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डीएम आवास पर गरीबों का प्रदर्शन
अमर उजाला अागरा
Updated Mon, 04 Apr 2016 12:54 AM IST
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डीएम अावास
- फोटो : अमर उजाला आगरा
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सियासी दांव पेंच और नौकरशाही के वायदों में फंसकर रोजी रोटी को मोहताज हुए दिव्यांग, विधवा और वृद्धाओं ने रविवार को जिलाधिकारी की चौखट पर दुखड़ा रोया। बाल योगी लव पंडित के नेतृत्व में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी खेरिया मोड़ से जुलूस के रूप में पहुंचे। चेतावनी दी कि 10 दिन के अंदर सरकार ने उनकी मांगों पर कोई संतोषजनक फैसला नहीं लिया तो प्रदर्शन उग्र होगा।
भीषण गर्मी में कोई बैसाखी के सहारे तो कोई ट्राई साइकिल से डीएम आवास तक आया। विधवा और वृद्धाएं छोटे-छोटे बच्चों को लेकर आईं। प्रदर्शनकारियों को देख कर्मचारियों ने आवास का गेट बंद कर दिया। लोगों ने अंदर घुसने की कोशिश की तो पुलिस ने नहीं जाने दिया। इससे गुस्साईं महिलाएं मुख्य दरवाजे के बाहर धरने पर बैठ गईं। मौके पर आए एसीएम प्रथम अरुण कुमार और सीओ सदर असीम चौधरी ने बड़ी मुश्किल से समझाया और ज्ञापन लिया।
ये थी मांगें
- दिव्यांग, विधवा और वृद्धा पेंशन 10 रुपये रोज से बढ़ाकर 100 रुपये हो
- संपूर्ण भारत वर्ष में इन्हें रेल और बस में नि:शुल्क यात्रा की सुविधा दी जाए
- इनकी बेटी की शादी के लिए सरकार एक लाख रुपये की आर्थिक मदद करे
- इन्हें बिजली और पानी जैसी बुनियादी जरूरतें नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएं
- सरकार बिना गारंटर के रोजगार मुहैया कराए और बिना ब्याज के ऋण भी दे
- दिव्यांग, विधवा का आरक्षण प्रतिशत तीन से बढ़ाकर 10 प्रतिशत किया जाए
- सभी सरकारी विभागों में कम से कम दस प्रतिशत कर्मचारी दिव्यांग रखे जाएं
पति की मौत हो गई, तीन बच्चे दिव्यांग, कैसे चले घर
खेरिया मोड़ निवासी सोमवती ने बताया कि पति की मौत चार वर्ष पहले हो गई थी। तीन बच्चे दिव्यांग हैं। गुजरबसर की कोई व्यवस्था नहीं। सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रही हैं लेकिन पेंशन नहीं मिली। वकील पैसे मांगते हैं और अधिकारी टरकाते हैं। शहीद, जयदेवी, अल्लारखी, महादेवी, रईशा आदि की कमोवेश एक जैसी कहानी है।
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जाम हो गया एमजी रोड
प्रदर्शन से एमजी रोड पर यातायात व्यवस्था कुछ देर को बाधित हुई। दिव्यांगों ने ट्राई साइकिलों को बीच सड़क पर खड़ा कर दिया। पुलिस को एक ही लेन में दोनों ओर का ट्रैफिक निकालना पड़ा। गनीमत रही कि रविवार होने के कारण ट्रैफिक का दबाव कुछ कम था।
लव पंडित पर खुफिया विभाग की नजर
डाबली गांव में धर्मांतरण मुद्दे से चर्चाओं में आए बाल योगी लव पंडित के भाषणों पर खुफिया विभाग की नजर रही। लव पंडित ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि दस दिन में मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो जैसे हरियाणा में हुआ है, राजस्थान में रेल पटरियां उखाड़ी जाती हैं, वैसा ही आंदोलन यहां होगा।
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भीषण गर्मी में कोई बैसाखी के सहारे तो कोई ट्राई साइकिल से डीएम आवास तक आया। विधवा और वृद्धाएं छोटे-छोटे बच्चों को लेकर आईं। प्रदर्शनकारियों को देख कर्मचारियों ने आवास का गेट बंद कर दिया। लोगों ने अंदर घुसने की कोशिश की तो पुलिस ने नहीं जाने दिया। इससे गुस्साईं महिलाएं मुख्य दरवाजे के बाहर धरने पर बैठ गईं। मौके पर आए एसीएम प्रथम अरुण कुमार और सीओ सदर असीम चौधरी ने बड़ी मुश्किल से समझाया और ज्ञापन लिया।
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ये थी मांगें
- दिव्यांग, विधवा और वृद्धा पेंशन 10 रुपये रोज से बढ़ाकर 100 रुपये हो
- संपूर्ण भारत वर्ष में इन्हें रेल और बस में नि:शुल्क यात्रा की सुविधा दी जाए
- इनकी बेटी की शादी के लिए सरकार एक लाख रुपये की आर्थिक मदद करे
- इन्हें बिजली और पानी जैसी बुनियादी जरूरतें नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएं
- सरकार बिना गारंटर के रोजगार मुहैया कराए और बिना ब्याज के ऋण भी दे
- दिव्यांग, विधवा का आरक्षण प्रतिशत तीन से बढ़ाकर 10 प्रतिशत किया जाए
- सभी सरकारी विभागों में कम से कम दस प्रतिशत कर्मचारी दिव्यांग रखे जाएं
पति की मौत हो गई, तीन बच्चे दिव्यांग, कैसे चले घर
खेरिया मोड़ निवासी सोमवती ने बताया कि पति की मौत चार वर्ष पहले हो गई थी। तीन बच्चे दिव्यांग हैं। गुजरबसर की कोई व्यवस्था नहीं। सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रही हैं लेकिन पेंशन नहीं मिली। वकील पैसे मांगते हैं और अधिकारी टरकाते हैं। शहीद, जयदेवी, अल्लारखी, महादेवी, रईशा आदि की कमोवेश एक जैसी कहानी है।
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जाम हो गया एमजी रोड
प्रदर्शन से एमजी रोड पर यातायात व्यवस्था कुछ देर को बाधित हुई। दिव्यांगों ने ट्राई साइकिलों को बीच सड़क पर खड़ा कर दिया। पुलिस को एक ही लेन में दोनों ओर का ट्रैफिक निकालना पड़ा। गनीमत रही कि रविवार होने के कारण ट्रैफिक का दबाव कुछ कम था।
लव पंडित पर खुफिया विभाग की नजर
डाबली गांव में धर्मांतरण मुद्दे से चर्चाओं में आए बाल योगी लव पंडित के भाषणों पर खुफिया विभाग की नजर रही। लव पंडित ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि दस दिन में मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो जैसे हरियाणा में हुआ है, राजस्थान में रेल पटरियां उखाड़ी जाती हैं, वैसा ही आंदोलन यहां होगा।