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धान खरीद: बारिश से फसल प्रभावित होने से पड़ सकता है असर
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कासगंज में धान की खरीद से संबधिंत फाइल फोटो बारिश से भीगी धान की फसल ।
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। जिले में पिछले दिनों हुई बारिश से धान की फसल प्रभावित होने से अभी तक सरकारी केंद्रों पर फसल पहुंचना शुरू नहीं हुई है। जिससे सरकारी खरीद पर इसका काफी असर पड़ सकता है, तो वहीं किसानों को भी अपनी फसल बेचने में दिक्कत होगी।
जिले में धान की खरीद के लिए 18 केंद्र बनाए गए हैं। शासन से इन केंद्रों के लिए 124000 मीट्रिकटन खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वैसे तो शासन से 1 अक्तूबर से फसल खरीद के निर्देश हैं, लेकिन जिले में फसल कुछ विलंब से आती है।
वर्ष 2020-21 के सीजन में 16 अक्तूबर से खरीद केंद्रों पर धान की फसल पहुंचना शुरू हुई थी। काफी अच्छी खरीद जिले में की गई। लक्ष्य से दोगुनी से अधिक फसल खरीद की गई। जिससे 2202 किसानों ने खरीद केंद्रों पर अपनी फसल बेची। शासन से धान का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 1940 रुपये क्विंटल निर्धारित किया है। इस बार 15 हजार हैक्टेयर में फसल उगाई गई। अच्छी फसल होने से किसानों के चेहरे भी खिले हुए थे। कृषि विभाग ने 50 हजार मीट्रिकटन धान के उत्पादन का अनुमान लगाया, लेकिन मौसम की मार ने किसानों के सारे अरमानों पर पानी फेर दिया है।
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जिले में धान की खरीद के लिए 18 केंद्र बनाए गए हैं। शासन से इन केंद्रों के लिए 124000 मीट्रिकटन खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वैसे तो शासन से 1 अक्तूबर से फसल खरीद के निर्देश हैं, लेकिन जिले में फसल कुछ विलंब से आती है।
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वर्ष 2020-21 के सीजन में 16 अक्तूबर से खरीद केंद्रों पर धान की फसल पहुंचना शुरू हुई थी। काफी अच्छी खरीद जिले में की गई। लक्ष्य से दोगुनी से अधिक फसल खरीद की गई। जिससे 2202 किसानों ने खरीद केंद्रों पर अपनी फसल बेची। शासन से धान का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 1940 रुपये क्विंटल निर्धारित किया है। इस बार 15 हजार हैक्टेयर में फसल उगाई गई। अच्छी फसल होने से किसानों के चेहरे भी खिले हुए थे। कृषि विभाग ने 50 हजार मीट्रिकटन धान के उत्पादन का अनुमान लगाया, लेकिन मौसम की मार ने किसानों के सारे अरमानों पर पानी फेर दिया है।
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