{"_id":"5e3e8ad28ebc3ee5972ac356","slug":"notice-to-10-policemen-including-ssp-mathura-for-negligence-in-kidnapping-case","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"डॉक्टर के अपहरण में लीपापोती पर मथुरा एसएसपी सहित 10 पुलिसकर्मियों को नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डॉक्टर के अपहरण में लीपापोती पर मथुरा एसएसपी सहित 10 पुलिसकर्मियों को नोटिस
Sat, 08 Feb 2020 03:47 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 08 Feb 2020 03:47 PM IST
विज्ञापन
अपहरण
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा में हड्डी रोग विशेषज्ञ के अपहरण के बाद फिरौती तक हो जाने के बावजूद की गई लीपापोती के मामले में आईजी रेंज ए सतीश गणेश ने जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने मथुरा के एसएसपी शलभ माथुर, एसपी सिटी सहित दस को नोटिस जारी कर बयान देने के लिए बुलाया गया है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि अपहरण 10 दिसंबर को हुआ था। बदमाशों ने डॉक्टर को ढाई घंटे बाद छोड़ दिया था। हाईवे थाना क्षेत्र में 52 लाख की फिरौती वसूली गई थी। पत्नी फिरौती लाई थी। बदमाश क्रेटा गाड़ी से आए थे। गिरोह में एक युवक मेरठ का था।
डॉक्टर ने तीन दिन बाद दोस्त को जानकारी दी। दोस्त ने पुलिस को बताया। पुलिस ने बदमाशों की तलाश की। अपहरण करने वाले बदमाशों ने 19 से 25 जनवरी के बीच डॉक्टर से रंगदारी मांगी। इसकी सूचना भी पुलिस को दी गई। पुलिस ने मोबाइल सर्विलांस पर लगाया।
विज्ञापन
पता चला कि बदमाशों ने ग्रेटर नोएडा के छात्र से मोबाइल मांगकर कॉल की थी। छात्र ने बदमाशों की कार का नंबर नोट किया। इसकी जानकारी मथुरा पुलिस को दी। कार मेरठ के एक सैन्य अधिकारी के बेटे की निकली। पुलिस ने उसे मेरठ में दबिश देकर हिरासत में ले लिया।
विज्ञापन
पुलिस सूत्रों ने बताया कि अपहरण 10 दिसंबर को हुआ था। बदमाशों ने डॉक्टर को ढाई घंटे बाद छोड़ दिया था। हाईवे थाना क्षेत्र में 52 लाख की फिरौती वसूली गई थी। पत्नी फिरौती लाई थी। बदमाश क्रेटा गाड़ी से आए थे। गिरोह में एक युवक मेरठ का था।
विज्ञापन
डॉक्टर ने तीन दिन बाद दोस्त को जानकारी दी। दोस्त ने पुलिस को बताया। पुलिस ने बदमाशों की तलाश की। अपहरण करने वाले बदमाशों ने 19 से 25 जनवरी के बीच डॉक्टर से रंगदारी मांगी। इसकी सूचना भी पुलिस को दी गई। पुलिस ने मोबाइल सर्विलांस पर लगाया।
विज्ञापन
पता चला कि बदमाशों ने ग्रेटर नोएडा के छात्र से मोबाइल मांगकर कॉल की थी। छात्र ने बदमाशों की कार का नंबर नोट किया। इसकी जानकारी मथुरा पुलिस को दी। कार मेरठ के एक सैन्य अधिकारी के बेटे की निकली। पुलिस ने उसे मेरठ में दबिश देकर हिरासत में ले लिया।
एक आरोपी ने वापस की फिरौती की रकम
उसने कहा कि उसे छोड़ दें, वो फिरौती की रकम में से अपने हिस्से के 15 लाख दे देगा। पुलिस ने उससे रकम ले ली। यह डॉक्टर को दिला दी। इसके बाद पूरा मामला रफा-दफा कर दिया। न अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की और न सैन्य अधिकारी के बेटे को हिरासत में लेने की, न फिरौती की रकम वापस कराने की।
एडीजी जोन अजय आनंद के पास इसकी जानकारी आई तो उन्होंने जांच के आदेश दिए। अब आईजी ने नोटिस जारी कर मथुरा पुलिस के अफसरों से जवाब मांगा है। इनमें रिफाइनरी के सीओ और हाईवे थाना के एसएचओ भी शामिल हैं।
इनका देना होगा जवाब
- जानकारी है कि पुलिस ने बदमाशों की सीडीआर निकलवाई थी, पूछा जाएगा कि यह क्यों निकलवाई?
- अपहरण की जानकारी के बाद केस दर्ज क्यों नहीं किया गया?
- फिरौती हो जाने की जानकारी पर आला अफसरों को क्यों नहीं बताया गया?
- बाद में बदमाश पकड़े गए तो उनसे किस किसने क्या क्या पूछताछ की और बगैर लिखापढ़ी के कैसे छोड़ दिया?
एडीजी जोन अजय आनंद के पास इसकी जानकारी आई तो उन्होंने जांच के आदेश दिए। अब आईजी ने नोटिस जारी कर मथुरा पुलिस के अफसरों से जवाब मांगा है। इनमें रिफाइनरी के सीओ और हाईवे थाना के एसएचओ भी शामिल हैं।
इनका देना होगा जवाब
- जानकारी है कि पुलिस ने बदमाशों की सीडीआर निकलवाई थी, पूछा जाएगा कि यह क्यों निकलवाई?
- अपहरण की जानकारी के बाद केस दर्ज क्यों नहीं किया गया?
- फिरौती हो जाने की जानकारी पर आला अफसरों को क्यों नहीं बताया गया?
- बाद में बदमाश पकड़े गए तो उनसे किस किसने क्या क्या पूछताछ की और बगैर लिखापढ़ी के कैसे छोड़ दिया?