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वृंदावन: चैत्र एकादशी के तीन दिन बाद जगमोहन में फूल बंगले में विराजे ठाकुर बांकेबिहारी
Tue, 07 Apr 2020 06:20 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 07 Apr 2020 06:20 PM IST
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सेवायत गोस्वामीगणों ने जगमोहन में सजाया बंगला
- फोटो : अमर उजाला
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वृंदावन में चैत्र की कामदा एकादशी के तीन दिन बाद मंगलवार को ठाकुर बांकेबिहारी जगमोहन के सुगंधित फूल बंगले में विराजे। उनके दोनों ओर फूलों का बंगला सजाया गया। गोस्वामीगणों ने खूबसूरत छत्र का निर्माण भी किया। शयनकालीन सेवा में ठाकुरजी को गोस्वामीजनों द्वारा शाम करीब पांच बजे गर्भगृह से जगमोहन में लाया गया।
इसके बाद एक-एक करके गोस्वामीजनों ने ठाकुर जी की नित प्रतिदिन की जाने वाली सेवाएं प्रारम्भ कर दीं। बता दें कि प्रतिवर्ष ठाकुर जी चैत्र की कामदा एकादशी पर जगमोहन में आकर भक्तों को दर्शन देते हैं लेकिन इस बार कोरोना के चलते लगे प्रतिबंधों के कारण तय समय पर ऐसा नहीं हो सका।
प्रतिवर्ष एकादशी से ठाकुर बांकेबिहारी जी के फूल बंगले प्रारम्भ हो जाते थे। इस दिन ठाकुर जी गर्भगृह से जगमोहन में आते थे। गोस्वामीगणों द्वारा जगमोहन में ही अपने लाडले ठाकुर जी की शृंगार आरती से लेकर शयन आरती की जाती थी।
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इसके बाद एक-एक करके गोस्वामीजनों ने ठाकुर जी की नित प्रतिदिन की जाने वाली सेवाएं प्रारम्भ कर दीं। बता दें कि प्रतिवर्ष ठाकुर जी चैत्र की कामदा एकादशी पर जगमोहन में आकर भक्तों को दर्शन देते हैं लेकिन इस बार कोरोना के चलते लगे प्रतिबंधों के कारण तय समय पर ऐसा नहीं हो सका।
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प्रतिवर्ष एकादशी से ठाकुर बांकेबिहारी जी के फूल बंगले प्रारम्भ हो जाते थे। इस दिन ठाकुर जी गर्भगृह से जगमोहन में आते थे। गोस्वामीगणों द्वारा जगमोहन में ही अपने लाडले ठाकुर जी की शृंगार आरती से लेकर शयन आरती की जाती थी।
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श्रद्धालुओं के लिए बंद है बांकेबिहारी मंदिर
इन दिनों कोरोना के कारण मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया है। मंदिर में सेवा करने वाले सिर्फ चार गोस्वामीगणों का ही प्रवेश हो रहा है। फूलबंगला बनाए जाने संबंधी मामले में संबंधित न्यायालय ने आदेश दिया था कि गोस्वामीगण इन्हीं संसाधनों में यदि फूलबंगला सजाना चाहें तो अपनी जिम्मेदारी पर सजवा सकते हैं।
इस निर्णय के बाद तीन दिन तक सुबह तथा शाम की सेवायत गोस्वामीणों ने फूल बंगला नहीं सजवाया। इस परंपरा को कायम रखने के लिए बांकेबिहारी मंदिर के प्रबंधक मुनीष शर्मा और सेवायत गोस्वामीगण नितिन सांवरिया गोस्वामी आदि ने विचार मंथन किया।
मंदिर के सेवायत नितिन सांवरिया गोस्वामी ने बताया कि मंगलवार की शयन कालीन सेवा से ठाकुर जी को जगमोहन में लाया गया है। मंदिर प्रबंधक मुनीष शर्मा ने बताया कि अब ठाकुर जी का इन्हीं सीमित संसाधनों में न्यायालय के आदेश का अनुपालन करते हुए प्रतिदिन फूल बंगला सजा करेगा।
इस निर्णय के बाद तीन दिन तक सुबह तथा शाम की सेवायत गोस्वामीणों ने फूल बंगला नहीं सजवाया। इस परंपरा को कायम रखने के लिए बांकेबिहारी मंदिर के प्रबंधक मुनीष शर्मा और सेवायत गोस्वामीगण नितिन सांवरिया गोस्वामी आदि ने विचार मंथन किया।
मंदिर के सेवायत नितिन सांवरिया गोस्वामी ने बताया कि मंगलवार की शयन कालीन सेवा से ठाकुर जी को जगमोहन में लाया गया है। मंदिर प्रबंधक मुनीष शर्मा ने बताया कि अब ठाकुर जी का इन्हीं सीमित संसाधनों में न्यायालय के आदेश का अनुपालन करते हुए प्रतिदिन फूल बंगला सजा करेगा।
सिर्फ सात किलो फूलों से सजाया जाएगा फूल बंगला
फूल बंगले में एक दफा में करीब 700 किलो फूलों की आवश्यकता होती है। यह फूल स्थानीय बगीचों से बहुत कम लिए जाते थे परंतु कोरोना के प्रतिबंध के चलते केवल सात किलो रायबल के फूलों से ही बंगले का निर्माण किया जाएगा।
इसका निर्माण सेवायत नितिन सांवरिया गोस्वामी तथा सेवा में मौजूद तीन अन्य गोस्वामीजनों ने किया है। उन्होंने बताया कि ठाकुर जी के छत्र सहित दो तरफ फूलों की चादर लगाई गई है। रायबल के फूलों पर वह गुलाबजल का छिड़काव करेंगे।
इसका निर्माण सेवायत नितिन सांवरिया गोस्वामी तथा सेवा में मौजूद तीन अन्य गोस्वामीजनों ने किया है। उन्होंने बताया कि ठाकुर जी के छत्र सहित दो तरफ फूलों की चादर लगाई गई है। रायबल के फूलों पर वह गुलाबजल का छिड़काव करेंगे।