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सराफ हत्याकांडः काम आई डीजीपी की सख्ती, तीन दिन में कर दिया खुलासा
टीम डिजिटल आगरा/मथुरा
Updated Sat, 20 May 2017 03:06 PM IST
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डीजीपी सुलखान सिंह
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मथुरा के सराफ हत्याकांड को लेकर यूपी के पुलिस महानिदेशक सुलखान सिंह की सख्ती भी काफी काम आई। 17 मई को मथुरा आने के बाद उन्होंने खुद पूरे दिन यहां रुककर इस हत्याकांड की समीक्षा की। इसके बाद दूसरे दिन वे आगरा में बहुत जल्द मथुरा की घटना के खुलासे की बात कह गए थे।
उसी का नतीजा यह हुआ कि डीजीपी के आने के तीसरे दिन पुलिस अंजाम तक पहुंच गई और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
डीजीपी सुलखान सिंह ने गुरुवार 18 मई को आगरा में रेंज के चारों जिलों की कानून व्यवस्था की समीक्षा के बाद मीडिया से रूबरू होने के दौरान कहा था कि प्रदेश में पुलिसिंग को बेहतर करने के लिए अफसरों को बदला जा रहा है। इसका नतीजा जल्द सामने आएगा। निचले स्तर पर भी बदलाव किए जाएंगे। तीन दिन में सारे परिवर्तन दिखाई देंगे।
जब डीजीपी से पूछा गया कि क्या पुलिस में कमियां हैं, जो अपराध रुक नहीं रहा, तो उन्होंने जवाब दिया, हां पुलिस में कमिया हैं, लेकिन यह विभागीय मामला है, इसे सार्वजनिक नहीं करेंगे। कमियों को दूर करेंगे। इस दौरान मथुरा हत्याकांड को लेकर पूछे गए सवाल में डीजीपी ने कहा कि सराफ हत्याकांड को लेकर अहम सुराग हाथ लग गए हैं। जल्द ही खुलासा हो जाएगा।
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इसमें समय को लेकर पूछे गए सवाल में डीजीपी ने तीन दिन से भी कम समय में घटना के खुलासे की बात कही। इसी का असर यह हुआ कि 20 मई की सुबह सात बजे मथुरा पुलिस ने हत्या और लूटकांड में शामिल बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।
बता दें कि आगरा जोन में भी एडीजी, आईजी और मथुरा एसएसपी की हत्याकांड से एक दिन पहले ही तैनाती हुई थी। मथुरा के एसएसपी विनोद कुमार मिश्र ने तो हत्याकांड वाले दिन ही ज्वाइन किया। इधर एडीजी आगरा अजय आनंद 15 मई की शाम को आगरा पहुंचे थे और रात में हत्याकांड की सूचना पर वे मथुरा चले गए। ऐसे में इन अफसरों के लिए भी यह हत्या और लूटकांड चुनौती भरा रहा। हालांकि मथुरा पुलिस के खुलासे के बाद डीजीपी के दावे और जनता के बीच पुलिस की साख दोनों बच गए।
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उसी का नतीजा यह हुआ कि डीजीपी के आने के तीसरे दिन पुलिस अंजाम तक पहुंच गई और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
डीजीपी सुलखान सिंह ने गुरुवार 18 मई को आगरा में रेंज के चारों जिलों की कानून व्यवस्था की समीक्षा के बाद मीडिया से रूबरू होने के दौरान कहा था कि प्रदेश में पुलिसिंग को बेहतर करने के लिए अफसरों को बदला जा रहा है। इसका नतीजा जल्द सामने आएगा। निचले स्तर पर भी बदलाव किए जाएंगे। तीन दिन में सारे परिवर्तन दिखाई देंगे।
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जब डीजीपी से पूछा गया कि क्या पुलिस में कमियां हैं, जो अपराध रुक नहीं रहा, तो उन्होंने जवाब दिया, हां पुलिस में कमिया हैं, लेकिन यह विभागीय मामला है, इसे सार्वजनिक नहीं करेंगे। कमियों को दूर करेंगे। इस दौरान मथुरा हत्याकांड को लेकर पूछे गए सवाल में डीजीपी ने कहा कि सराफ हत्याकांड को लेकर अहम सुराग हाथ लग गए हैं। जल्द ही खुलासा हो जाएगा।
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इसमें समय को लेकर पूछे गए सवाल में डीजीपी ने तीन दिन से भी कम समय में घटना के खुलासे की बात कही। इसी का असर यह हुआ कि 20 मई की सुबह सात बजे मथुरा पुलिस ने हत्या और लूटकांड में शामिल बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।
बता दें कि आगरा जोन में भी एडीजी, आईजी और मथुरा एसएसपी की हत्याकांड से एक दिन पहले ही तैनाती हुई थी। मथुरा के एसएसपी विनोद कुमार मिश्र ने तो हत्याकांड वाले दिन ही ज्वाइन किया। इधर एडीजी आगरा अजय आनंद 15 मई की शाम को आगरा पहुंचे थे और रात में हत्याकांड की सूचना पर वे मथुरा चले गए। ऐसे में इन अफसरों के लिए भी यह हत्या और लूटकांड चुनौती भरा रहा। हालांकि मथुरा पुलिस के खुलासे के बाद डीजीपी के दावे और जनता के बीच पुलिस की साख दोनों बच गए।