{"_id":"5be59d10bdec2269af649923","slug":"para-jumper-hardeep-death-caused-by-deep-injury-in-the-head","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सिर में गहरी चोट लगने से गई हरदीप की जान, 11.5 हजार फुट की ऊंचाई से लगाई थी छलांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिर में गहरी चोट लगने से गई हरदीप की जान, 11.5 हजार फुट की ऊंचाई से लगाई थी छलांग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 09 Nov 2018 08:13 PM IST
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पैरा ब्रिगेड के जवान हरदीप सिंह का फाइल फोटो
आगरा में पैराजंपर हरदीप (26) की मौत की वजह उनके सिर में गहरी चोट बताई गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका उल्लेख किया गया है। उनके शरीर में और भी कई जगह चोट लगी थी। इसकी वजह उनका 11.5 हजार फुट की ऊंचाई से गिरना रही। उनका पैराशूट नहीं खुला था। परिजन उनका शव गुरुवार देर रात पटियाला ले गए।
11 वीं पैरा रेजिमेंट के होनहार पैराजंपर हरदीप ( 26) पटियाला के सबाना तहसील के गांव समंडी मलिक के रहने वाले थे। उनका पैराशूट की साइड की डोरियां ( रस्सी) उनके एक हाथ में फंसी मिली। माना जा रहा है कि ये रस्सियां खुलने के बजाय आपस में उलझ गईं। इसी कारण से पैराशूट नहीं खुला। यही उनकी मौत की वजह बना।
हरदीप मलपुरा के पैराड्रोपिंग जोन में पैराजंपिंग कर रहे थे। गुरुवार दोपहर को जहाज एएन-32 से छलांग लगाई थी। उनके घायल होते ही गुरुवार दोपहर को ही उनके पिता भूपेंद्र सिंह को फोन पर सूचना दे दी गई थी। भूपेंद्र सिंह और अन्य परिजन तुरंत आगरा के लिए रवाना हो गए। उधर, शाम को हरदीप ने सैन्य अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था।
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11 वीं पैरा रेजिमेंट के होनहार पैराजंपर हरदीप ( 26) पटियाला के सबाना तहसील के गांव समंडी मलिक के रहने वाले थे। उनका पैराशूट की साइड की डोरियां ( रस्सी) उनके एक हाथ में फंसी मिली। माना जा रहा है कि ये रस्सियां खुलने के बजाय आपस में उलझ गईं। इसी कारण से पैराशूट नहीं खुला। यही उनकी मौत की वजह बना।
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हरदीप मलपुरा के पैराड्रोपिंग जोन में पैराजंपिंग कर रहे थे। गुरुवार दोपहर को जहाज एएन-32 से छलांग लगाई थी। उनके घायल होते ही गुरुवार दोपहर को ही उनके पिता भूपेंद्र सिंह को फोन पर सूचना दे दी गई थी। भूपेंद्र सिंह और अन्य परिजन तुरंत आगरा के लिए रवाना हो गए। उधर, शाम को हरदीप ने सैन्य अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था।
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फ्लाइंग बर्ड का मिला था तमगा
हरदीप फ्री फॉल का अभ्यास कर रहे थे। पहले भी कई बार जंप लगा चुके थे। कभी कोई परेशानी नहीं हुई। इस बार वक्त खराब था जो पैराशूट नहीं खुला। हरदीप ने हेलमेट पहन रखा था लेकिन 11.5 हजार फुट की ऊंचाई से गिरने के कारण सिर में चोट लगी।
हरदीप शांत स्वभाव के थे। पैराजंपिंग में बेहद गंभीर थे। इसकी बारीकियों को भी बखूबी समझते थे। वह 20 से अधिक जंप लगा चुके थे। इस कारण उन्हें फ्लाइंग बर्ड का तमगा भी मिल चुका था।
चार महीने पहले हुई थी छोटी बहन की शादी
हरदीप अविवाहित थे। चार महीने पहले उनकी छोटी बहन की शादी हुई थी। उनकी दो बहने हैं। उनके परिजनों को जैसे ही उनकी मौत की खबर मिली, परिवार में कोहराम मच गया। परिजन आगरा पहुंचे तो उनकी आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे। हरदीप का शव एसएन मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में रखा गया था। परिजन यहीं से ले गए।
हरदीप शांत स्वभाव के थे। पैराजंपिंग में बेहद गंभीर थे। इसकी बारीकियों को भी बखूबी समझते थे। वह 20 से अधिक जंप लगा चुके थे। इस कारण उन्हें फ्लाइंग बर्ड का तमगा भी मिल चुका था।
चार महीने पहले हुई थी छोटी बहन की शादी
हरदीप अविवाहित थे। चार महीने पहले उनकी छोटी बहन की शादी हुई थी। उनकी दो बहने हैं। उनके परिजनों को जैसे ही उनकी मौत की खबर मिली, परिवार में कोहराम मच गया। परिजन आगरा पहुंचे तो उनकी आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे। हरदीप का शव एसएन मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में रखा गया था। परिजन यहीं से ले गए।