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Agra News: दो हजार से ज्यादा सर्टिफिकेट संदिग्ध, सीए ओर कंपनियों की बढ़ेंगी मुश्किलें
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आगरा। ताजगंज के चार्टर्ड अकाउंटेंट समेत देशभर के 36 सीए व 394 कंपनियों व ट्रस्टों पर चल रही आयकर विभाग की जांच चौथे दिन भी जारी रही। अधिकारियों को अब तक दो हजार से ज्यादा सर्टिफिकेट ऐसे मिले हैं जो संदिग्ध हैं। ऐसे में ट्रस्ट और कंपनियों के अलावा सीए की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
नियमों के मुताबिक, किसी भी विदेशी भुगतान से पहले सीए को खातों की निष्पक्ष जांच और सत्यापन करना अनिवार्य होता है। आरोप है कि कुछ सीए ने बिना किसी उचित जांच के फॉर्म 15 सीबी सर्टिफिकेट जारी कर दिए। विभाग की शुरुआती जांच में फर्जी धर्मार्थ ट्रस्टों के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। यह फर्जी दान और योगदान के बदले अकोमोडेशन एंट्री (रकम का हेरफेर) कर रहे थे।
इन संस्थाओं के भेजे गए भारी-भरकम फंड और उनके टर्नओवर में कोई मेल नहीं था। खास बात यह है कि इस काम में जिन फर्मों का उपयोग किया गया, उनमें सीमावर्ती क्षेत्रों की 117 इकाइयां शामिल हैं। अधिकारियों को संदेह है कि इकाइयों के जरिये विदेश भेजे गए कालेधन को वापस देश में लाने के लिए इस्तेमाल किया गया। फिलहाल मामले की जांच जारी है। माना जा रहा है कि इस पूरे खेल में सीएसआर फंड का करीब पांच हजार करोड़ रुपये देश से बाहर भेजा गया है।
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नियमों के मुताबिक, किसी भी विदेशी भुगतान से पहले सीए को खातों की निष्पक्ष जांच और सत्यापन करना अनिवार्य होता है। आरोप है कि कुछ सीए ने बिना किसी उचित जांच के फॉर्म 15 सीबी सर्टिफिकेट जारी कर दिए। विभाग की शुरुआती जांच में फर्जी धर्मार्थ ट्रस्टों के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। यह फर्जी दान और योगदान के बदले अकोमोडेशन एंट्री (रकम का हेरफेर) कर रहे थे।
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इन संस्थाओं के भेजे गए भारी-भरकम फंड और उनके टर्नओवर में कोई मेल नहीं था। खास बात यह है कि इस काम में जिन फर्मों का उपयोग किया गया, उनमें सीमावर्ती क्षेत्रों की 117 इकाइयां शामिल हैं। अधिकारियों को संदेह है कि इकाइयों के जरिये विदेश भेजे गए कालेधन को वापस देश में लाने के लिए इस्तेमाल किया गया। फिलहाल मामले की जांच जारी है। माना जा रहा है कि इस पूरे खेल में सीएसआर फंड का करीब पांच हजार करोड़ रुपये देश से बाहर भेजा गया है।
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