लापरवाही: 10 महीने में नहीं भेजी तालाबों पर कब्जों की सूचना, नगरायुक्त बोले-कोरोना के कारण प्रभावित हुआ काम
हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद नगर निगम ने 21 तालाबों की 20 हेक्टेयर भूमि का सर्वे नहीं कराया। एडीएम वित्त एवं राजस्व चार बार नगरायुक्त को पत्र लिख चुके हैं फिर भी तालाबों पर कब्जे चिह्नित नहीं किए हैं।
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धरती की कोख सूख रही है लेकिन शहर में तालाबों का पुर्नउद्धार नहीं हो सका। नगर निगम की लापरवाही से 21 तालाबों की 20 हेक्टेयर भूमि खुदबुर्द हो रही है और अधिकारियों की आंखें नहीं खुल रहीं। 11 महीने से राजस्व विभाग तालाबों पर हुए अवैध कब्जे, निर्माणों की सूचना मांग रहा है लेकिन नगर निगम ने प्रशासन को रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई। नगरायुक्त कोरोना से काम प्रभावित होना बता रहे हैं।
नगर निगम के रिकार्ड में 42 तालाब हैं। जिनमें 21 तालाब राजस्व भू अभिलेखों में दर्ज हैं। इन तालाबों को पाट दिया गया या बेशकीमती तालाब भूमि पर बिल्डिंगें खड़ी हो गई। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद नगर निगम ने 21 तालाबों की 20 हेक्टेयर भूमि का सर्वे नहीं कराया।
एडीएम वित्त एवं राजस्व चार बार नगरायुक्त को पत्र लिख चुके हैं फिर भी तालाबों पर कब्जे चिह्नित नहीं किए हैं। संजय प्लेस में कॉसमास मॉल के पास गाटा संख्या 1 में 7890 वर्ग मीटर तालाब भूमि पर उद्यान विभाग का कब्जा है। यहां पौधशाला बन गई है। नगर निगम बेखबर है। जबकि तालाब राजस्व रिकार्ड में 1952 से दर्ज है। नेहरू नगर पार्क के सामने तालाब पर अवैध निर्माण के लिए ईंट, चंबल, गिट्टी व निर्माण सामग्री पड़ी है। कोरोना कर्फ्यू की आड़ में यहां कब्जे की साजिश हो सकती है।
कोठी मीना बाजार, सीओडी कॉलोनी, चिंताहरण, गुरुद्वारा गुरू का ताल समेत शहर में कई ऐसे तालाब हैं जो नगर निगम और प्रशासन की लापरवाही से विलुप्त होने के कगार पर पहुंच गए हैं। तालाबों पर कब्जों से शहर में जगह-जगह जलभराव हो रहा है। इधर, बूंद-बूंद पानी के लिए शहर तरस रहा है।
करवा रहे हैं तालाबों का सर्वे
तालाबों का सर्वे कराया जा रहा है। कई तालाब चिह्नित किए हैं। 21 तालाबों की सूचना प्रशासन को उपलब्ध कराई जाएगी। संजय प्लेस तालाब की जानकारी नहीं। इस संबंध में जांच कराएंगे। कब्जा हटाने के लिए अभियान भी चलाया जाएगा।- निखिल टीकाराम फुंडे, नगरायुक्त
रायभा में तालाब से हटेंगे धर्मस्थल
किरावली तहसील के रायभा गांव में गाटा संख्या 1128 में तालाब पर भूमाफिया की नजर है। इसे पुर्नजीवित कराने के लिए एडवोकेट सुरेश चंद सोनी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की। कोर्ट ने जिलाधिकारी को आदेश दिए हैं। शनिवार को एडीएम वित्त योगेंद्र कुमार के निर्देश पर एसडीएम किरावली ने एक टीम रायभा भेजी। तालाब में मौके पर धर्मस्थल बने मिले। धर्मस्थल को हटाने के लिए टीम ने प्रबंधक को नोटिस जारी किया है। एडीएम वित्त योगेंद्र कुमार ने बताया कि तालाब को जल्द पुराने स्वरूप में लौटाया जाएगा।
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