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आगरा में पढ़ने वाले कश्मीरी छात्रों पर खुफिया नजर, पुलिस ने कॉलेजों से मांगा ब्योरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Sun, 04 Nov 2018 11:12 PM IST
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UP Police
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पहले अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एमएमयू) का छात्र अब्दुल मन्नान वानी आतंकी बना। इसके बाद नोएडा के एक प्राइवेट विश्वविद्यालय के छात्र एहतेशाम बिलाल ने आतंक का रास्ता चुना। इन दो मामलों के बाद खुफिया पुलिस चौकन्ना हुई है।
आगरा के निजी और सरकारी संस्थानों में पढ़ रहे कश्मीरी छात्रों की गतिविधियों पर अब नजर रखी जा रही है। खासकर उनके मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। कॉलेजों से उनके छुट्टी पर जाने और वापस आने के बारे में भी ब्योरा तलब किया गया है।
यह भी मालूम किया जा रहा है कि किस किस मदरसे में कश्मीरी छात्र पढ़ते हैं। इनके नाम-पते मालूम कर जम्मू-कश्मीर पुलिस के पास भेजे जाएंगे। वहां से इन्हें तसदीक कराया जाएगा। पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि आगरा जोन में खास अलर्ट है।
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आगरा के निजी और सरकारी संस्थानों में पढ़ रहे कश्मीरी छात्रों की गतिविधियों पर अब नजर रखी जा रही है। खासकर उनके मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। कॉलेजों से उनके छुट्टी पर जाने और वापस आने के बारे में भी ब्योरा तलब किया गया है।
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यह भी मालूम किया जा रहा है कि किस किस मदरसे में कश्मीरी छात्र पढ़ते हैं। इनके नाम-पते मालूम कर जम्मू-कश्मीर पुलिस के पास भेजे जाएंगे। वहां से इन्हें तसदीक कराया जाएगा। पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि आगरा जोन में खास अलर्ट है।
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बरती जा रही चौकसी
इसका कारण यह है कि यहां पूर्व में सिमी का नेटवर्क रहा है। कश्मीर में आतंकी अब्दुल मन्नान वानी के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद एएमयू में शोकसभा की गई थी। इस पर भी खुफिया एजेंसियों के पसीने छूट गए थे।
कोई और छात्र न भटक जाए, इस कारण से यह चौकसी बरती जा रही है। इसमें खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां दोनों लगी हैं। छात्रों के मोबाइल नंबर ले लिए गए हैं। कुछ को एहतियातन सर्विलांस पर भी रखा गया है। आगरा में भी कई संस्थानों में कश्मीरी छात्र शिक्षा लेते रहे हैं।
उन लोगों पर भी नजर रखी रही है जो कश्मीर से शॉल और ड्राई फ्रूट्स बेचने आते हैं। इन लोगों के लिए इनके पास पहचान पत्र रखना अनिवार्य कर दिया गया है। इनके नाम-पते नोट कर तस्दीक कराए जाएंगे। हर महीने होने वाली सुरक्षा संबंधी मीटिंग में डीएम और एसएसपी भी इन मसलों पर समीक्षा करेंगे।
कोई और छात्र न भटक जाए, इस कारण से यह चौकसी बरती जा रही है। इसमें खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां दोनों लगी हैं। छात्रों के मोबाइल नंबर ले लिए गए हैं। कुछ को एहतियातन सर्विलांस पर भी रखा गया है। आगरा में भी कई संस्थानों में कश्मीरी छात्र शिक्षा लेते रहे हैं।
उन लोगों पर भी नजर रखी रही है जो कश्मीर से शॉल और ड्राई फ्रूट्स बेचने आते हैं। इन लोगों के लिए इनके पास पहचान पत्र रखना अनिवार्य कर दिया गया है। इनके नाम-पते नोट कर तस्दीक कराए जाएंगे। हर महीने होने वाली सुरक्षा संबंधी मीटिंग में डीएम और एसएसपी भी इन मसलों पर समीक्षा करेंगे।