अमर उजाला असर: अफसरों ने तालाबों के 26 कब्जेदारों की सूची बनाई, दर्ज होगा मुकदमा
- अमर उजाला में खबरें प्रकाशित होने के बाद हरकत में आया प्रशासनिक अमला
- लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों की टीमों ने की जांच, 21 अतिक्रमण भी चिह्नित
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आगरा में तालाबों पर अवैध कब्जों और अतिक्रमणों की उल्टी गिनती गुरुवार से शुरू हो गई। लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों की टीमें तालाबों की पैमाइश के लिए दिनभर दौड़ीं। सात तालाबों पर 21 जगह अतिक्रमण और 26 पक्के निर्माणों की सूची बनाई है। पक्के निर्माण करने वाले 26 लोगों के विरुद्ध राजस्व संहिता की धारा 67 में मुकदमा दर्ज होगा।
अमर उजाला में तालाबों की हकीकत उजागर होने के बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एम अरुन्मौली ने 38 तालाबों पर कब्जों के विरुद्ध कार्रवाई के आदेश दिए हैं। राजस्व टीमों से तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है। गुरुवार को कई टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में दौड़ीं।
अकोला के गामरी में गाटा 558 में 390 वर्ग मीटर के तालाब की राजस्व निरीक्षक संजीव कुमार, लेखपाल देवी सिंह ने फीता डालवाकर पैमाइश कराई। यहां दो अतिक्रमण चिह्नित किए। कुछ हिस्से में सड़क बनी है। एक मकान बना है। मकान वाले के विरुद्ध मुकदमा होगा।
तीन तालाबों की पैमाइश कराई गई
सैमरी क्षेत्र के गंगरौआ में पांच तालाब हैं। इनमें तीन पर कब्जे हैं। क्षेत्रीय लेखपाल गजेंद्र राना के मुताबिक तालाब के गाटा 544 में 5050 वर्ग मीटर करीब ढाई बीघा जमीन पर 15 मकान बने हैं। इनके विरुद्ध धारा 67 में कार्रवाई होगी। गाटा 430 में तालाब पर दो पक्के निर्माण हैं।
इसका क्षेत्रफल 2300 वर्ग मीटर है। बाकी हिस्से में तालाब में पानी भरा है। गाटा 534 में 230 वर्ग मीटर का तालाब बीच गांव में था, जो मौके पर नहीं मिल रहा। सीमांकन व पैमाइश नहीं हो सकी। तीन तालाबों पर सात अतिक्रमण हैं, इनकी सूची बनाई है।
सख्ती :मुकदमे के बाद होंगे बेदखल
तहसीलदार सदर प्रेम पाल सिंह ने बताया पक्के निर्माणों के विरुद्ध धारा 67 में मुकदमा दर्ज कर पहले पक्षों को सुना जाएगा। साक्ष्यों व रिकॉर्ड के आधार पर राजस्व न्यायालय में सुनवाई होगी।
निर्माण अवैध साबित होने पर कब्जेदारों को मौके से बेदखल किया जाएगा। बेदखली के बाद पुलिस की मदद से तालाब कब्जा मुक्त होंगे। इस दौरान अगर कोई शांति भंग का प्रयास करेगा तो उसे जेल भेजा जाएगा। इसमें दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है।
निर्देश : एडीएम वित्त ने नगरायुक्त से मांगी रिपोर्ट
शहर व देहात में तालाबों पर हुए अतिक्रमण व अवैध निर्माणों के विरुद्ध कार्रवाई में लापरवाही बरतने पर बृहस्पतिवार को एडीएम वित्त योगेंद्र कुमार ने नाराजगी जताई। उन्होंने सदर तहसील क्षेत्र में 44 तालाबों की रिपोर्ट तीन दिन में प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
एडीएम ने बताया शहरी क्षेत्र में तालाबों पर कार्रवाई नहीं करने पर नगरायुक्त से भी रिपोर्ट मांगी है। नगर निगम अधिकारियों से जल्द कार्रवाई करने के लिए कहा है।
