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भारतीय राजनीति के 'युग पुरुष' की सादगी के लोग हैं कायल, पढ़ें ये किस्से
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मैनपुरी
Updated Thu, 16 Aug 2018 06:44 PM IST
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (फाइल फोटो)
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सादगी और सरल स्वभाव के धनी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का मैनपुरी से बेहद लगाव है। वो पांच बार जिले में आए। इनके प्रभावशाली भाषण को सुनने के लिए हजारों की तादाद में लोगों की भीड़ उमड़ती थी।
भाजपा के वरिष्ठ नेता शिवओंकारनाथ पचौरी बताते हैं कि अटल बिहारी वाजपेयी वर्ष 1957 में मैनपुरी पहली बार आए थे। उन दिनों वो बलरामपुर से सांसद चुने गए थे और विधानसभा चुनाव के प्रचार में जुटे थे। मलखान सिंह भारतीय जनसंघ पार्टी से प्रत्याशी थे।
वाजपेयी ने उनके समर्थन में क्रिश्चियन मैदान में सभा की। इसमें मलखान सिंह ने भारी मतों से जीत हासिल की। वो बताते हैं कि कि वर्ष 1990 के लोकसभा चुनाव के दौरान मैनपुरी के क्रिश्चियन मैदान में आयोजित सभा में वो करीब चार घंटे देर से पहुंचे थे।
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भाजपा के वरिष्ठ नेता शिवओंकारनाथ पचौरी बताते हैं कि अटल बिहारी वाजपेयी वर्ष 1957 में मैनपुरी पहली बार आए थे। उन दिनों वो बलरामपुर से सांसद चुने गए थे और विधानसभा चुनाव के प्रचार में जुटे थे। मलखान सिंह भारतीय जनसंघ पार्टी से प्रत्याशी थे।
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वाजपेयी ने उनके समर्थन में क्रिश्चियन मैदान में सभा की। इसमें मलखान सिंह ने भारी मतों से जीत हासिल की। वो बताते हैं कि कि वर्ष 1990 के लोकसभा चुनाव के दौरान मैनपुरी के क्रिश्चियन मैदान में आयोजित सभा में वो करीब चार घंटे देर से पहुंचे थे।
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अटल को सुनने के लिए जमे रहते थे लोग
रात करीब साढ़े सात बजे तक मैदान में हजारों की संख्या में लोग उनका भाषण सुनने के लिए बैठे रहे। उन्होंने माइक पर आते ही हाथ जोड़कर जनता जनार्दन से देरी के लिए क्षमा मांगी और कहा कि मैनपुरी के लोगों के स्नेह को वो कभी भुला नहीं सकेंगे।
इसके बाद अटल जी वर्ष 1993 में मैनपुरी आए। वर्ष 1998 में भाजपा के लोकसभा प्रत्याशी अशोक यादव के समर्थन में उन्होंने मैनपुरी के क्रिश्चियन मैदान में सभा की थी।
भोगांव विधायक रामनरेश अग्निहोत्री बताते हैं कि वाजपेयी जी के सरल स्वभाव का हर कोई कायल था। वर्ष 1990 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की वैदपुरा (इटावा) में सभा चल रही थी। अटल को मैनपुरी से इटावा जाना था।
इसके बाद अटल जी वर्ष 1993 में मैनपुरी आए। वर्ष 1998 में भाजपा के लोकसभा प्रत्याशी अशोक यादव के समर्थन में उन्होंने मैनपुरी के क्रिश्चियन मैदान में सभा की थी।
भोगांव विधायक रामनरेश अग्निहोत्री बताते हैं कि वाजपेयी जी के सरल स्वभाव का हर कोई कायल था। वर्ष 1990 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की वैदपुरा (इटावा) में सभा चल रही थी। अटल को मैनपुरी से इटावा जाना था।
'20 किमी के लिए पुलिस से मत झगड़ो'
मैनपुरी-इटावा मार्ग पर जब वाजपेयी का काफिला वैदपुरा से पहले पहुंचा तो पुलिस ने मुलायम सिंह की सभा के चलते गाड़ियां रोक दीं। हम लोग पुलिस से भिड़ गए कि वाजपेयी जी हैं और उन्हें इटावा जाना है। पुलिस जसवंतनगर होकर इटावा जाने की सलाह दे रही थी।
झगड़ा होते देख वाजपेयी जी ने उन्हें बुलाया और मामला पूछा। जब उन्होंने बताया कि पुलिस जसवंतनगर होकर इटावा जाने की बात कर रही है तो उन्होंने पूछा कि कितना अंतर आएगा। जब बताया कि करीब 20 किलोमीटर का तो तपाक से बोले फिर क्यों झगड़ रहे हो।
झगड़ा होते देख वाजपेयी जी ने उन्हें बुलाया और मामला पूछा। जब उन्होंने बताया कि पुलिस जसवंतनगर होकर इटावा जाने की बात कर रही है तो उन्होंने पूछा कि कितना अंतर आएगा। जब बताया कि करीब 20 किलोमीटर का तो तपाक से बोले फिर क्यों झगड़ रहे हो।