आगरा: मछली पालन के नाम पर किसानों से एक करोड़ की ठगी, पीड़ितों ने लगाई रकम वापस कराने की गुहार
आगरा में 24 से अधिक किसानों से करीब एक करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इन किसानों से मछली पालन में रकम दोगुनी का झांसा देकर रुपये लिए थे। ठगी का पता चलने पर पीड़ितों ने पुलिस से गुहार लगाई है।
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आगरा में मछली पालन के नाम पर किसानों से एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर ली गई। 16 महीने में रकम दोगुनी करने का प्रलोभन देकर रकम जमा कराई गई थी। पीड़ित किसानों ने सोमवार को एसएसपी ऑफिस में प्रार्थनापत्र दिया। मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की।
डिफेंस कॉलोनी निवासी हरिपाल सिंह के मुताबिक, किसानों से कुछ महीने पहले एजेंट ने संपर्क किया। बताया कि वह हरियाणा की मछली पालन करने वाली कंपनी का कर्मचारी है। हेड ऑफिस गुरुग्राम में है। प्रधानमंत्री की मछली पालन स्कीम के तहत किसानों को लाभ दिया जा रहा है। इसके लिए किसानों को जमीन देनी होगी।
कंपनी के कर्मचारी आएंगे। जमीन पर तालाब खोदेंगे। पानी भरा जाएगा। इसके बाद मछली पालन किया जाएगा। एक कर्मचारी का खर्च भी कंपनी देगी। इसके लिए 11 लाख रुपये और 5.5 लाख की दो स्कीम के तहत निवेश करना होगा। 14 से 16 महीने में रकम दोगुनी वापस की जाएगी। हर महीने किस्त मिलेगी।
24 से अधिक किसान हुए ठगी का शिकार
इस पर सदर सहित अन्य इलाके के 24 से अधिक किसान फंस गए। उन्होंने निवेश कर दिया। एक करोड़ से अधिक कंपनी के एजेंट को दे दिए। किसानों की जमीन पर तालाब तैयार कर मछली पालन शुरू करा दिया गया।
आरोप है कि किसी के खाते में दो महीने तो किसी के खाते में तीन महीने तक किस्त आईं। इसके बाद रकम आना बंद हो गई। कर्मचारी का भी वेतन बंद हो गया। कर्मचारी कॉल रिसीव नहीं करते। इस पर पीड़ितों ने सोमवार को एसएसपी आफिस पहुंचकर शिकायत की। पीड़ितों को पता चला है कि आरोपियों ने कई जगह इसी तरह से ठगी की है। उनके खिलाफ मुकदमे भी दर्ज हैं।
प्रार्थनापत्र में इन पीड़ितों के नाम
एसएसपी ऑफिस में पीड़ित प्रार्थनापत्र लेकर आए थे। मगर, एसएसपी से समय निकलने की वजह से मुलाकात नहीं हो सकी। हालांकि उनका प्रार्थनापत्र ले लिया गया। उनको मंगलवार को बुलाया गया है।
प्रार्थनापत्र में जल सिंह, सुनील, अजय कुमार, विष्णु स्वरूप, लोकेंद्र सिंह, श्यामवीर सिंह, मनोज कुमार त्यागी, प्रहलाद सिंह, चंद्रप्रकाश, सुरेंद्र चंद्र, नीरज, रमाकांत, सत्येंद्र, अनिल कुमार, राकेश कुमार, नेत्रपाल सिंह, सत्यवीर सिंह, कीर्तिराम, सुग्रीव सिंह, सुशील कुमार, रामनिवास, कृष्ण कुमार के नाम हैं। ज्यादातर पीड़ितों से 5.5 लाख रुपये की रकम ली गई है। इस तरह ये मामला एक करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी का है।