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अमृत महोत्सव में कवियों ने बांधा समां
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नामनेर स्थित दुर्गा माता मंदिर में संस्कार भारती की ओर से आयोजित कवि सम्मेलन में काव्य पाठ करते क
- फोटो : Agra City
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आगरा। स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव की के अंतर्गत संस्कार भारती आगरा छावनी की ओर से रविवार को नामनेर स्थित दुर्गा मंदिर में चेतना के स्वर कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।
कवि डॉ. राजकुमार रंजन की कविता ये नई सदी का भारत है। आन्दोलित कोना कोना है.. पर जमकर तालियां बजीं। कवि सुशील सरित की कविता ऽअधर मधुर है, बदन मधुर है... को काफी सराहा गया।
निशिराज ने अपनी कविता ‘ए मेरे वतन, वतन मेरे वतन...’ पर खूब तालियां बजीं। अध्यक्षीय काव्य पाठ करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राजेंद्र मिलन ने की कविता ‘पानी में इसके प्रज्ज्वलित है देश प्रेम की ज्वाला...’ ने कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। डॉ. रमेश आनंद की कविता ‘शपथ मुझे है धरती माँ की, नहीं जंग मैं होने दूंगा...’ श्रोताओं का काफी पसंद आई। कवि शिव शंकर सहज की कविता को भी श्रोताओं ने काफी पसंद किया।
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इस दौरान संस्कार भारती के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बांकेलाल गौड़, अखिल भारतीय साहित्य प्रमुख राज बहादुर सिंह राज सुभाष चंद्र अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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कवि डॉ. राजकुमार रंजन की कविता ये नई सदी का भारत है। आन्दोलित कोना कोना है.. पर जमकर तालियां बजीं। कवि सुशील सरित की कविता ऽअधर मधुर है, बदन मधुर है... को काफी सराहा गया।
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निशिराज ने अपनी कविता ‘ए मेरे वतन, वतन मेरे वतन...’ पर खूब तालियां बजीं। अध्यक्षीय काव्य पाठ करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राजेंद्र मिलन ने की कविता ‘पानी में इसके प्रज्ज्वलित है देश प्रेम की ज्वाला...’ ने कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। डॉ. रमेश आनंद की कविता ‘शपथ मुझे है धरती माँ की, नहीं जंग मैं होने दूंगा...’ श्रोताओं का काफी पसंद आई। कवि शिव शंकर सहज की कविता को भी श्रोताओं ने काफी पसंद किया।
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इस दौरान संस्कार भारती के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बांकेलाल गौड़, अखिल भारतीय साहित्य प्रमुख राज बहादुर सिंह राज सुभाष चंद्र अग्रवाल आदि मौजूद रहे।