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Agra News: गाजियाबाद क्षेत्र में 10 साल इस्तेमाल हो चुकी बसों में चलेंगे आगरा के लोग
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आगरा। गाजियाबाद क्षेत्र की 10 साल की आयु पूरी कर चुकी 13 रोडवेज बसें आगरा भेजी गई हैं। रोडवेज मुख्यालय के स्तर से हुए फैसले के बाद बसों को आगरा क्षेत्र के तीन डिपो को आवंटित किया गया है। बसों की स्थिति और दस्तावेज की जांच के बाद संचालन किया जाएगा।
रोडवेज के सेवा प्रबंधक अविनाश चंद्र की ओर से 16 अक्तूबर को जारी आदेश के अनुसार, साहिबाबाद डिपो की पांच बसें ताज डिपो को आवंटित की गई हैं। खुर्जा डिपो की चार बसों में दो बाह और दो फोर्ट डिपो को मिली हैं। बुलंदशहर डिपो की चार बसों में से भी दो बाह और दो फोर्ट डिपो को आवंटित की गई हैं। कुल मिलाकर ताज डिपो को पांच, बाह और फोर्ट डिपो को चार-चार बसें मिली हैं।
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक बीपी अग्रवाल ने बताया कि नियमानुसार बसों का संचालन 15 साल तक किया जा सकता है लेकिन एनसीआर क्षेत्र में समय सीमा 10 साल ही है। ऐसे में वहां से बसें भेजी गई हैं। 10 लाख किलोमीटर से ज्यादा चलने के बाद बसों को बेड़े से हटाने की प्रक्रिया अपनाई जाती है। जांच के बाद ही बसों का संचालन किया जाएगा।
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रोडवेज के सेवा प्रबंधक अविनाश चंद्र की ओर से 16 अक्तूबर को जारी आदेश के अनुसार, साहिबाबाद डिपो की पांच बसें ताज डिपो को आवंटित की गई हैं। खुर्जा डिपो की चार बसों में दो बाह और दो फोर्ट डिपो को मिली हैं। बुलंदशहर डिपो की चार बसों में से भी दो बाह और दो फोर्ट डिपो को आवंटित की गई हैं। कुल मिलाकर ताज डिपो को पांच, बाह और फोर्ट डिपो को चार-चार बसें मिली हैं।
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रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक बीपी अग्रवाल ने बताया कि नियमानुसार बसों का संचालन 15 साल तक किया जा सकता है लेकिन एनसीआर क्षेत्र में समय सीमा 10 साल ही है। ऐसे में वहां से बसें भेजी गई हैं। 10 लाख किलोमीटर से ज्यादा चलने के बाद बसों को बेड़े से हटाने की प्रक्रिया अपनाई जाती है। जांच के बाद ही बसों का संचालन किया जाएगा।
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