{"_id":"ea2e000b063f7e7f075a105da27cc4f3","slug":"photo-of-mahatma-gandhi-stop-to-bring-in-mehtab-bagh-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेहताब बाग में राष्ट्रपिता की तस्वीर ले जाने से रोका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेहताब बाग में राष्ट्रपिता की तस्वीर ले जाने से रोका
ब्यूरो, अमर उजाला अागरा
Updated Sat, 03 Oct 2015 02:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हे राम! आज फिर अनर्थ हो गया। कल गांधीजी के पुजारी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी चिम्मन लाल जैन को नजरबंद कर दिया गया तो आज बापू की तस्वीर की तौहीन की गई। ऑर्किलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई ) के अधिकारियों ने गांधी जयंती पर डाक्टरों को राष्ट्रपिता की तस्वीर संरक्षित स्मारक मेहताब बाग में ले जाने से सख्ती के साथ रोक दिया। वो भी तब जब स्वच्छता अभियान के तहत इस स्मारक में सफाई कार्य करने की अनुमति ली गई थी। पूछने पर सवाल हुआ, गांधीजी को श्रद्धासुमन अर्पित करने की अनुमति अलग से क्यों नहीं ली गई?
जिस देश में कार्य की शुरुआत महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण के साथ करने की परंपरा हो, वहां स्वच्छता अभियान शुरू करने से पूर्व बापू की तस्वीर पर श्रद्धा के फूल चढ़ाने से रोक दिया गया। क्या एएसआई के दफ्तर में बापू की तस्वीर नहीं है? नियम के अनुसार सरकारी विभागों को अपने दफ्तरों में राष्ट्रपिता की तस्वीर लगाना अनिवार्य है।
वाक्या इस तरह हुआ कि आगरा में गुरुवार से चल रही इंडियन एनुअल कांफ्रेंस ऑफ इंडियन एकेडमी ऑफ न्यूरोलॉजी (इनकॉन 2015) में सम्मति देश के प्रमुख न्यूरो फिजिशियन गांधी जयंती पर सुबह 6:30 बजे एएसआई संरक्षित मेहताब बाग में स्वच्छता अभियान के तहत सफाई कार्य करने पहुंचे। गांधी जयंती थी, इसलिए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए उनकी एक तस्वीर और फूलमालाएं साथ ले जा रहे थे। कार्यक्रम में मशहूर अभिनेत्री एवं सामाजिक चिंतक शबाना आजमी भी शिरकत करने आईं थीं, लेकिन मेहताब बाग के गेट पर ही एएसआई के कर्मचारियों ने उन्हें रोक लिया। इनकॉन के संयोजक डाक्टर पीके महेश्वरी ने बताया कि डाक्टरों के अनुरोध करने पर उन्होंने सख्ती के साथ तस्वीर ले जाने से मना कर दिया। इस पर डाक्टर मन मसोसकर तस्वीर बाहर छोड़कर अंदर चले गए। शबाना आजमी समेत सभी ने बगैर तस्वीर के ही गांधीजी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए और स्वच्छता का संदेश दिया।
विज्ञापन
एएसआई के अधीक्षण पुरातत्वविद भुवन विक्रम सिंह का कहना है कि अनुमति सिर्फ सफाई करने की ली गई थी, सभा के आयोजन की नहीं। संरक्षित स्मारकों पर बगैर अनुमति के सभा प्रतिबंधित है। गांधीजी की तस्वीर नहीं, सभा का आयोजन रोका गया है। उल्लेखनीय है कि यहां कोई सभा नहीं होनी थी, सफाई कार्य शुरू करने से पहले बापू को श्रद्धासुमन अर्पित किए जाने थे।
विज्ञापन
जिस देश में कार्य की शुरुआत महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण के साथ करने की परंपरा हो, वहां स्वच्छता अभियान शुरू करने से पूर्व बापू की तस्वीर पर श्रद्धा के फूल चढ़ाने से रोक दिया गया। क्या एएसआई के दफ्तर में बापू की तस्वीर नहीं है? नियम के अनुसार सरकारी विभागों को अपने दफ्तरों में राष्ट्रपिता की तस्वीर लगाना अनिवार्य है।
विज्ञापन
वाक्या इस तरह हुआ कि आगरा में गुरुवार से चल रही इंडियन एनुअल कांफ्रेंस ऑफ इंडियन एकेडमी ऑफ न्यूरोलॉजी (इनकॉन 2015) में सम्मति देश के प्रमुख न्यूरो फिजिशियन गांधी जयंती पर सुबह 6:30 बजे एएसआई संरक्षित मेहताब बाग में स्वच्छता अभियान के तहत सफाई कार्य करने पहुंचे। गांधी जयंती थी, इसलिए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए उनकी एक तस्वीर और फूलमालाएं साथ ले जा रहे थे। कार्यक्रम में मशहूर अभिनेत्री एवं सामाजिक चिंतक शबाना आजमी भी शिरकत करने आईं थीं, लेकिन मेहताब बाग के गेट पर ही एएसआई के कर्मचारियों ने उन्हें रोक लिया। इनकॉन के संयोजक डाक्टर पीके महेश्वरी ने बताया कि डाक्टरों के अनुरोध करने पर उन्होंने सख्ती के साथ तस्वीर ले जाने से मना कर दिया। इस पर डाक्टर मन मसोसकर तस्वीर बाहर छोड़कर अंदर चले गए। शबाना आजमी समेत सभी ने बगैर तस्वीर के ही गांधीजी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए और स्वच्छता का संदेश दिया।
विज्ञापन
एएसआई के अधीक्षण पुरातत्वविद भुवन विक्रम सिंह का कहना है कि अनुमति सिर्फ सफाई करने की ली गई थी, सभा के आयोजन की नहीं। संरक्षित स्मारकों पर बगैर अनुमति के सभा प्रतिबंधित है। गांधीजी की तस्वीर नहीं, सभा का आयोजन रोका गया है। उल्लेखनीय है कि यहां कोई सभा नहीं होनी थी, सफाई कार्य शुरू करने से पहले बापू को श्रद्धासुमन अर्पित किए जाने थे।