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दिल्ली से आगरा तक ट्रेन में इलाज न मिलने से यात्री की मौत
ब्यूरो/ अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 29 Sep 2017 10:28 PM IST
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प्रतीकात्मक चित्र
- फोटो : अमर उजाला
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निजामुद्दीन से जबलपुर जाने वाली गोंडवाना एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक यात्री की इलाज के अभाव में मौत हो गई। दिल्ली से आगरा तक तकरीबन तीन घंटे में यात्री को इलाज मुहैया नहीं कराया जा सका। गुरुवार रात को ट्रेन आगरा कैंट पहुंची, तब तक मरीज की मौत हो गई। जीआरपी ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
निजामुद्दीन (दिल्ली) से गोंडवाना एक्सप्रेस गुरुवार शाम को आगरा आ रही थी। स्लीपर कोच में दिल्ली से मध्य प्रदेश के सागर जा रहे दिनेश कुमार (25) पुत्र तुलसीराम को तेज बुखार था। दिनेश के साथ उसकी पत्नी, मां और भाई भी सफर कर रहे थे। उन्होंने दिल्ली में ही हालत बिगड़ने पर टीटीई को जानकारी दी।
बताते हैं कि टीटीई ने भी फरीदाबाद पहुंचने पर कंट्रोल रूम को यात्री की तबियत बिगड़ने की जानकारी दी, लेकिन इसके बाद भी दिनेश को चिकित्सकीय सुविधाएं नहीं मिल सकी। उसकी हालत लगातार बिगड़ रही थी। कोच में सवार अन्य यात्रियों ने भी रेलवे स्टाफ के लोगों से कहासुनी की, मगर मथुरा तक भी उसे इलाज नहीं मिल सका। रात्रि तकरीबन दस बजे ट्रेन आगरा कैंट स्टेशन पर रुकी, यहां मेडिकल स्टाफ और जीआरपी मौजूद थी। डाक्टरों ने दिनेश का परीक्षण किया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
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घरवालों ने बताया कि अगर रास्ते में दिनेश को इलाज मिल जाता तो संभवत: उनकी जान बचाई जा सकती थी। जीआरपी आगरा कैंट प्रभारी मणिकांत शर्मा ने बताया कि एक यात्री को बीमारी की सूचना पर ट्रेन से उतारा था, मगर तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। डीसीएम डा. संचित त्यागी ने बताया कि उन्हें प्रकरण की जानकारी नहीं है।
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निजामुद्दीन (दिल्ली) से गोंडवाना एक्सप्रेस गुरुवार शाम को आगरा आ रही थी। स्लीपर कोच में दिल्ली से मध्य प्रदेश के सागर जा रहे दिनेश कुमार (25) पुत्र तुलसीराम को तेज बुखार था। दिनेश के साथ उसकी पत्नी, मां और भाई भी सफर कर रहे थे। उन्होंने दिल्ली में ही हालत बिगड़ने पर टीटीई को जानकारी दी।
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बताते हैं कि टीटीई ने भी फरीदाबाद पहुंचने पर कंट्रोल रूम को यात्री की तबियत बिगड़ने की जानकारी दी, लेकिन इसके बाद भी दिनेश को चिकित्सकीय सुविधाएं नहीं मिल सकी। उसकी हालत लगातार बिगड़ रही थी। कोच में सवार अन्य यात्रियों ने भी रेलवे स्टाफ के लोगों से कहासुनी की, मगर मथुरा तक भी उसे इलाज नहीं मिल सका। रात्रि तकरीबन दस बजे ट्रेन आगरा कैंट स्टेशन पर रुकी, यहां मेडिकल स्टाफ और जीआरपी मौजूद थी। डाक्टरों ने दिनेश का परीक्षण किया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
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घरवालों ने बताया कि अगर रास्ते में दिनेश को इलाज मिल जाता तो संभवत: उनकी जान बचाई जा सकती थी। जीआरपी आगरा कैंट प्रभारी मणिकांत शर्मा ने बताया कि एक यात्री को बीमारी की सूचना पर ट्रेन से उतारा था, मगर तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। डीसीएम डा. संचित त्यागी ने बताया कि उन्हें प्रकरण की जानकारी नहीं है।