फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Our heritage Agra story: Know The History Of Tajnagri Mandis Made In Mughalia Era

हमारी धरोहर आगरा कथा: मुगल शासनकाल में बनी ताजनगरी की मंडियां, जानिए इनका इतिहास

Mon, 07 Dec 2020 10:43 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Mon, 07 Dec 2020 10:43 AM IST
सार

  • नाई की मंडी इससे पहले शेरशाह सूरी के समय बसाई गई थी
  • मंडियों के जो नाम रखे गए, वे आज भी वही हैं

विज्ञापन
Our heritage Agra story: Know The History Of Tajnagri Mandis Made In Mughalia Era
राजा की मंडी - फोटो : amar ujala

विस्तार

ताजनगरी की मंडियों के स्वरूप भले ही वक्त के तकाजे से बदलते रहे हों लेकिन नए रंग-ढंग में भी व्यापार जगत में इनकी धमक आज भी देशभर में कायम है। मुगल बादशाह जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर के दौर में अलग-अलग सामान के व्यापार के लिए बनाईं गईं अलग-अलग मंडियां आज बाजार और मोहल्लों की शक्ल ले चुकी हैं।
विज्ञापन



इनके व्यापार भी बदल गए हैं लेकिन नाम वही हैं जो दौर ए मुगलिया में रखे गए थे। हर मंडी की एक रोचक कहानी है। ‘हमारी धरोहर-आगरा कथा’ के माध्यम से इतिहास के पन्नों में दर्ज इनकी सुनहरी दास्तां से लेकर वर्तमान हालात से हम आपको रूबरू कराएंगे।
विज्ञापन


शहर की प्रमुख मंडियों में राजामंडी, लोहामंडी, हींग की मंडी, नाई की मंडी, सोंठ की मंडी, रुई की मंडी, नमक की मंडी, पीपल मंडी, शहजादी मंडी, घास मंडी, सिर की मंडी, गल्ला मंडी, गुड़ की मंडी और सिकंदरा सब्जी मंडी हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

इतिहासकार राजकिशोर शर्मा राजे ने बताया कि ज्यादातर मंडियां वर्ष 1556 में पानीपत की दूसरी जंग में हेमू को हराने के बाद 1558 में आगरा आए अकबर के समय की हैं। नाई की मंडी इससे पहले शेरशाह सूरी के समय बसाई गई थी। मंडियों के जो नाम रखे गए, वे आज भी वही हैं।

व्यापार का प्रमुख केंद्र था आगरा
राजकिशोर राजे ने बताया कि मुगलिया दौर में आगरा व्यापार का बड़ा केंद्र रहा। अकबर के समय में देश का ही नहीं, एशिया के प्रमुख बाजार लाहौर और आगरा थे। अकबर के वजीर ए आजम रहे अबुल फजल ने भी इसका वर्णन किया है। दरी-गलीचे, शॉल, मसाले, हाथी दांत, सूती वस्त्र, लोहे के हथियार का कारोबार होता था। आगरा और सीकरी में सिक्कों की टकसालें थीं।

मंडियां ही नहीं, गंज और हाई भी
इतिहासकार सुगम आनंद ने बताया कि व्यापार को व्यवस्थित ढंग से चलाने के लिए अकबर के समय सिर्फ मंडियों की ही स्थापना नहीं की गई, बल्कि हाई और गंज भी बनाए गए। हाई ऐसी जगह होती थी जहां साप्ताहिक, पाक्षिक और मासिक बाजार लगते थे, जैसे नुनिहाई। इसी तरह गंज संभवत: वे स्थान थे, जहां सामान का भंडारण किया जाता था, जैसे ताजगंज, बेलनगंज, शाहगंज, आलमगंज, मोतीगंज।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed