयल, 12 जिलों में करते थे आपूर्ति

Mon, 07 Sep 2020 12:06 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Mon, 07 Sep 2020 12:06 AM IST
सार

एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि गैंग के सदस्य दिल्ली, हरियाणा और जयपुर के कुछ प्लांट से ड्रमों में मोबिल ऑयल लेकर आते थे।
पैकिंग मशीनें लगाकर एक, दो और पांच लीटर के डिब्बों में पैक करके नामी कंपनियों के स्टीकर लगा देते थे। 60 रुपये प्रति लीटर का
मोबिल ऑयल 200 रुपये प्रति लीटर तक बाजार में बेचते थे।

विज्ञापन
Police Raid On Fake Mobil Oil Factory Send Jail Accused Crime News
ताजगंज में नकली मोबिल तेल बनाने वाले कारखाने का भंडाभोड़ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में नकली मोबिल ऑयल का कारोबार बड़े स्तर पर किया जा रहा था। एत्माद्दौला के हनुमान नगर और ताजगंज के नीति बाग में पकड़े गए दो कारखानों के आरोपियों ने दो साल में 2.40 करोड़ का नकली मोबिल ऑयल बाजार में बेच दिया। इसकी 12 जिलों में आपूर्ति की जाती थी। इससे 1.20 करोड़ रुपये की कमाई हुई जिसे सरगना आपस में बांट लेते थे। यह खुलासा आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में किया है।
विज्ञापन


शनिवार को थाना एत्माद्दौला पुलिस ने हनुमान नगर स्थित देवदत्त के मकान में नकली मोबिल ऑयल बनाने की फैक्टरी पर छापा मारकर छह लोगों को गिरफ्तार किया था। ताजगंज के नीति बाग में दबिश देकर एक घर से मिलावटी ऑयल, डिब्बे और पैकिंग का सामान बरामद किया था। यहां से पुलिस ने दो लोग गिरफ्तार किए थे।
विज्ञापन


एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि गैंग के सदस्य दिल्ली, हरियाणा और जयपुर के कुछ प्लांट से ड्रमों में मोबिल ऑयल लेकर आते थे। पैकिंग मशीनें लगाकर एक, दो और पांच लीटर के डिब्बों में पैक करके नामी कंपनियों के स्टीकर लगा देते थे। 60 रुपये प्रति लीटर का मोबिल ऑयल 200 रुपये प्रति लीटर तक बाजार में बेचते थे। दो साल से आरोपी यह काम करने में लगे थे। हर महीने करीब दस लाख का ऑयल बेचते थे। आमिर गैंग का सरगना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

ट्रांसपोर्ट कंपनी के माध्यम से कार्टन में डिब्बे रखकर ले जाते थे
पुलिस ने बताया कि आरोपी आगरा के बाहरी क्षेत्रों और देहात की दुकानों पर नकली मोबिल ऑयल की आपूर्ति करते थे। इसके अलावा उनके संपर्क में गाजीपुर, फैजाबाद, एटा, बलरामपुर, मऊ, कासगंज, मैनपुरी, फिरोजाबाद, इटावा, मथुरा, अकबरपुर के व्यापारी थे। यह लोग ट्रांसपोर्ट कंपनी के माध्यम से कार्टन में डिब्बे रखकर ले जाते थे। नकली मोबिल ऑयल को खरीदने वाले भी पुलिस के निशाने पर हैं। उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।

इनकी हुई गिरफ्तारी 
. इमरान निवासी पंजा मदरसा, छत्ता। 
. अफजल निवासी गढ़ी चांदनी, एत्माद्दौला। 
. आमिर निवासी हरी नगर, सदर (मुख्य आरोपी)।
. बॉबी निवासी सिंधी गली, छत्ता। 
. मुन्ना उर्फ गुलरेज निवासी सिंधी गली। 
. हरेंद्र रावत निवासी कृष्णा पुरी, शमसाबाद रोड। 
. यासीन निवासी सिंधी बाजार, कोतवाली। 
. इमरान निवासी सिंधी बाजार। 

यह करते थे काम
आरोपी हरेंद्र रावत कंपनी से तेल लाता था। फरार आरोपी बाबूदीन भी साथ काम करता था। बॉबी पैकिंग का सामान लेकर आता था। मुन्ना बाजार में माल बेचता था। आमिर पैकिंग कराता था। अफजल मजदूर है। नीति बाग में चिरागुद्दीन, नवाबुद्दीन और याशीन यह काम कर रहे थे। 

यह हुई बरामदगी 
एत्माद्दौला पुलिस ने 1.19 लाख रुपये, हीरो 4टी बाइक इंजन ऑयल की 18 पेटी, गल्फ का नौ पेटी, टार्क गार्ड का 11 पेटी, महिंद्रा मैक्सीमाइन का तीन पेटी, सर्वो प्राइड के 35 डिब्बे (एक लीटर) व तीन डिब्बे (दस-दस लीटर), सर्वो गीयर एचपी पांच-पांच लीटर के सात डिब्बे, सर्वो प्राइड के पांच-पांच लीटर के छह डिब्बे, छह ड्रम सहित लाखों रुपये का इंजन ऑयल बरामद किया।

वहीं स्टीकर, खाली डिब्बे, सौ ढक्कन, इलेक्ट्रानिक सीलिंग मशीन, पंप आयल मशीन, कीप, टेप आदि सामान मिला। इसी तरह थाना ताजगंज पुलिस ने लाखों के ऑयल के अलावा रैपर, स्टीकर, ढक्कन आदि सामान बरामद किया।


ट्रांसपोर्ट कंपनियों को देनी होगी जानकारी
सीओ छत्ता विकास जायसवाल ने बताया कि नकली मोबिल ऑयल ट्रांसपोर्ट कंपनी पर बुकिंग के बाद ट्रकों से दूसरे जिलों में भेजा जाता था। अब पुलिस की ओर से ट्रांसपोर्ट कंपनियों को पत्र लिखा जाएगा। यदि उनकी कंपनी से कोई व्यक्ति मोबिल ऑयल भेजता है तो इसकी जानकारी पुलिस को देना अनिवार्य होगा। यह भी बताना होगा कि माल कहां से लोड हुआ, किसने लोड कराया है। उसकी पूरी डिटेल देनी होगी।

इंजन सीज कर देता है नकली ऑयल
शहर के मोटर कारीगर शकील ने बताया कि असली मोबिल ऑयल में ल्यूब्रीकेंट्स होते हैं। इससे इंजन का पिस्टन आसानी से काम करता है। चिकनाई बनी रहती है। यदि मोबिल ऑयल नकली होगा तो उसमें ल्यूब्रीकेंट्स नहीं होंगे। ऐसे में पिस्टन को चिकनाई नहीं मिलेगी। इससे वह जाम हो जाएगा। पूरा इंजन खराब हो सकता है, इसलिए ऑयल दोबारा डालना पड़ता है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed