{"_id":"5da35b7b8ebc3e01506efbc0","slug":"passengers-stopped-mathura-jaipur-passenger-train-in-mathura","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पांच कोच हटाकर रवाना कर दी मथुरा-जयपुर पैसेंजर, जगह न मिलने पर यात्रियों ने किया हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच कोच हटाकर रवाना कर दी मथुरा-जयपुर पैसेंजर, जगह न मिलने पर यात्रियों ने किया हंगामा
Sun, 13 Oct 2019 10:44 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 13 Oct 2019 10:44 PM IST
विज्ञापन
ट्रेन के इंजन पर बैठे यात्री
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा से जयपुर जाने वाली 51973 पैसेंजर ट्रेन को 12 के स्थान पर सात कोच लगाकर ही रविवार को रवाना कर दिया गया। गोवर्धन में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ सात कोच में स्थान नहीं पा सकी। यात्री कोच और इंजन पर चढ़ गए। ऐसे में चालक ने ट्रेन को चलाने से इंकार कर दिया। इस पर यात्रियों ने हंगामा किया। ट्रेन 40 मिनट तक गोवर्धन में खड़ी रही। अन्य ट्रेन के आने के बाद यात्री रवाना हुए।
सुबह 6.40 बजे मथुरा से जयपुर के लिए 51973 पैसेंजर चलती है। इस ट्रेन में रोजाना 12 कोच लगाए जाते हैं। रविवार को शरद पूर्णिमा के दिन इस ट्रेन में सिर्फ सात कोच ही लगाए गए। जैसे ही यह ट्रेन गोवर्धन रेलवे स्टेशन पहुंची, परिक्रमा करने आए यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी।
इंजन और कोच की छतों पर बैठे यात्री
यात्रियों की संख्या अत्याधिक थी, उन्हें बैठने के लिए स्थान नहीं मिला। यात्री इंजन और कोच की छतों पर बैठ गए। इस स्थिति में चालक ने ट्रेन को आगे बढ़ाने से इंकार कर दिया। काफी देर तक ट्रेन न चलते देख यात्रियों ने हंगामा कर दिया। सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
सुबह 6.40 बजे मथुरा से जयपुर के लिए 51973 पैसेंजर चलती है। इस ट्रेन में रोजाना 12 कोच लगाए जाते हैं। रविवार को शरद पूर्णिमा के दिन इस ट्रेन में सिर्फ सात कोच ही लगाए गए। जैसे ही यह ट्रेन गोवर्धन रेलवे स्टेशन पहुंची, परिक्रमा करने आए यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी।
विज्ञापन
इंजन और कोच की छतों पर बैठे यात्री
यात्रियों की संख्या अत्याधिक थी, उन्हें बैठने के लिए स्थान नहीं मिला। यात्री इंजन और कोच की छतों पर बैठ गए। इस स्थिति में चालक ने ट्रेन को आगे बढ़ाने से इंकार कर दिया। काफी देर तक ट्रेन न चलते देख यात्रियों ने हंगामा कर दिया। सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई।
विज्ञापन
आरपीएफ मौके पर पहुंच गई। यात्रियों को बमुश्किल से समझाते हुए ट्रेन की छतों से उतारा गया। ट्रेन 40 मिनट तक खड़ी रही। आरपीएफ ने पीछे 9.15 बजे पहुंचने वाली 12403 ट्रेन इलाहाबाद जयपुर एक्सप्रेस से यात्रियों को भिजवाया।
गोवर्धन के स्टेशन मास्टर राहुल पचौरी का कहना है कि पूर्व में इस ट्रेन में 12 कोच आते थे। रविवार को सात कोच थे। शरद पूर्णिमा की भीड़ अधिक होने के चलते श्रद्धालु इंजन पर चढ़ गए थे। सुरक्षा के लिहाज से चालक ने ट्रेन नहीं चलाई। पीछे आ रही इलाहाबाद जयपुर एक्सप्रेस से श्रद्धालुओं को पहुंचाया गया।
कासगंज अछनेरा ट्रेन में भी कोच की कमी
मथुरा से कासगंज, अछनेरा के बीच चलने वाली पैसेंजर ट्रेन में भी 14 तो कभी 12 कोच लगाकर ट्रेन को चला दिया जाता है। इससे ट्रेन में हर वक्त यात्री लटकते हुए यात्रा पूरी करते हैं। कभी कभार हादसे भी हो जाते हैं। इसे लेकर कई बार दैनिक यात्रियों ने पूर्वोत्तर रेलवे के अफसरों को लिखा है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
गोवर्धन के स्टेशन मास्टर राहुल पचौरी का कहना है कि पूर्व में इस ट्रेन में 12 कोच आते थे। रविवार को सात कोच थे। शरद पूर्णिमा की भीड़ अधिक होने के चलते श्रद्धालु इंजन पर चढ़ गए थे। सुरक्षा के लिहाज से चालक ने ट्रेन नहीं चलाई। पीछे आ रही इलाहाबाद जयपुर एक्सप्रेस से श्रद्धालुओं को पहुंचाया गया।
कासगंज अछनेरा ट्रेन में भी कोच की कमी
मथुरा से कासगंज, अछनेरा के बीच चलने वाली पैसेंजर ट्रेन में भी 14 तो कभी 12 कोच लगाकर ट्रेन को चला दिया जाता है। इससे ट्रेन में हर वक्त यात्री लटकते हुए यात्रा पूरी करते हैं। कभी कभार हादसे भी हो जाते हैं। इसे लेकर कई बार दैनिक यात्रियों ने पूर्वोत्तर रेलवे के अफसरों को लिखा है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।