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Agra: ये देश नहीं ले रहे भारतीय बासमती चावल, फसल में कीटनाशकों का प्रयोग बनी वजह

Tue, 04 Oct 2022 01:16 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Tue, 04 Oct 2022 01:16 PM IST
सार

जिला कृषि रक्षा अधिकारी प्रेमवीर सिंह ने बताया कि आगरा सहित 30 जिलों में बासमती चावल की पैदावार होती है। आगरा की किरावली व एत्मादपुर तहसील में करीब 400 हेक्टेयर धान का रकबा है।

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pesticide use Rice not accepted in Khari Europe and USA
धान की फसल को नुकसान। - फोटो : amar ujala

विस्तार

बासमती धान की फसल में कीटनाशकों का इस्तेमाल निर्यात में बाधा बन रहा है। खड़ी, यूरोप व यूएसए में कीटनाशक प्रयोग होने वाले चावल को नहीं लिया जा रहा है। वर्ष 2021-22 में निर्यात में 15 प्रतिशत की कमी आई है। इससे इस साल आगरा सहित 30 जिलों में 10 प्रकार के कीटनाशकों की बिक्री प्रतिबंधित कर दी गई है।

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10 प्रकार के कीटनाशकों के प्रयोग पर रोक

कृषि और प्रसंस्करण खाद्य उत्पाद निर्यात प्राधिकरण (एपीडा) ने बासमती चावल की फसल में 10 प्रकार के कीटनाशकों के प्रयोग पर रोक लगाई है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी प्रेमवीर सिंह ने बताया कि आगरा सहित 30 जिलों में बासमती चावल की पैदावार होती है। आगरा की किरावली व एत्मादपुर तहसील में करीब 400 हेक्टेयर धान का रकबा है। ऐसे में प्रतिबंधित कीटनाशकों का प्रयोग, बिक्री व भंडारण अवैध होगा। बिक्री पर एक अक्तूबर से शुरू हुआ प्रतिबंध आगामी 60 दिनों तक लागू रहेगा। 

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इन कीटनाशकों पर रोक

ट्राइसाक्लाजोल, बूप्रोफैजिन, एसीफेट, क्लोरपाइरीफॉस, मैथामिडोफॉस, प्रोपिकोनाजोल, थायोमेथाक्साम, प्रोफेनोफॉस, आईसोप्रोथियोलेन, कार्बेन्डाजिम। 

बाजरा व धान कटाई के लिए अधिकारी नामित

जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने खरीफ फसल 2022-23 में बाजरा व धान की कटाई की जांच के लिए 42 निरीक्षण अधिकारी नामित किए हैं। लेखपालों को ग्रामवार जिम्मेदारी दी गई है। कटाई के दौरान प्रति हेक्टेयर में उत्पादन आंका जाएगा। रिकॉर्ड शासन को भेजेंगे। इस बार कटाई में स्मार्ट फोन का इस्तेमाल होगा। कृषि विभाग ने क्रॉप कटिंग के लिए एप बनाया है, जिस पर स्मार्ट फोन से क्रॉप कटिंग का ब्योरा तत्काल फीड किया जाएगा।

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