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पौधरोपण तो बढ़ा, लेकिन वन क्षेत्र घटा
अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 01 Jul 2016 02:05 AM IST
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पाौधाराोपण
- फोटो : अमर उजाला
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वन विभागों के आंकड़े ही बयां कर रहे हकीकत
पौधरोपण तो बढ़ा, लेकिन वन क्षेत्र घटा
ताज के नाम पर सिर्फ कागज में हो रही खानापूर्ति
राजीव शर्मा
विश्वदाय स्मारक ताजमहल को प्रदूषण से बचाने के लिए सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) और प्रदेश सरकार के लाख प्रयासों के उलट शहर में हरियाली कम हुई है। इस सच्चाई से कोई और नहीं खुद वन विभाग के आंकड़े पर्दा उठा रहे हैं। पिछले सालों में शहर का वन क्षेत्र घटने से ताजमहल पर प्रदूषण भी बढ़ा है।
वन विभाग की वर्ष 2013-14 के आंकड़ों के आधार पर पिछले साल जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक, जिले के 4,027 वर्ग किमी के भौगोलिक क्षेत्र का सिर्फ 6.78 प्रतिशत भाग ही वन क्षेत्र है। जबकि वर्ष 2011 में यह 6.85 प्रतिशत था। रिपोर्ट के मुताबिक, 0.7 फीसदी वन क्षेत्र कम हुआ है। जिले के 273 वन क्षेत्रों में से एक भी घना वन क्षेत्र नहीं है। जबकि औद्योगिक क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने वाले फीरोजाबाद जिले में वर्ष 2011 की अपेक्षा वर्ष 2013-14 में 0.38 फीसदी वन क्षेत्र बढ़ा है। हालांकि मैनपुरी में हरियाली का स्तर स्थिर। मथुरा में भी 0.06 फीसदी वन क्षेत्र कम हुआ है। हालांकि इस बार जिले में अब तक सबसे अधिक पौधे रोपे जाएंगे।
ताज पर बढ़ रहा प्रदूषण
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, पिछले चार सालों में ताजमहल पर प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ा है। जानकारों की मानें तो यह हरियाली कम होने का ही नतीजा है। सरकारी स्तर पर दावे तो खूब किए गए लेकिन इन पर अमल नहीं किया गया।
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पौधरोपण की फिर तारीख बदली
डीएफओ केके सिंह के अनुसार, वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के लिए किए जाने वाले पौधरोपण की तारीख शासन ने एक बार फिर बदल दी है। पूर्व में 11 जुलाई से हटाकर 18 जुलाई को कर दिया गया था। अब इसे फिर से बदलकर 11 जुलाई सुबह 10 बजे किया है।
मंडल में सबसे ज्यादा
मैनपुरी में लगेंगे पौधे
11 जुलाई से शुरू होने वाले पौधरोपण अभियान के दौरान मंडल में सबसे ज्यादा पौधे मैनपुरी में रोपे जाएंगे। यहां सात लाख 69 हजार पौधे रोपे जाएंगे। आगरा दूसरे नंबर पर है। यहां 6.65 लाख पौधे लगेंगे। इसके बाद फीरोजाबाद में 2.80 लाख और मथुरा में सबसे कम 2.60 लाख पौधे लगाए जाएंगे।
छात्रों को दिलाई जाएगी शपथ
पर्यावरण संरक्षण के प्रति छात्रों को जागरूक करने के लिए वन महोत्सव के अंतर्गत चार जुलाई को पूर्वाह्न 11 बजे से बेसिक, माध्यमिक, उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थाओं के सभी विद्यार्थियों को शपथ दिलाई जाएगी।
ताजमहल के पास प्रदूषण की स्थिति
वर्ष आरएसपीएम एसपीएम
01 मई 2012 133 291
01 मई 2013 156 350
01 मई 2014 142 390
02 मई 2015 176 311
01 मई 2016 235 434
प्रदेश के वनक्षेत्र वाले टॉप 10 जिले
ताजमहल की वजह आगरा में भले ही अधिक हरियाली विकसित करने के निर्देश हों लेकिन हकीकत में प्रदेश की टॉप टेन वनक्षेत्रों की सूची में आगरा कहीं नहीं है।
जिले प्रतिशत
सोनभद्र 37.48
चंदौली 22.2
मिर्जापुर 19.18
पीलीभीत 18.66
चित्रकूट 18.56
बलरामपुर 17.78
खीरी 16.95
महाराजगंज 15.01
बहराइच 12.37
ललितपुर 11.35
वन महोत्सव के अंतर्गत लोगों को पौधरोपण के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही उन्हें इनका महत्व समझाया जाएगा। इसके अलावा 11 जुलाई को वृहत स्तर पर पौधरोपण होगा।
-केके सिंह, डीएफओ
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पौधरोपण तो बढ़ा, लेकिन वन क्षेत्र घटा
ताज के नाम पर सिर्फ कागज में हो रही खानापूर्ति
राजीव शर्मा
विश्वदाय स्मारक ताजमहल को प्रदूषण से बचाने के लिए सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) और प्रदेश सरकार के लाख प्रयासों के उलट शहर में हरियाली कम हुई है। इस सच्चाई से कोई और नहीं खुद वन विभाग के आंकड़े पर्दा उठा रहे हैं। पिछले सालों में शहर का वन क्षेत्र घटने से ताजमहल पर प्रदूषण भी बढ़ा है।
वन विभाग की वर्ष 2013-14 के आंकड़ों के आधार पर पिछले साल जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक, जिले के 4,027 वर्ग किमी के भौगोलिक क्षेत्र का सिर्फ 6.78 प्रतिशत भाग ही वन क्षेत्र है। जबकि वर्ष 2011 में यह 6.85 प्रतिशत था। रिपोर्ट के मुताबिक, 0.7 फीसदी वन क्षेत्र कम हुआ है। जिले के 273 वन क्षेत्रों में से एक भी घना वन क्षेत्र नहीं है। जबकि औद्योगिक क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने वाले फीरोजाबाद जिले में वर्ष 2011 की अपेक्षा वर्ष 2013-14 में 0.38 फीसदी वन क्षेत्र बढ़ा है। हालांकि मैनपुरी में हरियाली का स्तर स्थिर। मथुरा में भी 0.06 फीसदी वन क्षेत्र कम हुआ है। हालांकि इस बार जिले में अब तक सबसे अधिक पौधे रोपे जाएंगे।
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ताज पर बढ़ रहा प्रदूषण
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, पिछले चार सालों में ताजमहल पर प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ा है। जानकारों की मानें तो यह हरियाली कम होने का ही नतीजा है। सरकारी स्तर पर दावे तो खूब किए गए लेकिन इन पर अमल नहीं किया गया।
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पौधरोपण की फिर तारीख बदली
डीएफओ केके सिंह के अनुसार, वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के लिए किए जाने वाले पौधरोपण की तारीख शासन ने एक बार फिर बदल दी है। पूर्व में 11 जुलाई से हटाकर 18 जुलाई को कर दिया गया था। अब इसे फिर से बदलकर 11 जुलाई सुबह 10 बजे किया है।
मंडल में सबसे ज्यादा
मैनपुरी में लगेंगे पौधे
11 जुलाई से शुरू होने वाले पौधरोपण अभियान के दौरान मंडल में सबसे ज्यादा पौधे मैनपुरी में रोपे जाएंगे। यहां सात लाख 69 हजार पौधे रोपे जाएंगे। आगरा दूसरे नंबर पर है। यहां 6.65 लाख पौधे लगेंगे। इसके बाद फीरोजाबाद में 2.80 लाख और मथुरा में सबसे कम 2.60 लाख पौधे लगाए जाएंगे।
छात्रों को दिलाई जाएगी शपथ
पर्यावरण संरक्षण के प्रति छात्रों को जागरूक करने के लिए वन महोत्सव के अंतर्गत चार जुलाई को पूर्वाह्न 11 बजे से बेसिक, माध्यमिक, उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थाओं के सभी विद्यार्थियों को शपथ दिलाई जाएगी।
ताजमहल के पास प्रदूषण की स्थिति
वर्ष आरएसपीएम एसपीएम
01 मई 2012 133 291
01 मई 2013 156 350
01 मई 2014 142 390
02 मई 2015 176 311
01 मई 2016 235 434
प्रदेश के वनक्षेत्र वाले टॉप 10 जिले
ताजमहल की वजह आगरा में भले ही अधिक हरियाली विकसित करने के निर्देश हों लेकिन हकीकत में प्रदेश की टॉप टेन वनक्षेत्रों की सूची में आगरा कहीं नहीं है।
जिले प्रतिशत
सोनभद्र 37.48
चंदौली 22.2
मिर्जापुर 19.18
पीलीभीत 18.66
चित्रकूट 18.56
बलरामपुर 17.78
खीरी 16.95
महाराजगंज 15.01
बहराइच 12.37
ललितपुर 11.35
वन महोत्सव के अंतर्गत लोगों को पौधरोपण के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही उन्हें इनका महत्व समझाया जाएगा। इसके अलावा 11 जुलाई को वृहत स्तर पर पौधरोपण होगा।
-केके सिंह, डीएफओ