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पंचायतों ने नहीं दिए अभिलेख, नोटिस
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मैनपुरी। ग्राम पंचायतों के ऑडिट के लिए पंचायत राज विभाग के 114 पंचायत सचिवों ने अभिलेख ऑडिटर को उपलब्ध नहीं कराए। इस पर डीपीआरओ ने सभी 114 सचिवों को नोटिस जारी किया है। तीन दिन में अभिलेख उपलब्ध न कराने पर उनके विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए ग्राम पंचायतों का ऑडिट कराया जा रहा है। इस बार ये ऑडिट ऑनलाइन ही किया जाना है। इसके चलते सभी पंचायत सचिवों को अभिलेख ब्लॉक ऑडिटर को उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए थे। दिसंबर के प्रथम सप्ताह तक हर हाल में अभिलेख उपलब्ध कराए जाने थे। लेकिन पंचायत सचिवों की मनमानी के चलते 114 ग्राम पंचायतों ने अभिलेख उपलब्ध ही नहीं कराए। इससे ऑडिट कार्य बाधित हो गया है।
मामले की जानकारी जिला पंचायत राज अधिकारी को दी गई थी। इस पर जिला पंचायत राज अधिकारी स्वामीदीन ने संबंधित ग्राम पंचायतों को नोटिस जारी किया है। तीन दिन में अभिलेख उपलब्ध न कराने पर उनके विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
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शासकीय धनराशि के दुरुपयोग के होंगे दोषी
जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि ग्राम पंचायतों में ऑडिट वित्तीय लेनदेन की जांच के लिए किया जाता है। अगर पंचायत सचिव अभिलेख नहीं देते हैं, ऐसे में ये माना जाएगा कि कहीं न कहीं ग्राम पंचायत में शासकीय धनराशि का दुरुपयोग किया गया है। इसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
सचिवों को ऑडिट के लिए अभिलेख उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए थे। इसके बाद भी लापरवाही की गई। कुल 114 ग्राम पंचायतों के सचिवों को नोटिस जारी कर अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद भी अभिलेख न देने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
स्वामीदीन, डीपीआरओ
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वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए ग्राम पंचायतों का ऑडिट कराया जा रहा है। इस बार ये ऑडिट ऑनलाइन ही किया जाना है। इसके चलते सभी पंचायत सचिवों को अभिलेख ब्लॉक ऑडिटर को उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए थे। दिसंबर के प्रथम सप्ताह तक हर हाल में अभिलेख उपलब्ध कराए जाने थे। लेकिन पंचायत सचिवों की मनमानी के चलते 114 ग्राम पंचायतों ने अभिलेख उपलब्ध ही नहीं कराए। इससे ऑडिट कार्य बाधित हो गया है।
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मामले की जानकारी जिला पंचायत राज अधिकारी को दी गई थी। इस पर जिला पंचायत राज अधिकारी स्वामीदीन ने संबंधित ग्राम पंचायतों को नोटिस जारी किया है। तीन दिन में अभिलेख उपलब्ध न कराने पर उनके विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
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शासकीय धनराशि के दुरुपयोग के होंगे दोषी
जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि ग्राम पंचायतों में ऑडिट वित्तीय लेनदेन की जांच के लिए किया जाता है। अगर पंचायत सचिव अभिलेख नहीं देते हैं, ऐसे में ये माना जाएगा कि कहीं न कहीं ग्राम पंचायत में शासकीय धनराशि का दुरुपयोग किया गया है। इसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
सचिवों को ऑडिट के लिए अभिलेख उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए थे। इसके बाद भी लापरवाही की गई। कुल 114 ग्राम पंचायतों के सचिवों को नोटिस जारी कर अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद भी अभिलेख न देने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
स्वामीदीन, डीपीआरओ