आगरा: लोगों की गुहार- एसएन मेडिकल कॉलेज को एम्स बनाओ सरकार, इसकी सबको है दरकार
एसएन मेडिकल कॉलेज को एम्स बनाने जाने की मांग तेज होती जा रही है। आगरा समेत आसपास जिलों के लोग भी चाहते हैं कि एसएन में एम्स जैसी सुविधाएं मिलें। बता दें कि एसएन मेडिकल कॉलेज में अभी आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, मथुरा, एटा, इटावा, औरेया, शिकोहाबाद, अलीगढ़, हाथरस तक के मरीज आते हैं।
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विस्तार
डेंगू और वायरल बुखार के प्रकोप में एक बार फिर आगरा का एसएन मेडिकल कॉलेज मरीजों के लिए सहारा बना है। यहां आगरा समेत आसपास के 10 जिलों से मरीज भर्ती हैं। कोरोना महामारी में तो यूपी समेत पांच राज्यों के मरीजों ने इलाज पाया। ऐसे में ताजनगरी के लोग सरकार से यही गुहार लगा रहे हैं कि सरकार इसे 'एम्स' बना दो।
एसएन मेडिकल कॉलेज में अभी आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, मथुरा, एटा, इटावा, औरेया, शिकोहाबाद, अलीगढ़, हाथरस से डेंगू के मरीज आ रहे हैं। कोरोना संक्रमित तो यहां राजस्थान, मध्यप्रदेश, दिल्ली, हरियाणा तक के भर्ती कराए गए। यहां पर 1000 लीटर प्रति मिनट से ऑक्सीजन तैयार करने वाले चार ऑक्सीजन प्लांट हैं, जिसमें से एक निर्माणाधीन है। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना से 200 करोड़ रुपये से सुपर स्पेशियलिटी सेंटर भी बन रहा है।
यह है इंटीग्रेटेड प्लान
एसएन कॉलेज में 25 एकड़ और लेडी लॉयल की 20 एकड़ परिसर को मिलाया जाए। लेडी लॉयल को अन्यत्र शिफ्ट किया जाए। सात से आठ मल्टी स्टोरी बनेंगी, जिसमें विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, अत्याधुनिक मशीन-उपकरण और अन्य व्यवस्थाएं होंगी। छत से छत से जोड़ा जाएगा, जहां से मरीजों को आसानी से शिफ्ट किया जा सकेगा।
इसलिए है जरूरी
- पांच राज्यों के 35 से अधिक जिलों से आते हैं मरीज।
- हर साल पांच लाख मरीज पाते हैं एसएन में इलाज।
- 167 साल पुराना है एसएन कॉलेज।
ये हैं सुविधाएं
- बैक्टीरिया, वायरस की जांच के लिए वायरोलॉजी लैब।
- जंबो पैक समेत रक्त के सभी अवयव की सुविधा।
- कॉर्निया ट्रांसप्लांट की सुविधा, आई बैंक भी बनी है।
विधायक बोले, मंत्रिमंडल की मुहर लगना बाकी
आगरा के विधायक योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि योजना पर मंत्रिमंडल की मुहर लगना बाकी है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना से मिल चुका हूं। दो-तीन दिन में फिर लखनऊ जा रहा हूं। जल्द ही इस पर मुहर लगेगी।
प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा कि एसएन मेडिकल कॉलेज और लेडी लॉयल के इंटीग्रेटेड का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। जनप्रतिनिधि भी पूरी कोशिश कर रहे हैं। एसएन में एम्स सरीखी चिकित्सा सेवाएं मिलेंगी।
नेशनल चैंबर ऑफ इंड्रस्टीज एंड कॉमर्स के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने कहा कि एसएन को मिनी एम्स के तर्ज पर विकसित करने के लिए सीएम को कई पत्र लिख चुके हैं। जनप्रतिनिधि भी इसमें सहयोग कर रहे हैं। मंत्रिमंडल में प्रस्ताव पर मुहर लगे तो सौगात मिले।