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पीएम आवास योजना के बाद भी टूटे आशियाने में रह रही वृद्धा
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सकीट में महिला को अभी तक नहीं मिला पीएम आवास टूटे फूटे घर में कर रही गुजर- अमर उजाला
- फोटो : ETAH
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सकीट/एटा। एक ओर सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना चलाकर गरीबों को छत मुहैया करा रही है, लेकिन जिले के गरीबों के लिए आवास योजना बेमानी है। सकीट की एक गरीब और विधवा महिला की जिंदगानी टूटे आशियाने में गुजर रही है। महिला ने कई बार अधिकारियों से मकान की फरियाद की, लेकिन किसी ने गौर नहीं किया। आलम यह है कि बारिश में महिला तिरपाल लगाकर सिर छिपा रही है।
सकीट के मोहल्ला कायस्थान निवासी विधवा माया देवी पत्नी स्व.झाऊ लाल का कोई सहारा नहीं है। जिस कच्चे मकान में रहती हैं वो भी भरभरा कर गिर गया है। घर में ऐसी जगह नहीं बची है जिसमें महिला अपना सिर छिपा सके। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि बारिश का पानी घर में भर जाता है।
महिला पॉलिथीन लगाकर खाना पीने का सामान ढककर काम चला रही है। माया देवी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कई बार फार्म भरे गए हैं, लेकिन गरीब की किसी ने नहीं सुनी। सकीट चेयरमैन के पास जाकर कई बार आवास योजना के लिए फरियाद की। लेकिन हर जगह से दुत्कार मिली। महिला ने बताया कि मेरा एक बेटा और दो बेटियां हैं। बेटा छोड़कर चला गया है। बेटियों की शादी कर दी है। घर गिरने के बाद से महिला बेहद परेशान है।
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सकीट के मोहल्ला कायस्थान निवासी विधवा माया देवी पत्नी स्व.झाऊ लाल का कोई सहारा नहीं है। जिस कच्चे मकान में रहती हैं वो भी भरभरा कर गिर गया है। घर में ऐसी जगह नहीं बची है जिसमें महिला अपना सिर छिपा सके। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि बारिश का पानी घर में भर जाता है।
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महिला पॉलिथीन लगाकर खाना पीने का सामान ढककर काम चला रही है। माया देवी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कई बार फार्म भरे गए हैं, लेकिन गरीब की किसी ने नहीं सुनी। सकीट चेयरमैन के पास जाकर कई बार आवास योजना के लिए फरियाद की। लेकिन हर जगह से दुत्कार मिली। महिला ने बताया कि मेरा एक बेटा और दो बेटियां हैं। बेटा छोड़कर चला गया है। बेटियों की शादी कर दी है। घर गिरने के बाद से महिला बेहद परेशान है।
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