फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   old currency in police stations not changed

यूपी पुलिस के पास आज भी रखे हैं करोड़ों रुपये के 1000-500 के पुराने नोट, वजह है ये

Mon, 22 Jan 2018 04:14 PM IST
चंद्रमोहन शर्मा, अमर उजाला आगरा
चंद्रमोहन शर्मा, अमर उजाला आगरा Updated Mon, 22 Jan 2018 04:14 PM IST
विज्ञापन
old currency in police stations not changed
पुराने नोट - फोटो : SELF
आठ नवंबर 2016 की रात की गई नोटबंदी को सवा साल हो गया, लेकिन पुलिस के मालखानों में रखे 1000-500 के पुराने नोट अभी तक नहीं बदले गए। एक-एक जिले में एक-एक करोड़ से ज्यादा रकम है। 
विज्ञापन


समस्या एक जिले या एक प्रदेश की नहीं, पूरे देश की है। करोड़ों रुपये हैं, जो अब रद्दी बन चुका है। पुलिस के आला अफसरों तक ने इन्हें बदलवाने के लिए प्लान तो बनाए, लेकिन एक भी अंजाम तक नहीं पहुंच पाया। 
विज्ञापन


आरबीआई ने कहा था कि प्रत्येक जिले में नोट बदलवाने के लिए एक तारीख दी जाएगी। दिन, महीने गुजरते चले गए, वह तारीख अभी तक नहीं आई है।

आगरा की बात करें तो यहां 43 थाने हैं, इनमें 10 करोड़ से ज्यादा रुपये पुराने नोट हैं। इसमें अपराधियों की निशानदेही पर बरामद पैसा भी है और उनकी जामा तलाशी में मिली रकम भी।  
विज्ञापन
विज्ञापन

ट्रैफिक के चालान में मिला जुर्माना भी है और जुए और सट्टे में पकड़ी गई रकम भी। कुछ पैसा सरकारी है तो कुछ उन पीड़ितों का है, जो लूट, चोरी जैसी वारदातों के शिकार हुए। हरीपर्वत, एत्माद्दौला, सिकंदरा, एत्मादपुर, न्यू आगरा ऐसे थाने हैं, जहां यह रकम ज्यादा है।

इन थानों के मालखानों के इंचार्जों का कहना है कि पुराने नोट बदलने पर काफी विचार हुआ था। प्लान भी बन गया था। नकली नोट अलग कर दिए गए थे। 1000-500 के नोट अलग किए गए, इनके डिटेल तैयार कराई गई। 

इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए पुलिस लाइन में ड्रिल भी कराई गई थी ताकि रिकॉर्ड रखने में कोई चूक न हो जाए। सीओ क्राइम एएसपी श्लोक कुमार का कहना है कि पुराने नोट बदले जाने पर काम तो काफी किया गया। आरबीआई से बताया गया था कि प्रत्येक जिले के लिए एक तारीख दी जाएगी। इसके बाद बात आगे नहीं बढ़ी।

तो पुराने नोट ही देगी पुलिस

अभी तक पुलिस के पास ऐसी कोई गाइड लाइन नहीं है कि अगर किसी पीड़ित को उसकी रकम मालखाने से देनी पड़ जाए तो उसे 1000-500 वे ही नोट दिए जाएंगे, जो बंद किए जा चुके हैं। 

या फिर नए नोट। इसका अर्थ यही है कि पुलिस पुराने नोट ही देगी, क्योंकि उसके पुराने नोट ही गए थे और पुराने ही बरामद हुए थे। अगर पुलिस किसी को 1000-500 को नोट दे देती है तो वह मुसीबत में फंस जाएगा। 

बंद की जा चुकी इस करेंसी को रखना अपराध की श्रेणी में आ चुका है। ऐसे में एक तरफ पुलिस उसे नोट देगी और दूसरी ओर उसे तुरंत ही पकड़ सकती है। जाहिर है कि डर के मारे कोई रकम लेने ही नहीं जाएगा।

रद्दी बन रहा है विकास का पैसा

1000-500 के जो पुराने नोट थानों में रखे रद्दी बन रहे हैं, उनमें ज्यादातर ऐसे हैं, जो सरकारी संपत्ति है। इन्हें चालान के रूप में जमा किया गया। यह पैसा सरकार के खजाने में जाकर विकास के लिए खर्च किया जाता। 

अब सरकार को ही फैसला लेना होगा कि इसका निस्तारण कैसे किया जाए? आगरा के एसपी सिटी कुंवर अनुपम सिंह का कहना है कि थानों के मालखानों में रखे पुराने नोट अभी बदले नहीं गए हैं। इस पर विचार किया जा रहा है कि कैसे बदला जाए। 

अगर कोई पीड़ित आता है, जिसे पुराने नोट में से रकम दी जानी है तो ऐसे मामले में विधि विशेषज्ञों की राय ली जाएगी। किसी को भी पुराने नोट नहीं दिए जाएंगे।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed