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नया नियम लागू: आगरा में मेट्रो रूट के 50 मीटर दायरे में निर्माण के लिए लेनी होगी अनुमति

Wed, 08 Sep 2021 12:23 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 08 Sep 2021 12:23 AM IST
सार

एडीए ने आगरा मेट्रो रेल रूट के 50 मीटर दायरे में बनने वाले भवनों के नक्शे पास करने के लिए यूपीएमआरसी की अनुमति अनिवार्य कर दी है। उसकी एनओसी के बिना एडीए मानचित्र स्वीकृत नहीं करेगा। 

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Permission will have to be taken for construction within 50 meters of metro route in agra
आगरा मेट्रो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ताजनगरी में जिन लोगों के घर या प्रतिष्ठान आगरा मेट्रो रूट के 50 मीटर दायरे में है, उन्हें निर्माण के लिए यूपी मेट्रो रेल कारपोरेशन से भी अनुमति लेनी होगी। आगरा विकास प्राधिकरण यूपीएमआरसी की एनओसी के बिना कोई नक्शा पास नहीं करेगा। सोमवार से प्राधिकरण ने यह नियम लागू कर दिया।

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आगरा विकास प्राधिकरण ने मेट्रो रेल रूट के 50 मीटर दायरे में बनने वाले भवनों के नक्शे पास करने के लिए यूपीएमआरसी की अनुमति अनिवार्य कर दी है। आगरा विकास प्राधिकरण मेट्रो रूट के 50 मीटर दायरे में विकास शुल्क पहले ही 10 फीसदी तक बढ़ा चुका है। अब मानचित्र स्वीकृत करने के लिए एनओसी भी अनिवार्य करने का आदेश जारी कर दिया गया। 
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आगरा विकास प्राधिकरण के मुख्य नगर नियोजक आरके सिंह ने बताया कि मेट्रो की एनओसी के संबंध में पत्र जारी कर दिया गया है। यूपी मेट्रो रेल कारपोरेशन के अधिकारी पहले ही यह बता चुके थे कि नक्शा पास करने के लिए उनकी अनुमति लेनी होगी। मेट्रो सिकंदरा से ताजमहल और कालिंदी विहार से आगरा कैंट स्टेशन के बीच दो रूट पर बनाई जा रही है। इस पूरे रूट पर सोमवार से यह आदेश लागू हो गया। 

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एडीए इंजीनियरों को करनी होंगी हर माह सात कंपाउंडिंग
शहर में 26 हजार से ज्यादा अवैध निर्माण होने और उन पर कार्रवाई न होने की शिकायतों के बीच आगरा विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने सोमवार को प्रवर्तन विभाग की समीक्षा की। इस दौरान हर महीने जूनियर इंजीनियरों को कम से कम 7 कंपाउंडिंग करने के निर्देश दिए गए। उपाध्यक्ष ने अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर इंजीनियरों से नाराजगी जताई।

उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने कहा कि सोशल मीडिया में लगातार अवैध निर्माणों की शिकायत मिलती हैं। इंजीनियर सोशल मीडिया पर अपडेट रहें और किसी भी सूचना पर कार्रवाई करें। व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर आदि किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अगर अवैध निर्माण की शिकायत मिलती है तो उसका सत्यापन अवश्य करें। 

अवैध निर्माणों पर हर हाल में अंकुश लगाया जाए। इसके साथ ही कंपाउंडिंग प्रकरणों को गंभीरता से निस्तारित किया जाए। उपाध्यक्ष ने सभी इंजीनियरों से कहा कि वह हर महीने कम से कम 7 अवैध निर्माणों की कंपाउंडिंग करें। 

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