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UP: पार्ट टाइम पीएचडी के नियमों में बड़ा बदलाव, बिना नाैकरी करे भी बन सकेंगे शोधार्थी; जानें प्रवेश प्रक्रिया
Sun, 12 Apr 2026 10:57 AM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sun, 12 Apr 2026 10:57 AM IST
सार
पीएचडी के लिए अभ्यर्थी 20 अप्रैल तक आवेदन कर सकेंगे, जबकि 25 अप्रैल तक आवेदन की हार्ड कॉपी विवि में जमा करनी होगी। विश्वविद्यालय की ओर से छात्रों की अधिक संख्या और कई के आवेदन से वंचित रह जाने के कारण तिथि बढ़ाने का फैसला लिया गया है।
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आगरा विश्वविद्यालय।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने शोधार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत अब ऐसे छात्र भी पार्ट टाइम पीएचडी कर सकेंगे जो किसी नौकरी में नहीं हैं। पहले यह सुविधा केवल नौकरीपेशा अभ्यर्थियों तक सीमित थी।
विश्वविद्यालय की रिसर्च एडवाइजरी कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया। डीन रिसर्च प्रो. बीपी सिंह ने बताया कि नए नियम के तहत अब छात्र निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर पार्ट टाइम पीएचडी में प्रवेश ले सकेंगे। जो भी छात्र प्रवेश परीक्षा पास करता है वो इसका फायदा उठा सकता है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय बड़ी संख्या में उन छात्रों के लिए फायदेमंद होगा जो नियमित पीएचडी नहीं कर पा रहे थे।
इस बीच विश्वविद्यालय ने पीएचडी 2026 के आवेदन की अंतिम तिथि भी बढ़ा दी है। अब अभ्यर्थी 20 अप्रैल तक आवेदन कर सकेंगे, जबकि 25 अप्रैल तक आवेदन की हार्ड कॉपी विवि में जमा करनी होगी। प्रो. सिंह ने बताया कि छात्रों की अधिक संख्या और कई के आवेदन से वंचित रह जाने के कारण तिथि बढ़ाने का फैसला लिया गया है। अब तक करीब 3900 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं और संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
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विश्वविद्यालय की रिसर्च एडवाइजरी कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया। डीन रिसर्च प्रो. बीपी सिंह ने बताया कि नए नियम के तहत अब छात्र निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर पार्ट टाइम पीएचडी में प्रवेश ले सकेंगे। जो भी छात्र प्रवेश परीक्षा पास करता है वो इसका फायदा उठा सकता है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय बड़ी संख्या में उन छात्रों के लिए फायदेमंद होगा जो नियमित पीएचडी नहीं कर पा रहे थे।
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इस बीच विश्वविद्यालय ने पीएचडी 2026 के आवेदन की अंतिम तिथि भी बढ़ा दी है। अब अभ्यर्थी 20 अप्रैल तक आवेदन कर सकेंगे, जबकि 25 अप्रैल तक आवेदन की हार्ड कॉपी विवि में जमा करनी होगी। प्रो. सिंह ने बताया कि छात्रों की अधिक संख्या और कई के आवेदन से वंचित रह जाने के कारण तिथि बढ़ाने का फैसला लिया गया है। अब तक करीब 3900 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं और संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
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100 सुपरवाइजर भी बढ़े
रिसर्च व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सुपरवाइजर्स (रिसर्च गाइड) की संख्या भी बढ़ाई गई है। पहले जहां 350 सुपरवाइजर थे, अब उनकी संख्या बढ़ाकर 450 कर दी गई है, जिससे अधिक शोधार्थियों को मार्गदर्शन मिल सकेगा।
24 मई परीक्षा प्रस्तावित
प्रो. सिंह ने बताया कि पीएचडी प्रवेश परीक्षा की तिथि भी प्रस्तावित तय की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से ये निर्णय लिया गया है कि प्रवेश परीक्षा 24 मई को कराई जाए। हालांकि यह अभी प्रस्तावित है।
रिसर्च व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सुपरवाइजर्स (रिसर्च गाइड) की संख्या भी बढ़ाई गई है। पहले जहां 350 सुपरवाइजर थे, अब उनकी संख्या बढ़ाकर 450 कर दी गई है, जिससे अधिक शोधार्थियों को मार्गदर्शन मिल सकेगा।
24 मई परीक्षा प्रस्तावित
प्रो. सिंह ने बताया कि पीएचडी प्रवेश परीक्षा की तिथि भी प्रस्तावित तय की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से ये निर्णय लिया गया है कि प्रवेश परीक्षा 24 मई को कराई जाए। हालांकि यह अभी प्रस्तावित है।