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बागों के शहर में बदहाल पार्क

Sun, 24 Apr 2016 02:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Updated Sun, 24 Apr 2016 02:15 AM IST
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Orchards in the impoverished city park
बागों के शहर में बदहाल पार्क - फोटो : Amar Ujala
कभी बागों की वजह से पहचाना जाने वाला शहर अब पार्कों के लिए तरस गया है। हरियाली के बीच सुकून के कुछ पल गुजारने के लिए शहर के कोने से दूसरे कोने तक भटकना पड़ता है। स्थिति यह है कि कुछ पार्कों को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश उजड़े हुए हैं। कोई अतिक्रमण से घिरा है तो पार्किंग स्थल। कुछ पार्क तो सिर्फ नाम के ही पार्क हैं। यहां न तो हरियाली और न ही बैठने की कोई व्यवस्था। बाउंड्री तक नहीं है। शहर में ऐसे पार्कों की संख्या काफी है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नगर निगम के अंतर्गत आने वाले अधिकांश पार्क रिकार्ड में ही विकसित नहीं हैं।
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इन्हीं में से एक लॉयर्स कालोनी टंकी वाला पार्क है। इसमें अवैध कब्जे हो चुके हैं। लोगों ने अस्थाई रहने के ठिकाने बना लिए हैं। कुछ लोगों ने बाउंड्री तोड़कर अपने चार पहिया वाहन खड़े करना शुरू कर दिया है। हरियाली के नाम पर कटीली घास और झाड़ियां हैं। बेंच टूटी पड़ी है। रखरखाव के अभाव में पार्क पूरी तरह से उजाड़ा सा गया है। कूड़े के ढेर भी लगे हुए हैं। पार्क के आसपास ही रहने वाले मुकेश मिश्रा का कहना है कि लॉयर्स कालोनी का यह पार्क सिर्फ नाम का रह गया है। अव्यवस्थित होने के कारण कई सालों से यहां सुबह टहलने तक नहीं आए। ऐसा ही कुछ नरेंद्र सिंह का कहना है। उन्होंने कहा कि नगर निगम अधिकारियों की उपेक्षा की वजह से यह पार्क बदहाल हो गया है। आसपास कोई और दूसरा पार्क भी नहीं है। बता दें कि यह पार्क नगर निगम के अधीन है। इसकी देखरेख की जिम्मेदारी नगर निगम की ही है। 
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गर्मियों की छुट्टी में बच्चे कहां जाएंगे खेलने
बमुश्किल एक महीने बाद स्कूलों की छुट्टियां होने वाली हैं। ऐसे में पार्कों की स्थिति ठीक न होने पर वे भी खेलने के लिए तरस जाएंगे। या वे गलियों में झुंड बनाकर खेलें या फिर उन्हें घर में ही टीवी के सामने कैद होकर बैठना होगा। दरअसल, शहर में पार्कों की संख्या पहले ही काफी कम है। जो हैं भी उनमें से अधिकांश इस स्थिति में नहीं हैं कि बच्चे वहां खेल सकें। 
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