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श्री पारस अस्पताल प्रकरण: 10 दिन में तीसरे जांच अधिकारी छुट्टी पर, पीड़ितों ने उठाए सवाल
Wed, 23 Jun 2021 01:24 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 23 Jun 2021 01:24 AM IST
सार
श्री पारस अस्पताल मामले में एक तरफ प्रशासन की जांच रिपोर्ट कठघरे में खड़ी है दूसरी तरफ जांच कमेटियों में शामिल अधिकारियों के अचानक छुट्टी पर जाने से तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
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श्री पारस अस्पताल आगरा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के श्री पारस अस्पताल मामले में पीड़ितों के बयान दर्ज करने वाले मजिस्ट्रेट एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी भी अवकाश पर चले गए हैं। 10 दिन में यह तीसरे जांच अधिकारी हैं जो छुट्टी पर गए हैं। इनसे पहले 16 मृतकों के मामले की जांच कर रही डेथ ऑडिट कमेटी के चेयरमैन प्रो. बलवीर सिंह छुट्टी पर गए। सबसे पहले अस्पताल को सील करने वाले एसीएमओ डॉ. वीरेंद्र भारती को छुट्टी पर गए थे।
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जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी के नेतृत्व में दो सदस्यीय मजिस्ट्रेटी कमेटी बनाई। कमेटी ने पांच दिन तक जांच की। आठ मृतकों के परिजनों ने बयान दर्ज कराए थे। पीड़ितों ने अस्पताल संचालक को स्वजनों की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए ऑक्सीजन कमी से मौतों के आरोप लगाए थे।
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शुक्रवार को आई जांच रिपोर्ट में पीड़ितों के बयानों का अहमियत नहीं मिलने से अधिकारियों की मंशा व जांच के तरीके पर सवाल उठ रहे हैं। पीड़ितों के बयान एडीएम सिटी ने दर्ज किए थे। उन्होंने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी थी। इस मामले से पर्दा उठता उससे पहले ही सोमवार को अचानक एडीएम सिटी छुट्टी पर चले गए। कितने दिन की छुट्टी पर हैं यह स्पष्ट नहीं हैं।
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उधर, एसएन मेडिकल कॉलेज की चार सदस्यीय कमेटी के डेथ ऑडिट में 16 मौतों की पुष्टि हुई है। कमेटी ने किसी भी मरीज की मौत ऑक्सीजन की कमी से नहीं मानी हैं। मौतों का कारण गंभीर बीमारियां बताया गया है, जबकि मृतकों के शैया पत्रक (बीएचटी) में सब कुछ दर्ज होता है। जांच से जुड़े अधिकारियों के अचानक छुट्टी पर जाने से शहर में चर्चाएं हो रही हैं। वहीं मृतकों के परिजनों का कहना है कि जांच में लीपापोती की पोल न खुल जाए इसलिए अधिकारियों को छुट्टी पर भेजा गया है।