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अब और किसी जिले में बिजली का निजीकरण नहींः श्रीकांत
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 28 Apr 2017 09:36 PM IST
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आगरा के डीवीवीएनएल कार्यालय में ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने साफ किया है कि आगरा की तरह अब किसी अन्य जिले की बिजली निजी हाथों में नहीं दी जाएगी। सरकारी सिस्टम को ही दुरुस्त कर हर घर में बिजली पहुंचाने का कार्य किया जाएगा। इसके साथ ही बिजली चोरी रोकने के लिए 15 जून के बाद प्रदेश व्यापी अभियान चलेगा। प्रत्येक जिले में इसके लिए अलग से पुलिस थाना भी स्थापित किया जाएगा।
ऊर्जा मंत्री ने शुक्रवार को आगरा में दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) के हाईवे स्थित ऊर्जा भवन पर आगरा, अलीगढ़, झांसी, कानपुर और बांदा मंडल के 21 जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक की। प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि ‘वन टाइम सेटलमेंट’ (ओटीएस) योजना के तहत सरकार सभी उपभोक्ताओं को रेगुलर होने का मौका दे रही हैं।
सभी तरह के उपभोक्ता इस योजना का लाभ उठाते हुए अपने बकाया बिलों का भुगतान जमा कर सकते हैं। 15 जून तक चलने वाली इस योजना के बाद उपभोक्ताओं को रेगुलर होने का मौका नहीं दिया जाएगा। इसके बाद बिजली चोरी रोकने के लिए अभियान चलेगा। किसी को रियायत नहीं दी जाएगी। एफआईआर दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।
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ऊर्जा मंत्री बोले कि आगरा की तरह से प्रदेश के किसी अन्य जिलों की बिजली वितरण व्यवस्था का निजीकरण नहीं किया जाएगा। बता दें कि आगरा की बिजली व्यवस्था टोरंट पावर के पास है। इससे पूर्व ऊर्जा मंत्री ने बैठक में विभागीय अधिकारियों को पुरानी व्यवस्था भूल, नई सरकार के अनुरूप कामकाज में जुट जाने के लिए कहा।
इसके साथ ही प्रत्येक गांव में शाम सात बजे से सुबह पांच बजे तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कहा कि वह प्रदेश के किसी भी गांव में रात गुजार सकते हैं। ऐसे में कटौती मिली तो खैर नहीं। ग्रामीण क्षेत्रों में अब शिकायत मिलने के 48 घंटे के भीतर फूंका ट्रांसफार्मर बदलने की व्यवस्था लागू की गई है। इस दौरान प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय अग्रवाल, यूपीपीटीसीएल के एमडी विशाल चौहान, डीवीवीएनएल के एमडी सुधीर कुमार वर्मा आदि मौजूद थे।
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ऊर्जा मंत्री ने शुक्रवार को आगरा में दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) के हाईवे स्थित ऊर्जा भवन पर आगरा, अलीगढ़, झांसी, कानपुर और बांदा मंडल के 21 जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक की। प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि ‘वन टाइम सेटलमेंट’ (ओटीएस) योजना के तहत सरकार सभी उपभोक्ताओं को रेगुलर होने का मौका दे रही हैं।
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सभी तरह के उपभोक्ता इस योजना का लाभ उठाते हुए अपने बकाया बिलों का भुगतान जमा कर सकते हैं। 15 जून तक चलने वाली इस योजना के बाद उपभोक्ताओं को रेगुलर होने का मौका नहीं दिया जाएगा। इसके बाद बिजली चोरी रोकने के लिए अभियान चलेगा। किसी को रियायत नहीं दी जाएगी। एफआईआर दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।
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ऊर्जा मंत्री बोले कि आगरा की तरह से प्रदेश के किसी अन्य जिलों की बिजली वितरण व्यवस्था का निजीकरण नहीं किया जाएगा। बता दें कि आगरा की बिजली व्यवस्था टोरंट पावर के पास है। इससे पूर्व ऊर्जा मंत्री ने बैठक में विभागीय अधिकारियों को पुरानी व्यवस्था भूल, नई सरकार के अनुरूप कामकाज में जुट जाने के लिए कहा।
इसके साथ ही प्रत्येक गांव में शाम सात बजे से सुबह पांच बजे तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कहा कि वह प्रदेश के किसी भी गांव में रात गुजार सकते हैं। ऐसे में कटौती मिली तो खैर नहीं। ग्रामीण क्षेत्रों में अब शिकायत मिलने के 48 घंटे के भीतर फूंका ट्रांसफार्मर बदलने की व्यवस्था लागू की गई है। इस दौरान प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय अग्रवाल, यूपीपीटीसीएल के एमडी विशाल चौहान, डीवीवीएनएल के एमडी सुधीर कुमार वर्मा आदि मौजूद थे।