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Mainpuri: गलती के बिना ड्यूटी से हटाई नर्स...ये सदमा बर्दाश्त न कर सकी, बिगड़ गई हालत; अस्पताल में भर्ती
Mon, 07 Oct 2024 07:02 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 07 Oct 2024 07:02 PM IST
सार
मैनपुरी के सौ शैया अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्स को जब ये मालूम पड़ा कि बिना गलती के ही उसे ड्यूटी से हटा दिया गया तो उसे सदमा लग गया। उसकी हालत बिगड़ गई। स्टाफ नर्स को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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अस्पताल (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : freepik
विस्तार
मैनपुरी के सौ शैया अस्पताल में बच्चे की मौत के मामले में घटना के समय ड्यूटी न होने के बाद भी स्टाफ नर्स पर कार्रवाई कर दी गई। सीएमएस ने उसे ड्यूटी से हटा दिया। जानकारी होने पर स्टाफ नर्स की हालत बिगड़ गई, उसे गंभीर हालत में लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सौ शैया अस्पताल में शहर के जेल चौराहे के निकट निवासी कल्पना के प्रसव के बाद बच्चे की मौत हो गई थी। महिला के पति सौरभ ने अस्पताल की डॉक्टर और स्टाफ नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाया था। सीएमओ ने जांच के बाद यहां तैनात स्टाफ नर्स सुशीला, मनीषा, संजू, आशु को ड्यूटी से हटा दिया। वहीं डॉ. निशिता यादव को प्रतिकूल प्रविष्ट के लिए डीएम को पत्र लिखा गया है।
शिकायतकर्ता और अस्पताल में दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार 4 अक्तूबर को सौरभ की पत्नी कल्पना को दोपहर 3:44 बजे प्रसव कराया गया। जबकि कार्रवाई में शामिल संजू और आशु की ड्यूटी दो बजे ही समाप्त हो चुकी थी। कार्रवाई की जानकारी होते ही संजू की हालत बिगड़ गई। उसे लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया गया है कि संजू को गलत कार्रवाई की जानकारी पर अटैक पड़ा है। वहीं गलत कार्रवाई अस्पताल में भी चर्चा बनी हुई है कि जिस नर्स की ड्यूटी 2 बजे ही समाप्त हो चुकी थी वह एक घंटा 44 मिनट की देरी के बाद आखिर कैसे दोषी हो गई।
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जानकारी देने के बाद भी डॉक्टर नहीं रहते मौजूद
सौ शैया अस्पताल के स्टाफ की तरफ से सीएमएस को एक पत्र दिया गया है। इसमें कहा गया है कि प्रसव के दौरान डॉक्टर मौजूद नहीं रहते हैं। बाद में कोई बात होती है तो उन लोगों पर कार्रवाई होती है। कल्पना के प्रसव के दौरान भी दो डॉक्टरों की ड्यूटी थी। डॉ. दिव्या ने ओटी में होने की बात कही जबकि डॉ. शैलजा जानकारी के बाद भी उपस्थित नहीं हुईं। आखिर इस सभी के लिए स्टाफ नर्स पर ही क्यों कार्रवाई की गई।
सौ शैया अस्पताल के चिकित्साधीक्षक डॉ. शशांक ने बताया कि बच्चे की मौत के मामले में अधिकारियों के निर्देश पर जांच कराई जा रही है। उस पूरे दिन ड्यूटी पर जो भी स्टाफ था उसे ड्यूटी से हटा दिया गया है। वहीं डॉक्टर को प्रतिकूल प्रविष्टि के लिए जिलाधिकारी को लिखा गया है।
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सौ शैया अस्पताल में शहर के जेल चौराहे के निकट निवासी कल्पना के प्रसव के बाद बच्चे की मौत हो गई थी। महिला के पति सौरभ ने अस्पताल की डॉक्टर और स्टाफ नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाया था। सीएमओ ने जांच के बाद यहां तैनात स्टाफ नर्स सुशीला, मनीषा, संजू, आशु को ड्यूटी से हटा दिया। वहीं डॉ. निशिता यादव को प्रतिकूल प्रविष्ट के लिए डीएम को पत्र लिखा गया है।
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शिकायतकर्ता और अस्पताल में दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार 4 अक्तूबर को सौरभ की पत्नी कल्पना को दोपहर 3:44 बजे प्रसव कराया गया। जबकि कार्रवाई में शामिल संजू और आशु की ड्यूटी दो बजे ही समाप्त हो चुकी थी। कार्रवाई की जानकारी होते ही संजू की हालत बिगड़ गई। उसे लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया गया है कि संजू को गलत कार्रवाई की जानकारी पर अटैक पड़ा है। वहीं गलत कार्रवाई अस्पताल में भी चर्चा बनी हुई है कि जिस नर्स की ड्यूटी 2 बजे ही समाप्त हो चुकी थी वह एक घंटा 44 मिनट की देरी के बाद आखिर कैसे दोषी हो गई।
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जानकारी देने के बाद भी डॉक्टर नहीं रहते मौजूद
सौ शैया अस्पताल के स्टाफ की तरफ से सीएमएस को एक पत्र दिया गया है। इसमें कहा गया है कि प्रसव के दौरान डॉक्टर मौजूद नहीं रहते हैं। बाद में कोई बात होती है तो उन लोगों पर कार्रवाई होती है। कल्पना के प्रसव के दौरान भी दो डॉक्टरों की ड्यूटी थी। डॉ. दिव्या ने ओटी में होने की बात कही जबकि डॉ. शैलजा जानकारी के बाद भी उपस्थित नहीं हुईं। आखिर इस सभी के लिए स्टाफ नर्स पर ही क्यों कार्रवाई की गई।
सौ शैया अस्पताल के चिकित्साधीक्षक डॉ. शशांक ने बताया कि बच्चे की मौत के मामले में अधिकारियों के निर्देश पर जांच कराई जा रही है। उस पूरे दिन ड्यूटी पर जो भी स्टाफ था उसे ड्यूटी से हटा दिया गया है। वहीं डॉक्टर को प्रतिकूल प्रविष्टि के लिए जिलाधिकारी को लिखा गया है।