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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Now platelets plasma will not have to go outside the district facility started in Kasganj

Kasganj: अब प्लेटलेट्स, प्लाज्मा के लिए नहीं जाना पड़ेगा जिले से बाहर, शुरू हुई ये सुविधा

Fri, 03 Mar 2023 01:52 AM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 03 Mar 2023 01:52 AM IST
सार

अभी तक मरीजों को प्लेटलेट्स,  प्लाज्मा के लिए दूसरे शहर जाना पड़ता था, लेकिन अब जिला अस्पताल में ये सुविधा शुरू हो गई है।
 

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विस्तार

कासगंज के मरीजों को प्लेटलेट्स और प्लाज्मा के लिए बाहरी जनपद नहीं जाना पड़ेगा। एक यूनिट रक्त से चार मरीजों की जान बच सकेगी। ब्लड कंपोनेंट यूनिट के लिए मशीनें आना शुरू हो गई हैं। यूनिट चालू होने के बाद एक दिन में 25 मरीजों को कंपानेंट चढ़ाए जाने की सुविधा मिल जाएगी।

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जिला अस्पताल में अभी तक ब्लड बैंक की ही सुविधा है। इसमें ब्लड बैंक में जमा होने वाले रक्त की एक यूनिट एक ही व्यक्ति के काम आ सकती है। ब्लड से प्लेटलेट्स, प्लाज्मा, पीआरबीसी, व क्रॉयोप्रेसीपिटेट कंपोनेंट को अलग करके प्रयोग में लाने के लिए शासन से जिला अस्पताल में इस यूनिट की स्थापना को मंजूरी दी गई। जिला अस्पताल पर संचालित होने वाली ब्लड बैंक के समीप ही इस यूनिट को स्थापित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जगह चिह्नित की गई।
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इसके लिए शासन से 26 लाख रुपये का बजट स्वीकृत कर अवमुक्त किया गया। दिसंबर तक इस कार्य को पूरा करने के निर्देश शासन से दिए गए। विभाग ने इस यूनिट को संचालित करने के लिए तीन माह पहले भवन तैयार कराने के साथ ही बिजली फिटिंग का कार्य भी पूरा करा लिया। यूनिट बन जाने के बाद दो माह से मशीनों का इंतजार किया जा रहा था। यह इंतजार खत्म हो गया। शासन से मशीनें आना शुरू हो गई हैं। एक मशीन जिला अस्पताल पहुंच चुकी है। अभी चार मशीनें और आएंगी।

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कंपोनेंट की इन रोगियों को होती है जरूरत

सामान्य खून की कमी वाले मरीजों को पीआरबीसी, जलने के कारण गंभीर हुए मरीजों व कोरोना के मरीजों को प्लाज्मा चढ़ाने की जरूरत होती है। जबकि डेंगू व अन्य संक्रमण वाले मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाकर बचाया जा सकता है। वहीं क्रॉयोप्रेसीपिटेट का उपयोग हीमोफीलिया या वॉन विलेब्रांड रोग के कारण रक्तस्राव के इलाज के लिए किया जाता है। सीएमएस डॉ. संजीव सक्सेना ने बताया कि जिले में ब्लड कंपानेंट यूनिट के लिए मशीनें आना शुरू हो गई हैं। अभी एक मशीन आई है। यूनिट में पांच मशीनें लगनी हैं। यूनिट चालू हो जाने पर एक दिन में 25 मरीजों को लाभ मिलेगा।

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