विश्व पर्यावरण दिवस: कागजों में कबाड़...सड़कों पर धुआं उड़ा रहीं ढाई लाख प्रतिबंधित गाड़ियां
विश्व पर्यावरण दिवस: आगरा में कागजों में कबाड़ घोषित की जा चुकी ढाई लाख प्रतिबंधित गाड़ियां सड़कों पर धुआं उड़ा रहीं हैं। इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा में कागजों में कबाड़ घोषित हो चुकी पुरानी गाड़ियां सड़कों पर धुआं उड़ा रही हैं। वाहनों से प्रदूषण रोकने के लिए जनवरी 2019 से अप्रैल 2023 के बीच 54 सीरीज के ढाई लाख से ज्यादा चार पहिया, दोपहिया और तीन पहिया वाहनों के पंजीयन निरस्त किए जा चुके हैं। परिवहन विभाग से एक लाख से ज्यादा वाहन मालिकों ने दूसरे जिलों में वाहन ट्रांसफर करा लिए। इसके बावजूद चलन से बाहर हुए ये वाहन सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं।
54 सीरीज की गाड़ियां प्रतिबंधित
ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन और 10 साल पुराने डीजल चालित वाहनों का संचालन प्रतिबंधित कर दिया गया है। 1989 से लेकर 2004 तक के वाहन प्रतिबंधित हैं। इनमें व्यवसायिक और निजी 54 सीरीज की गाड़ियां शामिल हैं। दूसरी जगह पंजीकरण कराने के बाद भी प्रतिबंधित वाहन यहां संचालित हो रहे हैं।
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इन गाड़ियों को नहीं पकड़ती पुलिस
स्मार्ट सिटी के कैमरों में ऐसे वाहन अकसर कैद होते हैं। इनके चालान भी नहीं हो पाते। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) अनिल कुमार सिंह का कहना है कि थानों में 15 साल पुरानी गाड़ियों को खड़ी करने की जगह नहीं है। ऐसे में पुलिस भी इन गाड़ियों को कम ही पकड़ती है।
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इस माह शुरू होगा स्क्रैप सेंटर
एआरटीओ का कहना है कि आगरा में स्क्रैप सेंटर 15 जून तक शुरू हो जाएगा। इसके बाद पुराने वाहनों को पकड़कर सीधे स्क्रैप सेंटर भेजा जाएगा। इससे पुराने वाहनों के संचालन पर रोक लग सकेगी।