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यूपी-100, वीमेन पावर लाइन के कायल हुए पूर्वोत्तर के पुलिसकर्मी, बोले- गजब है यह व्यवस्था
Fri, 19 Jul 2019 03:16 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 19 Jul 2019 03:16 PM IST
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पूर्वोत्तर से आए पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
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नागालैंड, असम और मेघालय से प्रशिक्षु दरोगा और डिप्टी एसपी यूपी- 100 और वीमेन पावर लाइन 1090 के कायल हो गए। उन्होंने कहा कि यह गजब है कि पूरे प्रदेश में कहीं से भी फोन करने पर बताए गए स्थान पर पुलिस 15 से 20 मिनट में पहुंच जाती है।
पूर्वोत्तर के राज्यों का एक दल गुरुवार को आगरा पहुंचा। इस दल में 29 दरोगा और एक डिप्टी एसपी हैं। ये सभी शिलोंग के पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण ले रहे हैं। केंद्र सरकार के भारत दर्शन कार्यक्रम के तहत आगरा और यूपी की पुलिसिंग देखने के लिए आए हैं।
उन्होंने आगरा पुलिस के कंट्रोल रूम और पेशी की व्यवस्थाएं भी देखीं। प्रशिक्षण केंद्र से सहायक निदेशक जितेंद्र पांडेय ने बताया कि पूर्वोत्तर और यूपी की पुलिसिंग में सबसे बड़ा फर्क यूपी 100 और 1090 का ही नजर आया।
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पूर्वोत्तर के राज्यों का एक दल गुरुवार को आगरा पहुंचा। इस दल में 29 दरोगा और एक डिप्टी एसपी हैं। ये सभी शिलोंग के पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण ले रहे हैं। केंद्र सरकार के भारत दर्शन कार्यक्रम के तहत आगरा और यूपी की पुलिसिंग देखने के लिए आए हैं।
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उन्होंने आगरा पुलिस के कंट्रोल रूम और पेशी की व्यवस्थाएं भी देखीं। प्रशिक्षण केंद्र से सहायक निदेशक जितेंद्र पांडेय ने बताया कि पूर्वोत्तर और यूपी की पुलिसिंग में सबसे बड़ा फर्क यूपी 100 और 1090 का ही नजर आया।
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पूर्वोत्तर में पुलिस की मदद लेने के लिए जिलों के कंट्रोल रूम को ही सूचना दी जाती है। यहां एक लाख की आबादी पर एक थाने का मानक है, वहां 75 हजार पर है। कारण यह है कि वहां आबादी कम है।
हालांकि क्षेत्रफल ज्यादा है और काफी इलाका पहाड़ी भी है। वहां भी चोरी, लूट, हत्या की घटनाएं होती हैं लेकिन इसकी संख्या यूपी के मुकाबले बहुत कम है। वहां पुलिस के पास संसाधन भी कम हैं।
हालांकि क्षेत्रफल ज्यादा है और काफी इलाका पहाड़ी भी है। वहां भी चोरी, लूट, हत्या की घटनाएं होती हैं लेकिन इसकी संख्या यूपी के मुकाबले बहुत कम है। वहां पुलिस के पास संसाधन भी कम हैं।