अमर उजाला एक्सक्लूसिव: कोरोना काल में 92,900 लोगों को मिला पीएफ का सहारा
- कोरोना काल रोजगार गंवा चुके और अन्य मुसीबत झेलने वाले लोगों के लिए भविष्य निधि (पीएफ) मददगार साबित हुई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा में मार्च से जनवरी के बीच 11 महीनों में 1,35,235 लोगों ने मुश्किल वक्त में भविष्य निधि निकालने के लिए आवेदन किया, इनमें से 92,900 दावों को निस्तारित किया गया। 2019-20 में केवल 42 हजार लोगों ने आवेदन किए थे। बीते साल के मुकाबले दोगुने से ज्यादा लोगों ने भविष्य निधि की निकासी की।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने कोरोना संक्रमण काल में अपने सदस्यों को इन 11 महीने में 231 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। मार्च से जनवरी के बीच आगरा क्षेत्र में 1,35,235 सदस्यों ने भविष्य निधि निकालने के लिए दावे पेश किए। इनमें से कोविड के लिए 22,357 आवेदन शामिल हैं।
1,35,235 दावों में से 92,900 निस्तारित कर उनके बैंक खातों में निधि का भुगतान किया गया। 40,416 आवेदन छोटी-मोटी गलतियों की वजह से निरस्त हो गए। बाकी 1919 आवेदनों पर अभी कार्यवाही चल रही है।
तेजी से निपटाए दावे
भविष्य निधि संगठन के क्षेत्रीय आयुक्त आरके पाल ने कहा कि हमने कोरोना संक्रमण काल में तेजी से दावे निपटाए। बीते साल से तीन गुना ज्यादा सदस्यों ने अब तक भविष्य निधि निकालने के लिए दावे किए थे, जिनमें से ज्यादातर को हमने सात दिन में ही खातों में भेज दिया। ऑनलाइन सुनवाई भी की, जिससे सदस्यों की मुश्किलों को दूर किया। छोटी रकम निकालने वाले सदस्यों की ज्यादा संख्या रही।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन अपने अंशधारक सदस्यों को कोविड-19 से लड़ने व उन्हें आर्थिक मदद देने को नया प्रावधान लाया था, जिसके तहत आगरा क्षेत्र में 29,371 दावे प्राप्त हुए। इनमें से 22,357 सदस्यों को 39.88 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। ईपीएफओ, क्षेत्रीय आयुक्त आरके पाल ने बताया कि नए प्रावधान के तहत निधि सदस्य के खाते की 75 फीसद राशि या तीन माह का वेतन, दोनों में जो कम हो, के आधार पर भुगतान किया गया।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने सात दिन के अंदर 70 फीसदी से ज्यादा दावे निपटा दिए। दावा करने के तीन दिनों के अंदर 36,191 खातों में भविष्य निधि की रकम पहुंच गई। आवेदनों के निस्तारण में काफी तेजी दिखाई गई। खामियों वाले आवेदनों को भी 8 से 20 दिन के अंदर निस्तारित कर दिया गया। कुल 92,900 पीएफ एकाउंट धारकों को उनकी निधि का भुगतान किया जा चुका है।
- खाते का नंबर व बैंक शाखा का आईएफएससी कोड सही हो। कोड गलत होने से पैसा ट्रांसफर नहीं हो पाएगा।
- जितनी रकम मांगी गई है, उतनी पीएफ खाते में हो।
- मकान निर्माण, जीर्णोद्धार के लिए एक-एक, शादी के लिए दो बार जबकि बीमारी के लिए निकासी की कोई सीमा नहीं है।
- कोविड-19 के लिए सबसे ज्यादा 75 फीसदी तक पैसा निकाल सकते हैं।
(जैसा सहायक आयुक्त रवींद्र कुमार ने बताया)