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Agra News: अफसर लापरवाह, पुलों की मरम्मत से निर्माण कार्य तक अधूरा
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आगरा। निर्माण कार्यों में कार्यदायी संस्थाओं की भारी लापरवाही और लेटलतीफी सामने आई है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सीएमआईएस पोर्टल के प्रोजेक्ट्स की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी मनीष बंसल ने पूर्ण हो चुके प्रोजेक्ट्स को हैंडओवर न करने पर कड़ी नाराजगी जताई। वहीं, कई पुलों की मरम्मत से लेकर निर्माण अधूरा मिलने पर जवाब-तलब किया।
बैठक में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के निर्माण में लापरवाही उजागर हुई। दो विद्यालयों का काम पूरा होने के बावजूद केवल जांच समिति गठित न होने के कारण उन्हें हैंडओवर नहीं किया जा सका। जिलाधिकारी ने इसे घोर लापरवाही मानते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल समिति बनाकर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि अगली बैठक में प्रोजेक्ट में देरी का स्पष्ट कारण और ठेकेदार पर की गई कार्रवाई का पूरा ब्योरा पेश किया जाए। भूमि संबंधी विवादों को एसडीएम के समन्वय से जल्द सुलझाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा, गठित टास्क फोर्स इसका भौतिक सत्यापन करेगी।
ये काम अधूरे
बिचपुरी फाटक सेतु- टेंडर रिवाइज हुआ है। पेड़ काटने का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने से काम अटका है।
आनंदी भैरव यमुना सेतु- एस्टीमेट रिवाइज होने के कारण दोबारा टेंडर करना पड़ा है। डीएम ने जुलाई से काम शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
अर्जुन नगर एलिवेटेड रोड- भूमि का पेंच फंसा है। राजस्व रिकॉर्ड से जांच के लिए पुलिस व अन्य विभागों की कमेटी बनाई गई है।
अंबेडकर सेतु- पुल की मरम्मत के लिए 1.33 करोड़ रुपये की स्वीकृति शासन स्तर पर ही अटकी पड़ी है।
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बैठक में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के निर्माण में लापरवाही उजागर हुई। दो विद्यालयों का काम पूरा होने के बावजूद केवल जांच समिति गठित न होने के कारण उन्हें हैंडओवर नहीं किया जा सका। जिलाधिकारी ने इसे घोर लापरवाही मानते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल समिति बनाकर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि अगली बैठक में प्रोजेक्ट में देरी का स्पष्ट कारण और ठेकेदार पर की गई कार्रवाई का पूरा ब्योरा पेश किया जाए। भूमि संबंधी विवादों को एसडीएम के समन्वय से जल्द सुलझाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा, गठित टास्क फोर्स इसका भौतिक सत्यापन करेगी।
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ये काम अधूरे
बिचपुरी फाटक सेतु- टेंडर रिवाइज हुआ है। पेड़ काटने का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने से काम अटका है।
आनंदी भैरव यमुना सेतु- एस्टीमेट रिवाइज होने के कारण दोबारा टेंडर करना पड़ा है। डीएम ने जुलाई से काम शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
अर्जुन नगर एलिवेटेड रोड- भूमि का पेंच फंसा है। राजस्व रिकॉर्ड से जांच के लिए पुलिस व अन्य विभागों की कमेटी बनाई गई है।
अंबेडकर सेतु- पुल की मरम्मत के लिए 1.33 करोड़ रुपये की स्वीकृति शासन स्तर पर ही अटकी पड़ी है।