{"_id":"65b16d7b47e45c20e0081189","slug":"o-traveler-of-the-destination-dont-get-tired-you-will-reach-your-destination-and-also-enjoy-it-kasganj-news-t-175-1-sagr1031-10336-2024-01-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: थककर न बैठ ए मंजिल के मुसाफिर, मंजिल भी मिलेगी और मजा भी आएगा...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: थककर न बैठ ए मंजिल के मुसाफिर, मंजिल भी मिलेगी और मजा भी आएगा...
Thu, 25 Jan 2024 01:35 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Thu, 25 Jan 2024 01:35 AM IST
विज्ञापन
कासगंज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की पीसीएस परीक्षा 2023 के अंतिम चयन परिणाम में जिले के कलानी सिढ़पुरा निवासी माधव उपाध्याय ने परीक्षा में दसवां स्थान हासिल किया। उनकी इस सफलता से परिवार में खुशियां छाई हुई हैं वहीं माधव को लोग लगातार बधाइयां दे रहे हैं।
गांव की पगडंडियों पर होकर सफलता के सोपान पर चढऩे वाले माधव उपाध्याय मध्यमवर्गीय किसान परिवार से हैं। उनके पिता हरिओम उपाध्याय खेतीबाड़ी का काम करते हैं। मां आशा देवी जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। माधव के पिता काफी समय से बीमार हैं। माधव की राह में पारिवारिक चुनौतियां भी बनी रहीं, लेकिन वह अपने लक्ष्य पर डटे रहे और पीछे मुडकऱ नहीं देखा। माधव का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में तैयारी करने को अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटना चाहिए।
माधव बताते हैं कि यह उनका चौथा प्रयास था। इस बार उन्होंने स्पेशल नोट्स बनाकर विशेष तैयारी और उन्हें सफलता मिल गई। वह कहते हैं कि अब वे डिप्टी कलेक्टर के पद पर तैनात हुए हैं। उन्होंने अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि वह शिक्षा के क्षेत्र में काम करना चाहते हैं क्योंकि शिक्षा से चरित्र का निर्माण होता है। उन्होंने कहा कि अपना लक्ष्य हांसिल करने के लिए निरंतर प्रयास करना जरूरी है। युवाओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि थककर न बैठ ए मंजिल के मुसाफिर, मंजिल भी मिलेगी और मिलने का मजा भी आएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव की पगडंडियों पर होकर सफलता के सोपान पर चढऩे वाले माधव उपाध्याय मध्यमवर्गीय किसान परिवार से हैं। उनके पिता हरिओम उपाध्याय खेतीबाड़ी का काम करते हैं। मां आशा देवी जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। माधव के पिता काफी समय से बीमार हैं। माधव की राह में पारिवारिक चुनौतियां भी बनी रहीं, लेकिन वह अपने लक्ष्य पर डटे रहे और पीछे मुडकऱ नहीं देखा। माधव का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में तैयारी करने को अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटना चाहिए।
विज्ञापन
माधव बताते हैं कि यह उनका चौथा प्रयास था। इस बार उन्होंने स्पेशल नोट्स बनाकर विशेष तैयारी और उन्हें सफलता मिल गई। वह कहते हैं कि अब वे डिप्टी कलेक्टर के पद पर तैनात हुए हैं। उन्होंने अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि वह शिक्षा के क्षेत्र में काम करना चाहते हैं क्योंकि शिक्षा से चरित्र का निर्माण होता है। उन्होंने कहा कि अपना लक्ष्य हांसिल करने के लिए निरंतर प्रयास करना जरूरी है। युवाओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि थककर न बैठ ए मंजिल के मुसाफिर, मंजिल भी मिलेगी और मिलने का मजा भी आएगा।
विज्ञापन