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Agra News: मटर की फसल पर इल्ली व पत्ती लपेटक कीटों का हमला
Fri, 21 Nov 2025 11:35 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Fri, 21 Nov 2025 11:35 PM IST
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फोटो02कासगंज के गांव मांमों में मटर की फसल में लगा इल्ली व पत्ती लपेटक कीट। संवाद
कासगंज। जिले में मटर की फसल पर इल्ली और पत्ती लपेटक कीटों का तेज हमला शुरू हो गया है, इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में तेजी से फैल रहे इन कीटों के कारण पत्तियां मुड़ने लगी हैं और फली बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। किसान लगातार दवा का छिड़काव कर रहे हैं ताकि फसल को बचाया जा सके।
जिले में लगभग 1000 हेक्टेयर में मटर की फसल बोई जाती है। अभी फसल का शुरुआती दौर है। फसल 15 दिन से 1 माह के बीच की ही हो पाई है और अभी से फसल में इल्ली व पत्ती लपेटक जैसे कीटों ने पत्तियों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है। पौधों की पत्तियां मुड़ने लगी हैं और फली बनने की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। इससे पैदावार पर बड़ा असर पड़ने का खतरा है। कृषि विज्ञान केंद्र मोहनपुरा के पौध संरक्षण अधिकारी डॉ. रितेश कुमार ने बताया कि फसलों को कीटों से बचाने के लिए फिरामोन ट्रेप का प्रयोग अवश्य करें। वातावरण का संतुलित रखें। नीम तेल का नियमित छिड़काव करें, जैविक और रासायनिक दवाओं का क्रम बदलकर उपयोग करें।
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जिले में लगभग 1000 हेक्टेयर में मटर की फसल बोई जाती है। अभी फसल का शुरुआती दौर है। फसल 15 दिन से 1 माह के बीच की ही हो पाई है और अभी से फसल में इल्ली व पत्ती लपेटक जैसे कीटों ने पत्तियों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है। पौधों की पत्तियां मुड़ने लगी हैं और फली बनने की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। इससे पैदावार पर बड़ा असर पड़ने का खतरा है। कृषि विज्ञान केंद्र मोहनपुरा के पौध संरक्षण अधिकारी डॉ. रितेश कुमार ने बताया कि फसलों को कीटों से बचाने के लिए फिरामोन ट्रेप का प्रयोग अवश्य करें। वातावरण का संतुलित रखें। नीम तेल का नियमित छिड़काव करें, जैविक और रासायनिक दवाओं का क्रम बदलकर उपयोग करें।
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