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सत्ता की हनक में दबा गया काले तेल का काला कारोबार, अब तक कार्रवाई नहीं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला एटा
Updated Wed, 17 Oct 2018 02:52 AM IST
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फाइल फोटो
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एटा जिले में सत्ता की हनक में काले तेल के खेल को प्रशासन ने दबा दिया है। मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। सूत्र बताते हैं कि सत्ता के दबाव में प्रशासन ने काले तेल के सौदागर तक पहुंचने के बाद भी अपने हाथ खींच लिए और कार्रवाई के नाम पर महज रिपोर्ट दर्ज करा दी।
काले तेल मामले की छानबीन के दौरान अमर उजाला को एक वीडियो मिला, जिसमें प्रशासन ने काले तेल के मामले को लेकर काफी खुलासे किए हैं। दरअसल, 12 अक्तूबर को रात में डीएम के निर्देश पर एएसडीएम विनीत उपाध्याय और एएसडीएम नंदलाल वर्मा ने जीटी रोड स्थित मां पूर्णागिरि कोल्ड स्टोर पर कार्रवाई कराते हुए काले तेल से भरे दो टैंकर और चार ड्रम बरामद किए थे।
इस दौरान प्रशासन ने महज ड्रम और टैंकरों में भरे पदार्थ के सैंपल भरवाए। साथ ही दो दिन बाद कोल्ड स्टोर प्रबंध तंत्र के नाम पर रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। वहीं प्रशासन मामले की छानबीन का दावा करता रहा और काले तेल के सौदागर को बचाता रहा।
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काले तेल मामले की छानबीन के दौरान अमर उजाला को एक वीडियो मिला, जिसमें प्रशासन ने काले तेल के मामले को लेकर काफी खुलासे किए हैं। दरअसल, 12 अक्तूबर को रात में डीएम के निर्देश पर एएसडीएम विनीत उपाध्याय और एएसडीएम नंदलाल वर्मा ने जीटी रोड स्थित मां पूर्णागिरि कोल्ड स्टोर पर कार्रवाई कराते हुए काले तेल से भरे दो टैंकर और चार ड्रम बरामद किए थे।
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इस दौरान प्रशासन ने महज ड्रम और टैंकरों में भरे पदार्थ के सैंपल भरवाए। साथ ही दो दिन बाद कोल्ड स्टोर प्रबंध तंत्र के नाम पर रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। वहीं प्रशासन मामले की छानबीन का दावा करता रहा और काले तेल के सौदागर को बचाता रहा।
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भाजपा नेता के हैं टैंकर
मामले की पड़ताल के दौरान अमर उजाला को एक वीडियो मिला, जिसमें एएसडीएम विनीत उपाध्याय ने खुद यह कहा है कि टैंकर जिसके भी हैं, वह शख्स कार्रवाई के वक्त मौके पर मौजूद है। साथ ही उस शख्स ने माना है कि यह टैंकर उसके हैं। जिसमें काले तेल से नकली बिटुमिन बनाया जा रहा था।
साथ ही उन्होंने वीडियो में यह भी जिक्र किया है कि कागजों को दिखाने में वह शख्स असफल रहा। वीडियो में एएसडीएम ने उस शख्स का बयान भी लिया है। जिसमें वो स्वीकार कर रहा है कि टैंकर उसके हैं। ऐसे में सवाल है कि जब यह साफ हो गया कि टैंकर किसके हैं, तो क्यों प्रशासन कार्रवाई से पीछे हट गया?
टैंकर अपने होने की बात को स्वीकार करने वाले भाजपा नेता हैं। पिछले दिनों हुए बड़े महोत्सव में उन्होंने ऊंची बोली लगाकर सबको चौंका दिया था। उनके भाजपा के शीर्ष नेताओं से अच्छे संबंध हैं। इसके चलते प्रशासन कार्रवाई से पीछे हट गया है। साफ है कि सत्ता के आगे अफसरशाही हमेशा की तरह एक बार फिर सिर झुकाए है।
बताया जाता है कि काले तेल के टैंकर दिल्ली से चलकर एटा में किसी अन्य जगह पर पहुंचने थे। ई-वेबिल में भी जिस फर्म के लिए टैंकर जा रहे थे, वे वहां पहुंचे ही नहीं। ऐसे में प्रशासन भाजपा नेता को बचाने की पूरी तैयारी कर चुका है।
साथ ही उन्होंने वीडियो में यह भी जिक्र किया है कि कागजों को दिखाने में वह शख्स असफल रहा। वीडियो में एएसडीएम ने उस शख्स का बयान भी लिया है। जिसमें वो स्वीकार कर रहा है कि टैंकर उसके हैं। ऐसे में सवाल है कि जब यह साफ हो गया कि टैंकर किसके हैं, तो क्यों प्रशासन कार्रवाई से पीछे हट गया?
टैंकर अपने होने की बात को स्वीकार करने वाले भाजपा नेता हैं। पिछले दिनों हुए बड़े महोत्सव में उन्होंने ऊंची बोली लगाकर सबको चौंका दिया था। उनके भाजपा के शीर्ष नेताओं से अच्छे संबंध हैं। इसके चलते प्रशासन कार्रवाई से पीछे हट गया है। साफ है कि सत्ता के आगे अफसरशाही हमेशा की तरह एक बार फिर सिर झुकाए है।
बताया जाता है कि काले तेल के टैंकर दिल्ली से चलकर एटा में किसी अन्य जगह पर पहुंचने थे। ई-वेबिल में भी जिस फर्म के लिए टैंकर जा रहे थे, वे वहां पहुंचे ही नहीं। ऐसे में प्रशासन भाजपा नेता को बचाने की पूरी तैयारी कर चुका है।