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यूपी के इस जिले में घट रही बेटियों की संख्या, ये आंकड़े हैं चिंताजनक
अनिल यादव, अमर उजाला एटा
Updated Thu, 21 Jun 2018 09:40 AM IST
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यूपी के एटा जिले में बेटियों की संख्या में लगातार हो रही गिरावट चिंता का विषय है। विगत साल जिले में लड़कियों की संख्या में खासी गिरावट दर्ज की गई है।
वहीं काफी सख्ती के बाद भी जिले में भ्रूण हत्या पर रोक नहीं लग पा रही है और यह आंकड़ा इसे स्पष्ट करता है। अलीगंज ब्लॉक में बेटे बेटियों का सबसे अधिक अंतर देखने को मिला है।
बेटी बचाओ का नारा एक स्लोगन बनकर रह गया है। बेटी बचाने का प्रयास नहीं किए जा रहा है। इसका ही परिणाम है कि लगातार बेटियों की संख्या में गिरावट आ रही है।
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वहीं काफी सख्ती के बाद भी जिले में भ्रूण हत्या पर रोक नहीं लग पा रही है और यह आंकड़ा इसे स्पष्ट करता है। अलीगंज ब्लॉक में बेटे बेटियों का सबसे अधिक अंतर देखने को मिला है।
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बेटी बचाओ का नारा एक स्लोगन बनकर रह गया है। बेटी बचाने का प्रयास नहीं किए जा रहा है। इसका ही परिणाम है कि लगातार बेटियों की संख्या में गिरावट आ रही है।
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विगत वर्ष के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो एक वर्ष में 1479 बेटियां बेटों की अपेक्षा कम रही हैं। जलेसर ब्लॉक बेटियों के मामले में सबसे अव्वल है।
विगत वर्ष के आंकड़े बताते हैं कि जिले में 16102 बेटे और 14623 बेटियों ने जन्म लिया था। इसका अंतर 1479 बेटियों का रहा। जिसमें जलेसर ब्लॉक में लड़कों की अपेक्षा 62 लड़कियां ज्यादा रहीं।
वहीं अलीगंज में बेटों की तुलना में 462 बेटियों कम जन्मीं स्त्री एवं प्रसूता विशेषज्ञ डा. निधि गुप्ता का कहना है कि समाज में जागरूकता की कमी के कारण बेटियों में आ रहे अंतर को कम नहीं होने दे रहा है।
सीएमएस डा. प्रदीप कुमार का कहना है कि जन्म के दौरान बेटियों में आने वाले अंतर की वजह समाज में जागरूकता की कमी और लिंग परीक्षण के बाद भ्रूण हत्या है। बेटा-बेटी के बीच फर्क समझने की मानसिकता में बदलाव जरूरी है।
विगत वर्ष के आंकड़े बताते हैं कि जिले में 16102 बेटे और 14623 बेटियों ने जन्म लिया था। इसका अंतर 1479 बेटियों का रहा। जिसमें जलेसर ब्लॉक में लड़कों की अपेक्षा 62 लड़कियां ज्यादा रहीं।
वहीं अलीगंज में बेटों की तुलना में 462 बेटियों कम जन्मीं स्त्री एवं प्रसूता विशेषज्ञ डा. निधि गुप्ता का कहना है कि समाज में जागरूकता की कमी के कारण बेटियों में आ रहे अंतर को कम नहीं होने दे रहा है।
सीएमएस डा. प्रदीप कुमार का कहना है कि जन्म के दौरान बेटियों में आने वाले अंतर की वजह समाज में जागरूकता की कमी और लिंग परीक्षण के बाद भ्रूण हत्या है। बेटा-बेटी के बीच फर्क समझने की मानसिकता में बदलाव जरूरी है।
इन आंकड़ों करें गौर
जिले में कुल बेटों की संख्या 16102
जिले में कुल बेटियों की संख्या 14623
ब्लॉक बेटा बेटी
अलीगंज 2098 1636
अवागढ 1596 1497
जिला अस्प. 1957 1808
जैथरा 2033 1937
जलेसर 2176 2238
मारहरा 1366 1278
निधौली कलां 1282 1099
शीतलपुर 1848 1589
सकीट 1746 1541
जिले में कुल बेटियों की संख्या 14623
ब्लॉक बेटा बेटी
अलीगंज 2098 1636
अवागढ 1596 1497
जिला अस्प. 1957 1808
जैथरा 2033 1937
जलेसर 2176 2238
मारहरा 1366 1278
निधौली कलां 1282 1099
शीतलपुर 1848 1589
सकीट 1746 1541