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UP: नौ माह के मासूम की सांस नली में फंसा मूंगफली का दाना, 10 मिनट का समय...एसएन के चिकित्सकों ने ऐसे बचाई जान
Sun, 27 Oct 2024 10:28 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 27 Oct 2024 10:28 AM IST
सार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में परिवार के लोग ऐसे बच्चे को लेकर आए, जिसकी सांस की नली में मूंगफली का दाना फंस गया था। उसकी हालत खराब थी। चिकित्सकों ने ऑक्सीजन देकर उसे स्थिर किया। इसके बाद ब्रोंकोस्कॉपी कर 10 मिनट में बालक की सांस नली से दाना निकाल दिया।
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सांस नली से निकाला गया मूंगफली का दाना
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में 9 महीने के मासूम बालक को मूंगफली का दाना देना परिजन के लिए भारी पड़ गया। दांत न होने के कारण बच्चा मूंगफली के दाने को चबा नहीं पाया और यह गले के जरिए बच्चे की सांस नली में फंस गया। एसएन मेडिकल काॅलेज की इमरजेंसी में मूंगफली का दाना निकाल मासूम की जान बचाई गई।
बच्चे के परिजन नया बांस रोड शमसाबाद निवासी हैं। नौ माह के बच्चे को सांस लेने में परेशानी होने पर इमरजेंसी में अपराह्न 3:15 बजे भर्ती कराया गया। ईएनटी विशेषज्ञ डाॅ. अखिल प्रताप सिंह ने बताया कि बालक के खून में ऑक्सीजन का स्तर 80 था जबकि 95 से अधिक होना चाहिए। उसे ऑक्सीजन देकर स्थिर किया गया। शाम करीब 4:15 बजे इमरजेंसी के ट्रामा सेंटर स्थित ऑपरेशन थिएटर में शिफ्ट कर दिया गया। ब्रोंकोस्कॉपी कर 10 मिनट में बालक की सांस नलिका से मूंगफली का दाना निकाल दिया गया। बालक को बेहोश कर सर्जरी की गई।
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बच्चे के परिजन नया बांस रोड शमसाबाद निवासी हैं। नौ माह के बच्चे को सांस लेने में परेशानी होने पर इमरजेंसी में अपराह्न 3:15 बजे भर्ती कराया गया। ईएनटी विशेषज्ञ डाॅ. अखिल प्रताप सिंह ने बताया कि बालक के खून में ऑक्सीजन का स्तर 80 था जबकि 95 से अधिक होना चाहिए। उसे ऑक्सीजन देकर स्थिर किया गया। शाम करीब 4:15 बजे इमरजेंसी के ट्रामा सेंटर स्थित ऑपरेशन थिएटर में शिफ्ट कर दिया गया। ब्रोंकोस्कॉपी कर 10 मिनट में बालक की सांस नलिका से मूंगफली का दाना निकाल दिया गया। बालक को बेहोश कर सर्जरी की गई।
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ब्रोंकोस्कॉपी
फेफड़ों की जांच करने की तकनीक को ब्रोंकोस्कॉपी कहते हैं। डॉक्टर आपको बेहोश कर नाक या मुंह के माध्यम से आपके फेफड़ों में एक दूरबीन डालता है। इस दूरबीन से अंदर की स्थिति स्पष्ट हो जाती है। यह बिना चीरफाड़ के सर्जरी की तकनीक है।
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फेफड़ों की जांच करने की तकनीक को ब्रोंकोस्कॉपी कहते हैं। डॉक्टर आपको बेहोश कर नाक या मुंह के माध्यम से आपके फेफड़ों में एक दूरबीन डालता है। इस दूरबीन से अंदर की स्थिति स्पष्ट हो जाती है। यह बिना चीरफाड़ के सर्जरी की तकनीक है।
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ये ध्यान रखें
बच्चों को मूंगफली का दाना, बटन सहित अन्य छोटी वस्तुएं नहीं दें।
बच्चों को अकेला नहीं छोड़ें, सांस लेने में परेशानी पर डाक्टर को दिखाएं।
बच्चों को मूंगफली का दाना, बटन सहित अन्य छोटी वस्तुएं नहीं दें।
बच्चों को अकेला नहीं छोड़ें, सांस लेने में परेशानी पर डाक्टर को दिखाएं।