{"_id":"64d87f92fd20ba45380d157a","slug":"peeli-kothi-british-never-searched-or-entered-special-story-on-independence-day-2023-2023-08-13","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Independence Day 2023: पीली कोठी जिसकी अंग्रेजों ने तलाशी ली, न कभी किया प्रवेश; क्रांतिकारियों के लिए थी कवच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Independence Day 2023: पीली कोठी जिसकी अंग्रेजों ने तलाशी ली, न कभी किया प्रवेश; क्रांतिकारियों के लिए थी कवच
Sun, 13 Aug 2023 12:30 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 13 Aug 2023 12:30 PM IST
सार
वजीरपुरा आगरा की पीली कोठी आजादी के मतवालों के लिए शरणस्थली रही। खास बात ये थी कि अंग्रेजों ने कभी न इस कोठी की तलाशी ली और नाहीं प्रवेश किया।
विज्ञापन
पीली कोठी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ चले स्वतंत्रता आंदोलन में पीली कोठी की भूमिका लोगों को अब तक याद है। वजीरपुरा की ऐतिहासिक पीली कोठी की हर ईंट में देश के स्वतंत्रता आंदोलन की कहानियां छिपी हुई हैं। क्रांतिवीरों के लिए यह कोठी हमेशा कवच बनी रही। होती भी क्याें न, यह राजा लक्ष्मण सिंह के पौत्र कुंवर प्रबल प्रताप सिंह की कोठी है, जहां आजादी के मतवाले अंग्रेजों से बचने के लिए शरण पाते रहे।
ब्रिटिश हुकूमत में कुंवर प्रबल प्रताप सिंह की शख्सियत ऐसी थी कि पुलिस इस कोठी में प्रवेश के बारे में सोच भी नहीं पाती थी। क्रांतिकारियों की शरणस्थली रही ऐसी पीली कोठी में 14 अगस्त को अमर उजाला के मां तुझे प्रणाम के तहत वीरांगना सम्मान समारोह दोपहर 1:30 बजे से होगा।
विज्ञापन
ब्रिटिश हुकूमत में कुंवर प्रबल प्रताप सिंह की शख्सियत ऐसी थी कि पुलिस इस कोठी में प्रवेश के बारे में सोच भी नहीं पाती थी। क्रांतिकारियों की शरणस्थली रही ऐसी पीली कोठी में 14 अगस्त को अमर उजाला के मां तुझे प्रणाम के तहत वीरांगना सम्मान समारोह दोपहर 1:30 बजे से होगा।
विज्ञापन