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बुखार से मौत: दहशत में हैं लोग...एक सप्ताह में तीन बच्चों की चली गई जान, झोलाछाप का इलाज पड़ रहा भारी
Mon, 01 Sep 2025 09:58 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 01 Sep 2025 09:58 AM IST
सार
झोलाछाप डॉक्टरों का इलाज अब मासूमों की जान पर भारी पड़ रहा है। एक हफ्ते में बुखार से तीन बच्चों की मौत ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही पर आक्रोशित हैं और फर्जी डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई के साथ-साथ गांवों में स्वास्थ्य कैंप लगाने की मांग कर रहे हैं।
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झोलाछाप के यहां छापा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा के पिनाहट ब्लॉक क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों का आतंक बना हुआ है। इनके इलाज से एक सप्ताह में दो किशोरियों सहित एक किशोर की मौत हो चुकी है, लेकिन ग्रामीण अब भी इलाज के प्रति जागरूक नहीं हो रहे हैं। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं पर सवाल खड़े करते हुए गांवों में अधिक से अधिक स्वास्थ्य कैंप लगाए जाने की मांग की है।
पिढोरा क्षेत्र के काकड़ खेड़ा निवासी रोशनी (14) और गंजनपुरा निवासी पिंकी (12) की बुखार से झोलाछाप डॉक्टरों के इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। वहीं, शनिवार की शाम थाना बसई अरेला के गांव बसई भदौरिया निवासी पंकज (12) की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। ग्रामीण विजय सिंह वर्मा का कहना है कि यदि स्वास्थ्य विभाग सही स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराए तो ऐसी घटनाएं न घटें। वहीं, ब्लॉक क्षेत्र में कुकुरमुत्तों की तरह पनप रहे झोलाछाप डॉक्टरों पर आखिर कार्रवाई क्यों नहीं होती, यह बड़ा सवाल है।
बालक की मौत के मामले में झोलाछाप पर केस दर्ज
थाना बसई अरेला क्षेत्र के गांव बसई भदौरिया निवासी पंकज (12) की शनिवार को बुखार आने पर मौत हो गई थी। परिजन उसे स्याहीपुरा चौराहे के पास झोलाछाप डॉक्टर के पास ले गए थे। पिता कन्हैया लाल का आरोप है कि झोलाछाप ने दवा देने के बजाय इंजेक्शन लगा दिया, जिसकी वजह से बेटे की जान चली गई। मौत के बाद परिजन और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। बाद में पिता ने थाने में प्रार्थनापत्र भी दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।
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पिढोरा क्षेत्र के काकड़ खेड़ा निवासी रोशनी (14) और गंजनपुरा निवासी पिंकी (12) की बुखार से झोलाछाप डॉक्टरों के इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। वहीं, शनिवार की शाम थाना बसई अरेला के गांव बसई भदौरिया निवासी पंकज (12) की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। ग्रामीण विजय सिंह वर्मा का कहना है कि यदि स्वास्थ्य विभाग सही स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराए तो ऐसी घटनाएं न घटें। वहीं, ब्लॉक क्षेत्र में कुकुरमुत्तों की तरह पनप रहे झोलाछाप डॉक्टरों पर आखिर कार्रवाई क्यों नहीं होती, यह बड़ा सवाल है।
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बालक की मौत के मामले में झोलाछाप पर केस दर्ज
थाना बसई अरेला क्षेत्र के गांव बसई भदौरिया निवासी पंकज (12) की शनिवार को बुखार आने पर मौत हो गई थी। परिजन उसे स्याहीपुरा चौराहे के पास झोलाछाप डॉक्टर के पास ले गए थे। पिता कन्हैया लाल का आरोप है कि झोलाछाप ने दवा देने के बजाय इंजेक्शन लगा दिया, जिसकी वजह से बेटे की जान चली गई। मौत के बाद परिजन और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। बाद में पिता ने थाने में प्रार्थनापत्र भी दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।
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