सांसों पर संकट: आगरा के 10 अस्पतालों में ऑक्सीजन खत्म, डिस्चार्ज किए गए मरीज
जिले में 34 निजी कोविड अस्पताल हैं। जिनमें करीब 3340 मरीज भर्ती हैं। ऐसे में ऑक्सीजन खत्म होने से संकट गहराया गया है।
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आगरा के कोविड अस्पतालों में शनिवार को ऑक्सीजन का जानलेवा संकट और गहरा गया। दस अस्पतालों ने ऑक्सीजन खत्म होने के कारण मरीजों को डिस्चार्ज करना शुरू कर दिया। नए मरीज भर्ती नहीं किए गए। एक-एक सिलिंडर के लिए दिनभर लोग मिन्नतें करते रहे। मदद की गुहार पर भी उन्हें सिर्फ मायूसी मिल रही है।
जिले में 34 निजी कोविड अस्पताल हैं। जिनमें करीब 3340 मरीज भर्ती हैं। 2000 ऐसे मरीज हैं जो गंभीर बीमारियों के साथ आरटीपीसीआर में पॉजिटिव मिले हैं। इनके लिए हर दिन कोविड अस्पतालों को 35 टन ऑक्सीजन चाहिए। लेकिन, बाहर से ऑक्सीजन आपूर्ति नहीं होने और स्थानीय स्तर पर सीमित आपूर्ति से शनिवार को अस्पतालों में दिनभर हाहाकार मचा रहा। आईएमए के निवर्तमान अध्यक्ष डॉ. ओपी यादव ने बताया कि शनिवार को करीब 10 अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी के कारण मरीजों को डिस्चार्ज करना पड़ा।
न्यू आगरा स्थित यशवंत हॉस्पिटल में दोपहर 12 बजे एक घंटे का बैकअप बचा था। डॉ. सुरेंद्र सिंह ने कहा कि ऑक्सीजन खत्म होने से मरीज बेहाल हैं। 50 सिलिंडर की जरूरत पर पांच सिलिंडर बमुश्किल शाम पांच बजे मिल सके हैं। कई मरीजों को मजबूरी में डिस्चार्ज करना पड़ा।
प्रतापपुरा स्थित सफायर हॉस्पिटल में ऑक्सीजन खत्म हो गई। यहां सिर्फ पांच सिलिंडर बचे थे। रामबाग में मंगलम हॉस्पिटल, गोयल सिटी, कबीर देव समेत कई अस्पतालों में तीन घंटे तक ऑक्सीजन संकट रहा। सिकंदरा स्थित प्रभा हॉस्पिटल के डॉ. बीके सिंह ने बताया कि 100 सिलिंडर की मांग पर 50 भी समय पर नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में मरीजों को घर भेजा जा रहा है।
आईएमए ने संसाधनों का ब्योरा मांगा
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) निवर्तमान अध्यक्ष डॉ. ओपी यादव ने शनिवार शाम आपात बैठक बुलाई। ऑक्सीजन, बेड व उपचार के इंतजामों पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि सभी आईएमए के अस्पतालों से संसाधनों का ब्योरा मांगा है। आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
रीफिलिंग के लिए छह घंटे इंतजार
एक तरफ कोविड अस्पतालों के लिए ऑक्सीजन आपूर्ति में चार से छह घंटे की वेटिंग है। दूसरी तरफ होम आइसोलेशन व घरों पर उपचार ले रहे संदिग्ध मरीज एक-एक ऑक्सीजन गैस सिलिंडर के लिए तरस रहे हैं। इंद्रापुरम निवासी 19 वर्षीय प्राची शर्मा का ऑक्सीजन स्तर 60 रह गया। उन्हें कहीं भर्ती नहीं किया जा सका। सिलिंडर में ऑक्सीजन की रीफिलिंग नहीं हो पाई।
निजी कोविड अस्पतालों में जीवन रक्षक उपकरण दो दिन से बंद हैं। इनके लिए हाई फ्लो ऑक्सीजन चाहिए। ऑक्सीजन कमी के कारण वेंटिलेटर, एचएनएफसी, बाईपेप मशीनें काम नहीं कर पा रहीं। ऑक्सीजन कंसंट्रेटर नहीं मिल रहे। 34 से अधिक अस्पतालों में ऐसे 350 से अधिक उपकरण बंद हैं।
पांच दिन से संकट बरकरार
पांच दिन से बरकरार ऑक्सीजन संकट को लेकर प्रशासनिक दावे खोखले साबित हो रहे हैं। 1500 सिलिंडर की आपूर्ति है, जबकि 30 से 35 टन की मांग है। आपूर्ति में सुधार नहीं हो रहा।
अस्पतालों में आपूर्ति प्राथमिकता
जिलाधिकारी प्रभु एन. सिंह ने बताया कि सिंगल सिलिंडर की रीफिलिंग पर रोक नहीं है, लेकिन कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन आपूर्ति हमारी प्राथमिकता है। अस्पतालों की आपूर्ति व्यवस्थित करने के लिए नए प्लांट चालू कराए जा रहे हैं।