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UP: 10 मिनट में एक्सरे, घंटे भर में रिपोर्ट...आगरा में ऐसे पकड़े गए 3 हजार से ज्यादा टीबी मरीज
Sat, 16 May 2026 09:40 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Sat, 16 May 2026 09:40 AM IST
सार
आगरा में मोबाइल डिजिटल एक्सरे और सीबीनैट मशीन की मदद से 50 दिनों में 3 हजार से अधिक टीबी मरीजों की पहचान की गई है। स्वास्थ्य विभाग अब शिविर लगाकर तेजी से जांच और तुरंत इलाज शुरू कर रहा है।
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हड्डियों में टीबी के मामले
- फोटो : Amarujala.com
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विस्तार
दस मिनट में फेफड़े और घंटे भर में बलगम की जांच...और टीबी की हुई पुष्टि। इसी आधुनिक ढंग से टीबी की जांच और इलाज हो रहा है। टीबी के खात्मे के लिए स्वास्थ्य विभाग को चार मोबाइल डिजिटल (हैंडहेल्ड एक्सरे मशीन) मिली हैं। इससे 50 दिन में 3 हजार से अधिक मरीज चिह्नित किए हैं।
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सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि साल के 24 मार्च से अब तक 115 शिविर में करीब 14 हजार लोगों की स्क्रीनिंग की। इनकी मौके पर ही हैंडहेल्ड मशीन से 10 मिनट में एक्सरे हुआ। 1320 लोग टीबी के संदिग्ध मरीज दिखे। इनके बलगम की जांच सीबीनैट मशीन से घंटे भर में हो गई। इनमें से 3103 में टीबी की पुष्टि हुई। चंद घंटों में ही मरीज की जांच, पंजीकरण कर इलाज शुरू कर दिया है। टीबी संबंधी जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर पर 1800116666 पर संपर्क कर सकते हैं।
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लक्षणों को कर रहे थे नजरअंदाज
जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों में शिविर लगाकर जांच की जा रही है। इसमें कई ऐसे भी मरीज मिले जो लक्षणों को नजरअंदाज कर रहे थे। जांच करने पर टीबी की पुष्टि हुई। इन सभी का उपचार शुरू करने के साथ निक्षय पोर्टल पर पंजीकरण कर दिया है। इनको पोषक आहार के लिए प्रतिमाह 1000 रुपये भी मिलेंगे।
जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों में शिविर लगाकर जांच की जा रही है। इसमें कई ऐसे भी मरीज मिले जो लक्षणों को नजरअंदाज कर रहे थे। जांच करने पर टीबी की पुष्टि हुई। इन सभी का उपचार शुरू करने के साथ निक्षय पोर्टल पर पंजीकरण कर दिया है। इनको पोषक आहार के लिए प्रतिमाह 1000 रुपये भी मिलेंगे।
ये बोले मरीज:
केस एक-
- फतेहाबाद के 36 साल के युवक ने बताया कि बीते 15-16 साल से बीडी-सिगरेट पीने की लत है। बीते महीने से खांसी और हल्का बुखार रहता था। इसे नजरअंदाज किया, शिविर में जांच कराई तो टीबी निकली है।
केस एक-
- फतेहाबाद के 36 साल के युवक ने बताया कि बीते 15-16 साल से बीडी-सिगरेट पीने की लत है। बीते महीने से खांसी और हल्का बुखार रहता था। इसे नजरअंदाज किया, शिविर में जांच कराई तो टीबी निकली है।
केस दो:
- बाह के 42 साल के युवक ने बताया कि बुखार-खांसी को सामान्य मान रहा था। कई बार खुद ही बुखार-खांसी की दवा ले लेता। शिविर में एक्सरे के बाद बलगम की जांच में टीबी की पुष्टि हुई। इलाज शुरू हो गया है।
- बाह के 42 साल के युवक ने बताया कि बुखार-खांसी को सामान्य मान रहा था। कई बार खुद ही बुखार-खांसी की दवा ले लेता। शिविर में एक्सरे के बाद बलगम की जांच में टीबी की पुष्टि हुई। इलाज शुरू हो गया है।
टीबी के लक्षण:
- दो से तीन सप्ताह तक खांसी, बलगम और बलगम में खून।
- खांसते और सांस लेते वक्त सीने में तेज दर्द होना।
- लंबे समय तक हल्का बुखार रहना, शाम-रात को बढ़ जाना।
- रात में सोते वक्त पसीना अधिक आना, वजन कम होना।
- भूख कम लगना, थकान और कमजोरी होना।
- शरीर में गांठ, सूजन, सिर दर्द रहना, गर्दन अकड़ना।
- जोड़ों और हड्डियों में रहता है दर्द।
- दो से तीन सप्ताह तक खांसी, बलगम और बलगम में खून।
- खांसते और सांस लेते वक्त सीने में तेज दर्द होना।
- लंबे समय तक हल्का बुखार रहना, शाम-रात को बढ़ जाना।
- रात में सोते वक्त पसीना अधिक आना, वजन कम होना।
- भूख कम लगना, थकान और कमजोरी होना।
- शरीर में गांठ, सूजन, सिर दर्द रहना, गर्दन अकड़ना।
- जोड़ों और हड्डियों में रहता है दर्द।