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बिजली चोरी करने पर बिना जमानती वारंट जारी
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मैनपुरी। शहर की आवास विकास कॉलोनी में बिजली चोरी करने वाले शिवराज सिंह के खिलाफ स्पेशल जज ईसी एक्ट पूनम राजपूत ने गैर जमानती वारंट जारी कर दिए हैं। शिवराज के खिलाफ 16 साल पहले थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। स्पेशल जज ने शिवराज की गिरफ्तारी के लिए वारंट एसपी को भेजे हैं।
शहर की आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर दो में 22 जून 2006 को जेई राकेश, असलमुद्दीन की टीम ने चेकिंग की। घर में मिली महिला ने मालिक का नाम धर्मवीर बताया। उसके घर से बिजली चोरी में प्रयोग की जा रही 12 मीटर केबिल जब्त की। थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस विवेचना में पता चला कि धर्मवीर नाम का कोई आदमी नहीं है। इस दौरान शिवराज सिंह बिजली चोरी कर रहे थे। उनकी पत्नी ने चेकिंग करने वालों को गलत नाम बता दिया था।
पुलिस ने शिवराज सिंह के खिलाफ 23 अक्तूबर 2006 को चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। उसके बाद से शिवराज सिंह न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए। बिजली विभाग के वकील देवेंद्र सिंह कटारिया ने स्पेशल जज को बताया कि शिवराज के खिलाफ कई बार वारंट जारी किए जा चुके हैं। लेकिन पुलिस उसको पकड़ नहीं रही है। स्पेशल जज ईसी एक्ट पूनम राजपूत ने बिना जमानती वारंट जारी करके गिरफ्तारी के लिए एसपी को भेज दिए हैं।
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प्राचीनतम वादों में है शामिल
उच्च न्यायालय के प्राचीनतम वादों की लिस्ट के एक्शन प्लान में यह मुकदमा शामिल है। 15 साल पुराना मुकदमा होने के कारण स्पेशल जज
ईसी एक्ट पूनम राजपूत ने कड़ा रुख अपनाकर एसपी को पत्र भी लिखा है। शिवराज के बिना जमानती वारंट तामील कराने को कहा है। मुकदमे की सुनवाई के लिए 30 अप्रैल 2022 की तारीख तय कर दी है।
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शहर की आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर दो में 22 जून 2006 को जेई राकेश, असलमुद्दीन की टीम ने चेकिंग की। घर में मिली महिला ने मालिक का नाम धर्मवीर बताया। उसके घर से बिजली चोरी में प्रयोग की जा रही 12 मीटर केबिल जब्त की। थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस विवेचना में पता चला कि धर्मवीर नाम का कोई आदमी नहीं है। इस दौरान शिवराज सिंह बिजली चोरी कर रहे थे। उनकी पत्नी ने चेकिंग करने वालों को गलत नाम बता दिया था।
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पुलिस ने शिवराज सिंह के खिलाफ 23 अक्तूबर 2006 को चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। उसके बाद से शिवराज सिंह न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए। बिजली विभाग के वकील देवेंद्र सिंह कटारिया ने स्पेशल जज को बताया कि शिवराज के खिलाफ कई बार वारंट जारी किए जा चुके हैं। लेकिन पुलिस उसको पकड़ नहीं रही है। स्पेशल जज ईसी एक्ट पूनम राजपूत ने बिना जमानती वारंट जारी करके गिरफ्तारी के लिए एसपी को भेज दिए हैं।
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प्राचीनतम वादों में है शामिल
उच्च न्यायालय के प्राचीनतम वादों की लिस्ट के एक्शन प्लान में यह मुकदमा शामिल है। 15 साल पुराना मुकदमा होने के कारण स्पेशल जज
ईसी एक्ट पूनम राजपूत ने कड़ा रुख अपनाकर एसपी को पत्र भी लिखा है। शिवराज के बिना जमानती वारंट तामील कराने को कहा है। मुकदमे की सुनवाई के लिए 30 अप्रैल 2022 की तारीख तय कर दी है।